बीजेडी के तीन बार विधायक रहे प्रभात रंजन बिस्वाल भाजपा में शामिल, कटक में मजबूत होगा संगठन
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (बीजेडी) के पूर्व विधायक प्रभात रंजन बिस्वाल रविवार, 12 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। तीन बार के विधायक बिस्वाल ने अपने समर्थकों के साथ रैली निकालकर भाजपा के ओडिशा प्रदेश मुख्यालय पहुँचकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कटक जिले में भाजपा अपने संगठन विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
सदस्यता ग्रहण समारोह
बिस्वाल ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल की उपस्थिति में औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री माझी ने कहा, "आज ओडिशा में भाजपा की विजय यात्रा में एक और गौरवशाली अध्याय जुड़ा है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कटक जिले के लोकप्रिय नेता प्रभात रंजन बिस्वाल आज भाजपा में शामिल हुए हैं। उनके साथ उनके समर्थकों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर सदस्यता ग्रहण की है।" माझी ने यह भी कहा कि बिस्वाल के आने से चौद्वार विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे कटक जिले में भाजपा संगठन और सुदृढ़ होगा।
प्रभात बिस्वाल का राजनीतिक सफर
बिस्वाल ने अपनी राजनीतिक पारी वर्ष 2004 में चौद्वार-कटक विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत के साथ शुरू की थी। इसके बाद वे बीजेडी में शामिल हुए और 2009 तथा 2014 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के टिकट पर लगातार जीत हासिल की। गौरतलब है कि उनके पुत्र सौविक रंजन बिस्वाल वर्तमान में इसी चौद्वार-कटक विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
बीजेडी से दूरी और कानूनी विवाद
बिस्वाल का बीजेडी से रिश्ता लंबे समय से तनावपूर्ण रहा है। वर्ष 2012 में तत्कालीन नवीन पटनायक सरकार को अस्थिर करने की कथित 'मिडनाइट ऑपरेशन' साजिश में संलिप्तता के आरोप में उन्हें पार्टी से निलंबित किया गया था, हालाँकि एक वर्ष बाद निलंबन वापस ले लिया गया। इसके अतिरिक्त, चिटफंड घोटाले में नाम उभरने के बाद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें 2017 में गिरफ्तार किया था और 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेडी ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया था। इसी वर्ष फरवरी में बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर सार्वजनिक असंतोष जताने के कारण पार्टी से पुनः निष्कासित कर दिया।
न्यायालय का हालिया निर्देश
हाल ही में ओडिशा उच्च न्यायालय ने बहुचर्चित सीशोर चिटफंड घोटाले में उनके विरुद्ध चल रही सीबीआई की कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया। साथ ही अदालत ने भुवनेश्वर स्थित विशेष सीबीआई अदालत को छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। इस कानूनी पृष्ठभूमि के बावजूद भाजपा ने उनकी सदस्यता स्वीकार की है।
आगे की राह
भाजपा में शामिल होने के बाद बिस्वाल ने मुख्यमंत्री माझी और प्रदेश अध्यक्ष सामल का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे। यह देखना होगा कि चिटफंड मामले में अदालती कार्यवाही के बीच उनकी नई राजनीतिक पारी कटक में भाजपा की स्थिति को किस हद तक प्रभावित करती है।