अमित शाह का भोपाल दौरा 3 अक्टूबर: गोपालक सम्मेलन में 35,000 पशुपालक, डेयरी और किसान कल्याण पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 2 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9 बजे भोपाल पहुँचेंगे और 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश की डेयरी व पशुपालन अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उनके दौरे का मुख्य आकर्षण राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन होगा, जिसमें 35,000 से अधिक पशुपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों के शामिल होने की उम्मीद है।
मुख्य कार्यक्रम और दायरा
3 अक्टूबर को होने वाले गोपालक सम्मेलन में भोपाल के अलावा सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों से पशुपालक पहुँचेंगे। इस एक दिन में शाह किसानों, पशुपालकों, सहकारिता, नए आपराधिक कानूनों, उच्च शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़े कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित किया जाएगा तथा गौशालाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। गोपालक दीदियों को सम्मानित किया जाएगा और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति पत्र भी बाँटे जाएंगे।
डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती
इस दौरे के दौरान डेयरी अवसंरचना से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा अपेक्षित है। उज्जैन में ₹255 करोड़ के डेयरी प्लांट और भोपाल में फॉर्मूलेटेड व फर्मेंटेड दूध उत्पादों के लिए नई सुविधा प्रस्तावित बताई जा रही है।
भोपाल दुग्ध संघ परिसर में ₹16.80 करोड़ की लागत से तैयार इस इकाई में दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर रहेगा। यह कदम ग्रामीण पशुपालकों की आय में सीधे वृद्धि का माध्यम माना जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया और तैयारियाँ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को अमित शाह के दौरे की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को बैठने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकारी बयान के अनुसार, गृह, पशुपालन व डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभागों द्वारा शाह के समक्ष प्रेजेंटेशन दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री को राज्य के किसान कल्याण वर्ष और बलराम कृषि उत्सव के दौरान की गई पहलों की जानकारी भी दी जाएगी।
व्यापक संदर्भ: किसान और सहकारिता नीति
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य प्रदेश सरकार किसान व पशुपालन से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने और कृषि व डेयरी क्षेत्र में सहकारी नेटवर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम राज्य में किसान आईडी सिस्टम के विस्तार की पृष्ठभूमि में भी हो रहा है, जो केंद्र की कृषि डेटा डिजिटलीकरण नीति से जुड़ा है।
सहकारी संस्थाओं और डेयरी अवसंरचना को ग्रामीण आजीविका कार्यक्रमों के अभिन्न हिस्से के रूप में प्रोत्साहित करने की यह कोशिश, केंद्र सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है जिसमें सहकारिता मंत्रालय की भूमिका को ज़मीनी स्तर पर विस्तार दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय वितरण की निगरानी पर ध्यान केंद्रित रहेगा।