सपा का BJP-NDA पर हमला: 'पीडीए गठबंधन भाजपा को हराने के लिए तैयार', मिल्कीपुर उपचुनाव पर भी सवाल
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेताओं ने 21 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर एकसाथ कई मोर्चों पर तीखा प्रहार किया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मिल्कीपुर उपचुनाव में पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति पर चुनाव आयोग को शिकायत का हवाला दिया, जबकि सपा सांसद राजीव राय ने NDA सहयोगी दलों के भीतर खींचतान का आरोप लगाया। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने ऐलान किया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) गठबंधन BJP और उसके सहयोगियों को पराजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मिल्कीपुर उपचुनाव और पीठासीन अधिकारियों पर विवाद
अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि मिल्कीपुर उपचुनाव के दौरान नियुक्त किए गए कई पीठासीन अधिकारियों का पूर्व में BJP से सीधा संबंध था या उनके परिजन उस पार्टी से जुड़े थे। उनके अनुसार, इस मुद्दे को राष्ट्रीय और जिला — दोनों स्तरों पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के समक्ष उठाया गया था।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस संदर्भ में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, किंतु कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की नियुक्तियाँ चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को संदिग्ध बनाती हैं। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है।
इंडी गठबंधन में एकजुटता का दावा
अवधेश प्रसाद ने इंडी गठबंधन में दरार की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच कोई असहमति नहीं है, और सीटों के बंटवारे को लेकर भी किसी विवाद का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी घटक दलों का साझा लक्ष्य अधिकतम सीटें जीतकर सरकार बनाना है, और मौजूदा सरकार को हटाना गठबंधन की पहली प्राथमिकता है।
NDA में आंतरिक खींचतान का आरोप
लखनऊ में सपा सांसद राजीव राय ने NDA सहयोगी दलों पर सीधा निशाना साधा। उनके अनुसार, ये दल अपनी राजनीतिक ताकत का दावा तो करते हैं, लेकिन आपस में समन्वय बैठाने में ही उन्हें मशक्कत करनी पड़ रही है। राय ने कहा कि BJP के नेता इंडी गठबंधन पर टिप्पणी करने के बजाय अपने सहयोगियों की मांगों पर ध्यान दें।
राजीव राय ने महिला आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया और सवाल किया कि इसे 2027 में लागू क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि सपा उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सपा का घोषणापत्र और पीडीए का संकल्प
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि अखिलेश यादव ऐसा घोषणापत्र तैयार करने में जुटे हैं जो आम जनता की आकांक्षाओं और समस्याओं को सही मायनों में प्रतिबिंबित करे। उन्होंने कहा कि समय-समय पर विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और संगठनों ने अखिलेश यादव से मिलकर अपनी मांगें रखी हैं, और इन्हें घोषणापत्र में समाहित किया जा रहा है।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर द्वारा सामाजिक समरसता महारैली की घोषणा पर चांद ने कहा कि चुनाव से पूर्व हर राजनीतिक दल रैलियाँ करता है और इस पर सपा की कोई विशेष टिप्पणी नहीं है। उन्होंने दोटूक कहा कि BJP और एनडीए को पराजित करने के लिए पीडीए — पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक — पूरी तरह तैयार है।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
यह तीखा राजनीतिक हमला ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और विपक्षी गठबंधन की रणनीति आकार ले रही है। सपा की ओर से इंडी गठबंधन की एकता पर ज़ोर और पीडीए के जनाधार को लामबंद करने की कोशिश आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है।