क्या बेंगलुरु में मेट्रो किराया बढ़ोतरी के खिलाफ तेजस्वी सूर्या का विरोध सही है?
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी सूर्या ने मेट्रो किराया बढ़ोतरी का विरोध किया।
- फरवरी में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
- बेंगलुरु मेट्रो की यात्रा दिल्ली, चेन्नई से महंगी है।
- सूबे की सरकार पर जनता का शोषण करने का आरोप।
- आवश्यकता है कि सरकार जनहित में फैसले ले।
बेंगलुरु, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) द्वारा प्रस्तावित मेट्रो किराया बढ़ोतरी का विरोध किया।
उन्होंने इसे सामान्य जनता के खिलाफ बताते हुए कहा कि यदि फरवरी में किराया बढ़ाया गया तो भाजपा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेगी।
शनिवार को अपने संसदीय आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी सूर्या ने कहा कि बीएमआरसीएल का फरवरी से किराए में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला पूरी तरह अस्वीकृत है।
उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु मेट्रो अब देश की सबसे महंगी मेट्रो बन चुकी है, जिससे आम जनता इसका उपयोग करने से हिचक रही है।
तेजस्वी सूर्या ने कहा, "दिल्ली, चेन्नई और कोच्चि की मेट्रो से तुलना करें तो वहां 10 किलोमीटर की यात्रा का किराया काफी कम है, जबकि बेंगलुरु में यह लगभग दोगुना है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और बीएमआरसीएल जनता का शोषण कर रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में ऑरेंज लाइन मेट्रो परियोजना में गंभीर देरी हो रही है, जिसकी जिम्मेदारी बीएमआरसीएल को लेनी चाहिए।
सूर्या ने बताया कि पहले भी किराया निर्धारण समिति के फैसले को गलत बताया गया था, लेकिन बीएमआरसीएल ने उस पर ध्यान नहीं दिया।
तेजस्वी सूर्या ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राज्य सरकार से राजनीति छोड़कर जनता के साथ खड़े होने की अपील की।
उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत केंद्र सरकार को पत्र लिखकर किराया निर्धारण समिति का पुनर्गठन कराए। बेंगलुरु के सभी सांसद उनके साथ हैं।
सांसद ने चेतावनी दी, "अगर फरवरी में किराया बढ़ाया गया, तो भाजपा हर मेट्रो स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी।"
उन्होंने राज्य सरकार को यह भी कहा कि किराया बढ़ोतरी के लिए केंद्र पर जिम्मेदारी डालना बंद करे।
तेजस्वी सूर्या ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा किसी भी हालत में इस 'जन-विरोधी और अवैज्ञानिक' किराया बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं करेगी और बेंगलुरु की जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।