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मध्य प्रदेश में 9 नवंबर को गोवर्धन उत्सव: सीएम मोहन यादव करेंगे पशुपालकों का सम्मान, 3,000 गौशालाओं को ₹60 करोड़

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मध्य प्रदेश में 9 नवंबर को गोवर्धन उत्सव: सीएम मोहन यादव करेंगे पशुपालकों का सम्मान, 3,000 गौशालाओं को ₹60 करोड़

सारांश

मध्य प्रदेश में 9 नवंबर को गोवर्धन उत्सव सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि राज्य सरकार की पशुपालन नीति का बड़ा मंच बन रहा है — 3,000 से अधिक गौशालाओं को ₹60 करोड़, शीर्ष पशुपालकों को नकद पुरस्कार और डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण का संदेश एक साथ।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश सरकार 9 नवंबर 2026 को राज्यव्यापी गोवर्धन उत्सव मनाएगी।
मुख्य कार्यक्रम भोपाल के रवींद्र भवन में; सभी जिला मुख्यालयों पर भी समारोह होंगे।
सीएम मोहन यादव 3,000 से अधिक पंजीकृत गौशालाओं को ₹60 करोड़ से अधिक DBT से हस्तांतरित करेंगे, जिनमें लगभग 5.51 लाख मवेशी हैं।
गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना में प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को क्रमशः ₹1 लाख , ₹50,000 और ₹25,000 की पुरस्कार राशि मिलेगी।
राज्य के शीर्ष 10 दूध उत्पादक पशुपालकों को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन पशुपालन एवं डेयरी विभाग , श्री कृष्ण पाथेय न्यास और संस्कृति विभाग संयुक्त रूप से कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश सरकार 9 नवंबर 2026 को राज्यव्यापी गोवर्धन उत्सव का आयोजन करेगी, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पशुपालकों और किसानों को सम्मानित करेंगे और राज्य की 3,000 से अधिक पंजीकृत गौशालाओं को ₹60 करोड़ से अधिक की सहायता राशि हस्तांतरित करेंगे। यह आयोजन पशु संरक्षण, पशुधन विकास और डेयरी उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य कार्यक्रम और स्थान

भोपाल के प्रतिष्ठित रवींद्र भवन में राज्य-स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन पशुपालन एवं डेयरी विभाग, श्री कृष्ण पाथेय न्यास और संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा गो-पूजन से होगी, इसके बाद पशुपालन विभाग की योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया जाएगा। गोवर्धन उत्सव के महत्व को दर्शाती एक विशेष झांकी भी प्रस्तुत की जाएगी।

राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी गो-पूजन और पशुपालकों के सम्मान हेतु कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे यह उत्सव पूरे राज्य में एक साथ मनाया जाएगा।

गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के विजेताओं का सम्मान

इस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण 'गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना' के विजेताओं को सम्मानित करना होगा। इस योजना का उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर ₹1 लाख, द्वितीय स्थान पर ₹50,000 और तृतीय स्थान पर ₹25,000 की नकद पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।

पुरस्कार राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राज्य में सर्वाधिक दूध उत्पादन करने वाले शीर्ष 10 पशुपालकों को भी विशेष रूप से सम्मानित करेंगे।

गौशालाओं को ₹60 करोड़ की सहायता राशि

इस उत्सव का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मुख्यमंत्री यादव मवेशियों की देखभाल और रखरखाव में संलग्न राज्य की 3,000 से अधिक पंजीकृत गौशालाओं को DBT के माध्यम से ₹60 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित करेंगे। यह सहायता राशि सितंबर माह के लिए प्रदान की जा रही है और इन गौशालाओं में रखे गए लगभग 5.51 लाख मवेशियों के कल्याण पर खर्च की जाएगी।

सरकार का कहना है कि यह वित्तीय सहायता मवेशियों के कल्याण, संरक्षण और संवर्धन के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

आम जनता और पशुपालकों पर असर

अधिकारियों के अनुसार, इन आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि पशुपालन क्षेत्र में वैज्ञानिक और आधुनिक तरीकों को अपनाने के लिए पशुपालकों को प्रेरित करना भी है। पशुपालकों के योगदान को मान्यता देकर और गौशालाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करके, राज्य सरकार पशु संरक्षण के प्रयासों को सुदृढ़ करने और पूरे पशुपालन क्षेत्र में सुधार लाने का लक्ष्य रखती है।

इस पहल से किसानों को उन्नत पशुपालन तकनीकें अपनाने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है, साथ ही इससे राज्य में ग्रामीण विकास और डेयरी उत्पादन में भी योगदान होने की संभावना है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार की ओर से इस क्षेत्र में और अधिक ठोस नीतिगत कदमों की प्रतीक्षा रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 3,000 से अधिक गौशालाओं को दी जाने वाली यह सहायता उनकी वास्तविक परिचालन लागत के अनुपात में है। राज्य में आवारा मवेशियों की समस्या और गौशालाओं की क्षमता के बीच का अंतर अभी भी एक अनुत्तरित चुनौती है, जिस पर सरकारी आंकड़े चुप हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में गोवर्धन उत्सव 2026 कब और कहाँ मनाया जाएगा?
गोवर्धन उत्सव 9 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। राज्य-स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भोपाल के रवींद्र भवन में होगा और साथ ही मध्य प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी समारोह आयोजित किए जाएंगे।
गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना में कितनी पुरस्कार राशि मिलती है?
इस योजना के तहत प्रथम स्थान पर ₹1 लाख , द्वितीय स्थान पर ₹50,000 और तृतीय स्थान पर ₹25,000 की नकद राशि और प्रमाण पत्र दिए जाते हैं। यह राशि DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
मध्य प्रदेश की गौशालाओं को ₹60 करोड़ की सहायता किस महीने के लिए दी जा रही है?
यह सहायता राशि सितंबर 2026 माह के लिए प्रदान की जा रही है। राज्य की 3,000 से अधिक पंजीकृत गौशालाओं में रखे लगभग 5.51 लाख मवेशियों की देखभाल के लिए यह धनराशि DBT से हस्तांतरित की जाएगी।
गोवर्धन उत्सव का आयोजन कौन कर रहा है?
इस कार्यक्रम का आयोजन पशुपालन एवं डेयरी विभाग , श्री कृष्ण पाथेय न्यास और संस्कृति विभाग संयुक्त रूप से कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव इस समारोह में गो-पूजन से शुरुआत करेंगे।
गोवर्धन उत्सव का पशुपालकों के लिए क्या महत्व है?
यह उत्सव पशुपालकों के योगदान को आधिकारिक मान्यता देने का अवसर है। सरकार का लक्ष्य इस आयोजन के ज़रिए किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक पशुपालन तकनीकें अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जिससे डेयरी उत्पादन और ग्रामीण विकास को बल मिले।
राष्ट्र प्रेस
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