राम मंदिर चंदा विवाद: निशिकांत दुबे बोले — जो राम को काल्पनिक मानते थे, वही आज बयानबाजी कर रहे
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले पर विपक्ष की आलोचनाओं के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार किया है। 22 जून 2026 को भागलपुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो दल कल तक भगवान राम को काल्पनिक बताते थे, वे आज इस मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं। उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण की जाँच के लिए एसआईटी गठित कर दी है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
निशिकांत दुबे का विपक्ष पर हमला
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकारों में राम भक्तों पर गोलियाँ तक चलाई गई थीं। उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस के लिए गांधी परिवार ही सर्वोच्च है, जबकि भाजपा के लिए राम, कृष्ण और अन्य देवी-देवता आस्था का केंद्र हैं। दुबे ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने कभी 'भारत माता की जय' नहीं कहा और यह व्यक्तिवाद की पूजा करने वाली पार्टी है — एक आरोप जो नेहरू काल से उनके अनुसार चला आ रहा है।
बंगाल विभाजन पर ऐतिहासिक दावे
दुबे ने अपने एक लेख का हवाला देते हुए कहा कि 5 मार्च 1947 को कांग्रेस ने बंगाल विभाजन का प्रस्ताव पारित किया था। उनके अनुसार, कोलकाता से नोआखली तक हिंदू-मुस्लिम दंगों और भीषण रक्तपात के बावजूद तत्कालीन नेतृत्व ने प्रधानमंत्री पद की महत्वाकांक्षा के चलते भौगोलिक वास्तविकताओं को नजरअंदाज कर भारत का बँटवारा कराया। उन्होंने बताया कि बंगाल विधानसभा में कांग्रेस के सभी हिंदू और मुस्लिम विधायकों ने विभाजन के पक्ष में मतदान किया। इसके बाद 30 जून 1947 को जस्टिस विपिन कुमार मुखर्जी के नेतृत्व में एक बँटवारा आयोग बना, जिसने मात्र 30 दिन में रिपोर्ट सौंपी और 19 अगस्त 1947 को माउंटबेटन के आदेश से यह लागू हो गया। दुबे ने दावा किया कि इसी निर्णय के कारण आज भारत चिकन नैक से लेकर चौबीस परगना, असम, त्रिपुरा और मेघालय तक बांग्लादेश से सीमा विवादों का सामना कर रहा है।
बिहार एनकाउंटर और पाकिस्तान पर रुख
बिहार के भोजपुर एनकाउंटर मामले पर दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जाँच के आदेश दे दिए हैं और जाँच पूरी होने से पहले इसे 'फर्जी' या 'असली' करार देना उचित नहीं होगा। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री पर भरोसा जताने की अपील की। पाकिस्तान की ओर से आई धमकियों पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के तहत पानी नहीं मिलेगा।
ओवैसी की अपील पर प्रतिक्रिया
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की गई अपील पर दुबे ने कहा कि ओवैसी उनके मित्र हैं, लेकिन अवैध रूप से बनाए गए धार्मिक स्थलों पर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ओवैसी को इस कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए, विरोध नहीं।
आगे क्या
राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण में एसआईटी की जाँच जारी है और जल्द ही प्रारंभिक निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है। यह विवाद आगामी दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है, खासकर तब जब सत्तारूढ़ और विपक्षी दल दोनों अपनी-अपनी आस्था और जवाबदेही की दलीलें तेज कर रहे हैं।