2 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावे के आभूषण दुकानों में बिके? संतोष दुबे का चंपत राय पर आरोप, योगी से जांच की मांग

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राम मंदिर चढ़ावे के आभूषण दुकानों में बिके? संतोष दुबे का चंपत राय पर आरोप, योगी से जांच की मांग

सारांश

राम मंदिर में चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण अयोध्या की दुकानों में बिकने का गंभीर आरोप — धर्म सेना भारत प्रमुख संतोष दुबे ने पूर्व महासचिव चंपत राय पर निशाना साधा और CM योगी से तत्काल जांच व पुलिस अधिकारियों को हटाने की माँग की।

मुख्य बातें

धर्म सेना भारत प्रमुख संतोष दुबे ने 2 जुलाई 2026 को आरोप लगाया कि राम मंदिर का चढ़ावा अयोध्या की दुकानों में कथित तौर पर बेचा जा रहा था।
पूर्व महासचिव चंपत राय पर आरोप — दुबे ने कहा कि राय पिछले आठ साल से इन दुकानों की देखरेख करते थे।
मुख्य आरोपी टिन्नू यादव का नाम लिया गया, जो कथित तौर पर दुकानदारों के संपर्क में था।
CM योगी आदित्यनाथ से राम जन्मभूमि थाने के एसएचओ को तुरंत हटाने और निष्पक्ष जांच की माँग।
अयोध्या में कीमती धातुओं और रत्नों के व्यापारियों की संपत्ति जांच की भी अपील की गई।

धर्म सेना भारत के प्रमुख और पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने 2 जुलाई 2026 को यह गंभीर आरोप लगाया कि राम मंदिर, अयोध्या में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं कथित तौर पर अयोध्या की दुकानों में बेची जा रही थीं। दुबे ने आरोप लगाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को इस कथित गतिविधि की जानकारी थी।

आरोप का केंद्र: क्या हुआ कथित तौर पर

संतोष दुबे ने कहा, 'अयोध्या में कई दुकानें हैं जहाँ कीमती धातुएं बेची जाती हैं। पिछले आठ साल से चंपत राय इन दुकानों की देखरेख करते थे।' उन्होंने दावा किया कि 'मंदिर के अंदर चढ़ाए गए आभूषण — जैसे सोने-चांदी के गहने और कीमती रत्न — इन दुकानों में भेजे जाते थे।' दुबे ने स्पष्ट किया कि यह जानकारी उन्हें 'अंदर के स्रोतों' से मिली है।

यह ध्यान देने योग्य है कि ये आरोप अभी तक सत्यापित नहीं हुए हैं और चंपत राय या ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मुख्य आरोपी और जांच की मांग

दुबे ने बताया कि इस कथित चोरी में मुख्य आरोपी टिन्नू यादव है, जो उन दुकानदारों के संपर्क में था जहाँ चोरी के रत्न और आभूषण लाकर बेचे जाते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'चोर अभी अयोध्या में ही हैं, बाहर से कोई नहीं है।' दुबे ने माँग की कि अयोध्या में कीमती धातुओं और रत्नों का व्यापार करने वाले व्यापारियों की संपत्ति और कारोबार की गहन जांच की जाए।

पुलिस अधिकारियों को हटाने की अपील

संतोष दुबे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि राम जन्मभूमि थाने के वर्तमान अधिकारियों को तुरंत हटाया जाए। उनका तर्क था कि 'राम जन्मभूमि थाने के एसएचओ को तुरंत हटाया जाए, क्योंकि वह कार्रवाई नहीं करेंगे, बल्कि आरोपों को मैनेज करेंगे।' दुबे ने चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो निष्पक्ष जांच संभव नहीं होगी और इन पुलिस अधिकारियों की वजह से सरकार की बदनामी हो रही है।

मामले का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि राम मंदिर, अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से देशभर से लाखों श्रद्धालु चढ़ावा लेकर आते हैं, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और कीमती रत्न शामिल होते हैं। ट्रस्ट की चढ़ावा-प्रबंधन प्रणाली पर यह पहली बार इतने गंभीर आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए गए हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है।

आगे क्या होगा

अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय या उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि जांच के आदेश दिए जाते हैं, तो अयोध्या में कीमती धातुओं के व्यापारियों और ट्रस्ट की आंतरिक प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा हो सकती है। इस मामले में न्यायिक या प्रशासनिक जांच की दिशा अगले कुछ दिनों में स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ट्रस्ट की प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़ा सवाल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जवाबदेही को लेकर पहले से ही विभिन्न हलकों में सवाल उठते रहे हैं। आरोप लगाने वाले संतोष दुबे स्वयं एक पक्षधर व्यक्ति हैं, और चंपत राय या ट्रस्ट की ओर से कोई खंडन सामने नहीं आया है — ऐसे में सरकार की प्रतिक्रिया और जांच की दिशा ही तय करेगी कि यह मामला राजनीतिक दबाव में दबेगा या न्यायिक प्रक्रिया तक पहुँचेगा।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संतोष दुबे ने राम मंदिर चढ़ावे को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
धर्म सेना भारत प्रमुख संतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर में चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण और कीमती रत्न अयोध्या की दुकानों में कथित तौर पर बेचे जा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह जानकारी उन्हें मंदिर के अंदर के स्रोतों से मिली है।
चंपत राय का इस मामले में क्या कथित रोल बताया गया है?
संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पिछले आठ साल से उन दुकानों की देखरेख करते थे जहाँ कथित तौर पर कीमती धातुएं और रत्न बेचे जाते थे। इन आरोपों पर चंपत राय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
संतोष दुबे ने CM योगी से क्या माँगें रखी हैं?
दुबे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — राम जन्मभूमि थाने के एसएचओ को तुरंत हटाया जाए, अयोध्या में कीमती धातुओं के व्यापारियों की संपत्ति और कारोबार की जांच हो, और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
इस मामले में मुख्य आरोपी कौन बताया गया है?
संतोष दुबे ने टिन्नू यादव को मुख्य आरोपी बताया है, जो कथित तौर पर उन दुकानदारों के संपर्क में था जहाँ चोरी के आभूषण और रत्न लाकर बेचे जाते थे। दुबे ने दावा किया कि आरोपी अभी अयोध्या में ही हैं।
क्या ट्रस्ट या सरकार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक न श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और न ही उत्तर प्रदेश सरकार या पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। मामले की जांच या कार्रवाई की दिशा अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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