क्या मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट ने पचमढ़ी के 395 हेक्टेयर क्षेत्र को अभ्यारण से बाहर किया?
सारांश
Key Takeaways
- पचमढ़ी के 395 हेक्टेयर क्षेत्र को अभ्यारण से बाहर किया गया।
- राज्य के नौ टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के लिए 390 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
- नर्मदापुरम में 215 करोड़ 47 लाख रुपए की सिंचाई परियोजनाएं।
- आगामी 3 वर्षों में 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।
- जनजातीय कार्य विभाग के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रुपए की स्वीकृति।
भोपाल, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार, पचमढ़ी का 395 हेक्टेयर क्षेत्र अब अभ्यारण क्षेत्र से बाहर कर दिया गया है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पंचमढ़ी नगर के साडा के नियंत्रण में आने वाले नजूल क्षेत्र की भूमि को संशोधित कर 395.939 हेक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभ्यारण से बाहर करके राजस्व नजूल घोषित करने की मंजूरी दी गई है।
मंत्रिपरिषद ने राज्य के नौ टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए अगले 5 वर्षों, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 390 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस नई योजना के तहत बफर क्षेत्रों के विकास में संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्त्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणी उपचार और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किए जाएंगे। मंत्रिपरिषद ने नर्मदापुरम में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रुपए की स्वीकृति भी दी है।
इसके अनुसार, तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर की लागत 86 करोड़ 76 लाख रुपए है और प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 4200 हेक्टेयर है। इस परियोजना से नर्मदापुरम जिले के बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्रामों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। नर्मदापुरम जिले की तवा परियोजना की दांय तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना की लागत 128 करोड़ 71 लाख रुपए है, और प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 6000 हेक्टेयर है।
इस परियोजना से नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम भी लाभान्वित होंगे। मंत्रिपरिषद ने जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रुपए की स्वीकृति दी है।
इसके अंतर्गत, जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। मंत्रिपरिषद ने पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022 के स्थान पर संशोधित योजना 2025 की स्वीकृति दी है। इस योजना के अनुसार, अगले 3 वर्षों में 45 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और प्रति वर्ष 600 युवाओं को विदेश भेजा जाएगा।