ग्वालियर में पशु वेलनेस सेंटर और डबरा में नया पशु चिकित्सालय खुलेगा: सीएम मोहन यादव का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 मई 2026 को ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालन सम्मेलन में घोषणा की कि ग्वालियर में पशुओं के लिए एक समर्पित वेलनेस सेंटर और डबरा में नया पशु चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा। इस वेलनेस सेंटर में पशु आहार का निर्माण भी होगा, ताकि पशुपालकों को इलाज के लिए दर-दर भटकना न पड़े।
सम्मेलन में मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि गौशालाओं को प्रति गाय दी जाने वाली सहायता राशि ₹20 प्रतिदिन से बढ़ाकर ₹40 प्रतिदिन की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गौ-एम्बुलेंस सेवा भी स्थापित की है, जिसे टेलीफोन पर बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही सरकार बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोलने की दिशा में काम कर रही है, ताकि गायें सड़कों पर न भटकें।
ग्वालियर का पशुधन और दुग्ध उत्पादन
सीएम यादव ने बताया कि ग्वालियर में 68,737 पशुपालक हैं और यह जिला 4 लाख से अधिक पशुधन की सेवा करता है। यहाँ से प्रतिदिन 605 मीट्रिक टन दूध का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन में मध्य प्रदेश अभी देश में तीसरे स्थान पर है, लेकिन सरकार का लक्ष्य राज्य को दूध की राजधानी बनाना है।
किसानों के लिए घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि यदि सरकार उनकी जमीन अधिग्रहित करती है, तो उन्हें 4 गुना मुआवज़ा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसान अपना गेहूं कहीं से भी स्लॉट बुक करके ₹2,625 प्रति क्विंटल की दर पर सरकार को बेच सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने किसानों से गेहूं खरीदने में उदासीनता दिखाई।
राजनीतिक बयान और बंगाल चुनाव
सम्मेलन में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत गौ-पालकों के समर्थन और गौ-सेवा की भावना का प्रतिफल है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए का 22वाँ मुख्यमंत्री बंगाल में शपथ लेगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ममता बनर्जी पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर तीखा हमला बोला और कहा कि जनता ने अपना जवाब चुनाव में दे दिया है।
आगे क्या होगा
वेलनेस सेंटर और नए पशु चिकित्सालय की स्थापना की समयसीमा का सरकार की ओर से अभी विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है। हालाँकि, गौशाला अनुदान में वृद्धि और गेहूं खरीद की दरें तत्काल प्रभाव से लागू बताई जा रही हैं। ग्वालियर के पशुपालकों और किसानों के लिए यह सम्मेलन राज्य सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की मंशा का संकेत है।