अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल में गौपालक सम्मेलन को करेंगे संबोधित, ₹255 करोड़ के दुग्ध प्लांट का भूमिपूजन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित गौपालक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में वे न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे और मध्य प्रदेश में डेयरी एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण व भूमिपूजन करेंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत में अमित शाह नवीन न्यायिक संहिता के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों को दर्शाने वाली न्याय संहिता प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और उसके विभिन्न खंडों का अवलोकन करेंगे। इसके अतिरिक्त, 'मोरवन प्रोजेक्ट' के अंतर्गत भोपाल में नगर वन विकसित करने हेतु कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड और मध्य प्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।
डेयरी बुनियादी ढाँचे में बड़ा निवेश
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल माध्यम से भूमिपूजन करेंगे। इसके साथ ही भोपाल में ₹16.5 करोड़ की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण भी किया जाएगा।
इसके अलावा भोपाल में ₹12.42 करोड़ की लागत से निर्मित अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला और शिवपुरी में ₹6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी डिजिटल माध्यम से लोकार्पण होगा। ये परियोजनाएँ मध्य प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता और डेयरी क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सदस्यों को लाभांश एवं बोनस वितरण
भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को सिंगल क्लिक के माध्यम से बोनस का वितरण किया जाएगा, जबकि गौशालाओं को भी इसी प्रक्रिया से सहायता राशि प्रदान की जाएगी। दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल ₹15.10 करोड़ का लाभांश वितरित किया जाएगा।
महिला पशुपालकों को सम्मान, कामधेनु योजना का लाभ
गौपालक सम्मेलन में महिला पशुपालकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए 'गौपालक दीदियों' को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत दो स्वीकृति पत्रों का वितरण भी होगा, जो ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सहकारिता को मजबूत करने की दिशा में व्यापक पहल
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन की कड़ी में आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की समृद्धि का प्रभावी माध्यम बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि डेयरी सहकारिता के माध्यम से पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और विशेष रूप से महिला सदस्यों की आय बढ़ाना इस पूरी पहल के केंद्र में है। यह सम्मेलन मध्य प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र के विस्तार और ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।