राम मंदिर चढ़ावा विवाद: दिनेश शर्मा बोले — दोषियों पर कार्रवाई तय, जांच निष्पक्ष होगी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने 27 जून 2026 को लखनऊ में स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार का पुरज़ोर बचाव किया।
जांच और कार्रवाई पर सरकार का रुख
शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के आलोक कुमार ने भी निष्पक्ष जांच की बात दोहराई है। शर्मा ने कहा, 'यदि किसी के पास हेराफेरी का कोई पुख्ता सबूत है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए।'
उनका मानना है कि विपक्ष बिना किसी ठोस प्रमाण के विवाद खड़ा कर राम मंदिर की छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए आरोप लगाना लोकतंत्र के हित में नहीं है।
सोनिया गांधी के लेख पर तीखी प्रतिक्रिया
गाजा और फिलिस्तीन को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए शर्मा ने कहा कि भारत की विदेश नीति संतुलित और व्यावहारिक है। उनके अनुसार, भारत के फिलिस्तीन और इजरायल दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं और देश किसी एक पक्ष का समर्थन कर अपने अन्य अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने अपने लेख में आरोप लगाया था कि भारत अब फिलिस्तीन के अधिकारों पर अपनी पुरानी नीति से हटकर इजरायल के साथ करीबी रिश्तों को अधिक महत्व दे रहा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि गाजा में 20,000 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और 44,000 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं।
भारत-अमेरिका संबंध और वैश्विक छवि
भारत-अमेरिका संबंधों पर शर्मा ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते निरंतर प्रगाढ़ हो रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई अवसरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी को अनेक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने को शर्मा ने उनकी वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण बताया।
आर्थिक विकास और 2047 का लक्ष्य
शर्मा ने कहा कि भारत तेज़ी से एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है और विदेशी कंपनियाँ यहाँ निवेश के लिए उत्सुक हैं। उनके अनुसार, देश की विकास दर लगातार बढ़ रही है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में हासिल किया जाएगा। राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच की प्रगति आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होने की संभावना है।