क्या सुब्रत पाठक ने सपा पर हमला किया? अखिलेश सरकार में गुंडागर्दी के दम पर सांसद बनी थीं डिंपल?

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क्या सुब्रत पाठक ने सपा पर हमला किया? अखिलेश सरकार में गुंडागर्दी के दम पर सांसद बनी थीं डिंपल?

सारांश

भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने अखिलेश यादव के विरोध प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव धांधली और वोट चोरी की बात करते हैं, तो यह हास्यास्पद है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और क्या हैं इसके implications।

मुख्य बातें

सुब्रत पाठक का आरोप - अखिलेश यादव ने गुंडागर्दी से डिंपल यादव को जितवाया।
विपक्षी सांसदों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

नोएडा, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। 'इंडिया गठबंधन' के सांसदों ने सोमवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हुए। भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने अखिलेश यादव के इस विरोध प्रदर्शन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब वह धांधली और 'वोट चोरी' की बात करते हैं, तो मुझे उन पर हंसी आती है।

भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "जब अखिलेश यादव चुनाव में धांधली और 'वोट चोरी' की बात करते हैं, तो मुझे हंसी आती है, क्योंकि मैं उसी क्षेत्र से आता हूं, जहां उनके समय में लोकतंत्र की हत्या कैसे की जाती थी, यह वहां का बच्चा-बच्चा जानता है।"

उन्होंने आगे कहा, "भले ही अखिलेश यादव कई विवादों में घिरे हों, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा उनका मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल है। जब वे मुख्यमंत्री थे, उनकी पत्नी डिंपल यादव को कन्नौज से लोकसभा उपचुनाव में निर्विरोध जिताया गया था। मैं यह बात इसलिए कर रहा हूं क्योंकि उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री गुंडागर्दी पर उतारू हो गए थे। उनके इशारे पर सैकड़ों लोग कलेक्ट्रेट के बाहर बैठ गए थे और जो भी वोट डालने आता था, उनका अपहरण कर लिया जाता था।

उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव के समय एक शख्स का अपहरण भी किया गया था। सभी लोग इस बात से वाकिफ हैं कि समाजवादी पार्टी के गुंडों के इशारे पर डिंपल यादव निर्विरोध चुनी गई थीं।

बता दें कि विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के सांसदों ने सोमवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा काटा।

इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप एक सामान्य प्रक्रिया है। सुब्रत पाठक का बयान इस बात को दर्शाता है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कितनी तीव्र हो सकती है। हमें यह समझना होगा कि इन मुद्दों का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है और हमें हमेशा सच को सामने लाने की कोशिश करनी चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुब्रत पाठक ने किस बात पर अखिलेश यादव पर हमला किया?
सुब्रत पाठक ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव गुंडागर्दी के दम पर अपनी पत्नी डिंपल यादव को सांसद बनवाने में सफल हुए।
क्या 'इंडिया गठबंधन' का प्रदर्शन सफल रहा?
प्रदर्शन में विपक्षी सांसदों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और वोट चोरी के खिलाफ अपनी आवाज उठाई, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
राष्ट्र प्रेस
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