मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग का नाम बदलने की दी मंजूरी

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मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग का नाम बदलने की दी मंजूरी

सारांश

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने पशुपालन विभाग के नाम को बदलकर गौपालन एवं पशुपालन विभाग करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से किसानों को कई लाभ होंगे।

Key Takeaways

  • पशुपालन विभाग का नाम बदलकर गौपालन एवं पशुपालन विभाग रखा गया।
  • किसानों को बोनस के रूप में ४० रुपए प्रति क्विंटल गेहूं पर दिया जाएगा।
  • रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना को २२८ करोड़ की स्वीकृति मिली।
  • मंत्री परिषद ने विकास कार्यों के लिए ४ हजार ५२५ करोड़ की स्वीकृति दी।

भोपाल, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार की कैबिनेट ने पशुपालन विभाग के नाम में संशोधन करने के लिए मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम बदलकर गौपालन एवं पशुपालन विभाग रखने का निर्णय लिया गया है।

मंत्रिपरिषद ने लोक निर्माण विभाग के तहत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए ४ हजार ५२५ करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही, रबी विपणन वर्ष २०२६-२७ में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर ४० रुपए प्रति क्विंटल के मान से बोनस देने का निर्णय लिया गया है।

मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक ४-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक २-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए ९४५ करोड़ २० लाख रुपए की स्वीकृति दी है।

वहीं, रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए २२८ करोड़ ४२ लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट ने उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से करने का निर्णय लिया है, और इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

किसानों की बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से की जाएगी।

मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की २२८ करोड़ की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया है, जिससे रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के ३७ ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।

Point of View

बल्कि इसके पीछे किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं की भी एक श्रृंखला है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

पशुपालन विभाग का नाम क्यों बदला गया?
पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन विभाग रखा गया है ताकि यह अधिक स्पष्ट रूप से किसानों के हितों को दर्शा सके।
इस निर्णय का किसानों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस बदलाव से किसानों को बेहतर योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सकती है।
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