सपा सांसद नदवी का BJP पर तीखा हमला: चुनाव आयोग और वोट चोरी के खिलाफ INDIA गठबंधन का देशव्यापी विरोध शुरू
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने 2 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़े आरोप लगाते हुए कहा कि देश के नौजवानों और जवानों के जज्बातों को कुचला जा रहा है तथा संस्थाओं की संप्रभुता समाप्त की जा रही है। उन्होंने 30 सितंबर 2026 को हुई INDIA गठबंधन की बैठक का हवाला देते हुए घोषणा की कि 2 अक्टूबर से पूरे देश में गठबंधन की पार्टियाँ चुनाव आयोग और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करेंगी। यह घोषणा पश्चिम बंगाल में आसन्न उपचुनाव से पहले सियासी तापमान को और अधिक बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
INDIA गठबंधन की बैठक और विरोध का ऐलान
सपा सांसद नदवी ने विस्तार से बताया कि 30 सितंबर को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में 20 पार्टियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा, 'इंडिया गठबंधन की 30 सितंबर को जो बैठक हुई थी, उसमें 20 पार्टियों ने हिस्सा लिया था। उसमें तय हो गया था कि 2 अक्टूबर से पूरे देश में तमाम पार्टियाँ जो इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, और जो वहाँ शामिल नहीं हो पाई थीं लेकिन मुद्दों पर साथ हैं, उन्होंने भी विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।' गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके जरिए चुनाव आयोग की संस्थागत स्वायत्तता को कमज़ोर किया गया है।
जवानों और युवाओं पर लगाए गंभीर आरोप
नदवी ने अपने बयान में कहा, 'नौजवानों के जज्बातों को कुचला जा रहा है। छात्रों के जो हित हैं, उन्हें दफन किया जा रहा है। वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो छह व्यक्ति कथित तौर पर देशद्रोह के आरोप में पकड़े गए थे और जो म्यांमार तथा नॉर्थ-ईस्ट में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से जुड़े थे, उन्हें रातोंरात रिहा कर देश से बाहर जाने दिया गया। गौरतलब है कि यह आरोप सरकार की ओर से अभी तक खंडित नहीं किए गए हैं।
गलवान घाटी और ऑपरेशन सिंदूर पर निशाना
सपा सांसद ने गलवान घाटी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वह भारतीय इतिहास में पहली बार था जब जवानों के मनोबल और देश के गौरव को लेकर कमज़ोर नेतृत्व की कमी महसूस हुई। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में यह भी कहा कि युद्धविराम का ऐलान भारत की ओर से नहीं, बल्कि कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से किया गया, जिसे उन्होंने नेतृत्व की कमज़ोरी का प्रमाण बताया। ये आरोप राजनीतिक प्रकृति के हैं और सरकार का पक्ष इस विषय पर भिन्न है।
पश्चिम बंगाल उपचुनाव: कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया कि SIR (Special Intensive Revision) के माध्यम से मतदाता सूची को कमज़ोर किया जा रहा है और चुनाव आयोग BJP की मदद कर रहा है। पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले पाँच महीनों में वे पूरी तरह 'निष्फल' रहे हैं और डर की वजह से सरकारी मशीनरी, चुनाव आयोग तथा पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग हो रहा है। जोशी ने यह भी कहा कि नंदीग्राम और रेजीनगर की जनता अब जवाब देने को तैयार है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में उपचुनाव की तारीखें घोषित होने वाली हैं।
आगे की राह
INDIA गठबंधन के इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा से स्पष्ट है कि विपक्ष चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता सूची के मुद्दे को अगले चुनावी चक्र में केंद्रीय मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले यह सियासी तनाव आने वाले दिनों में और गहरा होने के संकेत हैं।