27 अगस्त 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी के सामने पेश हुए संतोष दुबे, बोले — '1200 राम शिलाएं गायब, कलंक मिटाना ज़रूरी'

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी के सामने पेश हुए संतोष दुबे, बोले — '1200 राम शिलाएं गायब, कलंक मिटाना ज़रूरी'

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे से पूछताछ की। दुबे ने 1,200 से अधिक राम शिलाएं गायब होने का दावा किया, एफआईआर दर्ज करने की माँग की और कहा कि 'माथे पर लगा कलंक मिटाना ज़रूरी है।' 23 जुलाई को वे इस मामले पर और खुलासा करेंगे।

मुख्य बातें

एसआईटी ने 12 जुलाई को धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पूछताछ की।
दुबे ने दावा किया कि 1,200 से अधिक राम शिलाएं पहले ही गायब हो चुकी हैं।
दुबे ने एसआईटी से अपनी एफआईआर दर्ज करने की माँग की और कहा कि झूठ साबित होने पर उन पर कार्रवाई हो।
उनकी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रोके जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई।
दुबे 23 जुलाई को इस मामले पर और जानकारी सार्वजनिक करेंगे और एसआईटी को अतिरिक्त दस्तावेज़ सौंपेंगे।

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जाँच कर रही विशेष जाँच दल (एसआईटी) ने रविवार, 12 जुलाई को धर्मसेना के प्रमुख संतोष दुबे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पूछताछ की। पूछताछ के बाद दुबे ने मीडिया को बताया कि उन्होंने एसआईटी के समक्ष अपना पक्ष रखा है और अतिरिक्त दस्तावेज़ भी सौंपेंगे।

पूछताछ में क्या हुआ

संतोष दुबे के अनुसार, एसआईटी अधिकारियों ने उनसे जानकारी माँगी और उपलब्ध दस्तावेज़ प्रस्तुत करने को कहा। दुबे ने कहा, 'एसआईटी के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बातचीत हुई। मैं उन्हें कल और जानकारी दूंगा तथा जो कागजात हमारे पास हैं, वे भी सौंपूंगा।' उन्होंने यह भी बताया कि वे 23 जुलाई को इस मामले पर और अधिक विस्तार से बात कर सकेंगे।

मुख्य आरोप और दावे

दुबे ने एसआईटी को बताया कि 1,200 से अधिक राम शिलाएं पहले ही गायब हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों के कथित कर्मों का खुलासा भी सबके सामने आ चुका है। उनका कहना है कि वे एक महीने से एसआईटी के बुलावे की प्रतीक्षा कर रहे थे।

एफआईआर और कार्रवाई की माँग

संतोष दुबे ने एसआईटी से स्पष्ट माँग की है कि उनकी एफआईआर भी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा, 'हमारे माथे पर लगे कलंक को मिटाना ज़रूरी है। अगर मेरी बातों में कोई झूठ है तो मुझ पर कार्रवाई की जाए।' यह बयान उनके उस रुख को दर्शाता है जिसमें वे स्वयं को जाँच के दायरे में रखने को तैयार हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस रोके जाने पर आपत्ति

दुबे ने यह भी कहा कि उनकी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रोक दी गई, जिसे उन्होंने 'गलत' बताया। उन्होंने कहा, 'प्रेस को रोकना बहुत गलत है।' हालाँकि, उनके अनुसार उनकी बातें लोगों तक पहुँच गई हैं। वे 23 जुलाई को एक बार फिर इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से बोलने की योजना बना रहे हैं।

आगे क्या होगा

दुबे ने भरोसा जताया कि अब न्याय मिलेगा और वे एसआईटी को और अधिक जानकारी व दस्तावेज़ उपलब्ध कराएंगे। यह मामला अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के व्यापक विवाद का हिस्सा है, जो कथित तौर पर मंदिर निर्माण और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

200 राम शिलाओं के गायब होने का दावा गंभीर है, लेकिन अभी तक स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस रोके जाने का मुद्दा भी पारदर्शिता के सवाल उठाता है जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला क्या है?
यह अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि और संपत्ति में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है, जिसकी जाँच एसआईटी कर रही है। इस मामले में ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
संतोष दुबे कौन हैं और उनकी इस मामले में क्या भूमिका है?
संतोष दुबे धर्मसेना संगठन के प्रमुख हैं। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं को उजागर करने का दावा किया है और एसआईटी को जानकारी व दस्तावेज़ देने की पेशकश की है।
संतोष दुबे ने एसआईटी को क्या बताया?
दुबे ने एसआईटी को बताया कि 1,200 से अधिक राम शिलाएं गायब हो चुकी हैं और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के कथित कर्मों का खुलासा हो चुका है। उन्होंने अतिरिक्त दस्तावेज़ भी सौंपने का वादा किया।
क्या संतोष दुबे की एफआईआर दर्ज होगी?
दुबे ने एसआईटी से माँग की है कि उनकी एफआईआर भी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बातों में झूठ साबित हो तो उन पर कार्रवाई की जाए। एफआईआर दर्ज होने या न होने पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
संतोष दुबे 23 जुलाई को इस मामले पर सार्वजनिक रूप से और जानकारी देने की योजना बना रहे हैं। वे एसआईटी को अतिरिक्त दस्तावेज़ भी सौंपेंगे। एसआईटी की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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