राम मंदिर दान राशि के कथित दुरुपयोग पर शिवसेना (यूबीटी) का केंद्र और UP सरकार पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने 22 जून को मुंबई में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएँ हो रही हैं। उनका कहना है कि भगवान राम के नाम पर जमा करोड़ों रुपये की राशि का उपयोग समाज कल्याण में होने के बजाय कथित दुरुपयोग की ओर जा रहा है, जबकि जवाबदेही तय करने वाला कोई तंत्र सक्रिय नहीं दिखता।
दान राशि के प्रबंधन पर सवाल
दुबे ने कहा कि महाकुंभ 2025 के दौरान और उसके बाद देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए भारी मात्रा में दान दिया। आम जनता की यह अपेक्षा थी कि यह धन अस्पताल निर्माण, स्कूल स्थापना, गरीबों को भोजन और वंचित वर्गों की सहायता जैसे कार्यों में लगाया जाएगा। उनके अनुसार, वास्तविकता इससे उलट है — दान राशि के प्रबंधन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कोई स्पष्ट उत्तर सामने नहीं आ रहा।
नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय पर मौन का आरोप
दुबे ने आरोप लगाया कि जब इस मामले में जवाब माँगे जा रहे हैं, तब मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। उनका कहना है कि यह चुप्पी स्वयं में संदेह पैदा करती है।
निष्पक्ष जाँच पर संदेह
जाँच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए दुबे ने कहा कि जिन लोगों पर आरोप लग रहे हैं और जो जाँच एजेंसियों से जुड़े हैं, दोनों का संबंध सत्ता पक्ष से है — इसलिए निष्पक्ष जाँच की उम्मीद कम दिखती है। उन्होंने कहा, 'यदि यही मामला किसी गैर-भाजपा सरकार के कार्यकाल में सामने आया होता तो अब तक संबंधित लोग गिरफ्तार हो चुके होते।' उनके अनुसार, इस कथित घोटाले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
महाराष्ट्र की राजनीति और शिवसेना (यूबीटी) का पक्ष
महाराष्ट्र में कथित ऑपरेशन टाइगर, ऑपरेशन लोटस और दलबदल की चर्चाओं पर दुबे ने स्पष्ट किया कि शिवसेना (यूबीटी) किसी भी प्रकार की राजनीतिक तोड़फोड़ या भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती। 2022 में शिवसेना में हुई टूट का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को नया नाम और नया चुनाव चिह्न अपनाने पर मजबूर होना पड़ा, बावजूद इसके पार्टी ने जनता के बीच अपनी पकड़ बनाए रखी। उनके अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में तमाम चुनौतियों के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) ने 9 सांसद संसद में भेजे।
फडणवीस और शिंदे पर निशाना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी करते हुए दुबे ने कहा कि दोनों नेता जानते हैं कि जनता का झुकाव किस दिशा में है। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच अपना संदेश पहुँचाती रहेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ महायुति के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है।