13 जुलाई 2026
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ईडी का IPL सट्टेबाजी रैकेट पर शिकंजा: गुवाहाटी-दिल्ली में छापे, ₹13 लाख नकद व 3 लग्जरी गाड़ियाँ जब्त

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ईडी का IPL सट्टेबाजी रैकेट पर शिकंजा: गुवाहाटी-दिल्ली में छापे, ₹13 लाख नकद व 3 लग्जरी गाड़ियाँ जब्त

सारांश

ईडी ने IPL सीजन के बीच एक बड़े अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया — गुवाहाटी से दिल्ली तक रातभर छापे, ₹13 लाख नकद, मर्सिडीज-बेंज समेत तीन लग्जरी गाड़ियाँ जब्त और कई बैंक खाते फ्रीज। व्हाट्सएप-टेलीग्राम और विदेशी प्लेटफॉर्म के जरिये चल रहा यह सिंडिकेट अब ईडी की गिरफ्त में है।

मुख्य बातें

ईडी के गुवाहाटी जोनल ऑफिस ने 27 मई 2026 को PMLA 2002 की धारा 17 के तहत गुवाहाटी , तिनसुकिया और नई दिल्ली में रातभर तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी में ₹13 लाख की बेहिसाब नकद राशि और तीन लग्जरी वाहन — मर्सिडीज-बेंज , एमजी हेक्टर व टोयोटा फॉर्च्यूनर — जब्त किए गए।
मुख्य आरोपियों में दीपेश बजोरिया , रौनक बजोरिया , राजेश जैन , विकास बेरिया , नितिन बेरिया और सुप्रित बिस्वास शामिल हैं।
रैकेट में व्हाट्सएप , टेलीग्राम , इंस्टाग्राम और विदेशी ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता था।
अवैध सट्टेबाजी से जुड़े कई बैंक खाते फ्रीज किए गए; डिजिटल उपकरणों से लेन-देन के रिकॉर्ड बरामद।
आगे की जाँच जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुवाहाटी जोनल ऑफिस ने 27 मई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) 2002 की धारा 17 के तहत एक रात भर चले तलाशी अभियान में गुवाहाटी, तिनसुकिया (असम) और नई दिल्ली के कई ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। यह कार्रवाई आईपीएल क्रिकेट मैचों पर चल रहे बड़े पैमाने के अवैध सट्टेबाजी रैकेट और उससे अर्जित 'अपराध से प्राप्त धन' की लॉन्ड्रिंग की जाँच के तहत की गई। अभियान में ₹13 लाख की बेहिसाब नकद राशि और तीन लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दीपेश बजोरिया, रौनक बजोरिया, राजेश जैन और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 तथा असम गेम एंड बेटिंग एक्ट, 1970 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जाँच शुरू की थी। इसके बाद 30 मार्च को ईसीआईआर में एक परिशिष्ट जोड़ा गया, जिसमें तिनसुकिया पुलिस स्टेशन द्वारा विकास बेरिया, नितिन बेरिया, सुप्रित बिस्वास और अन्य के खिलाफ दर्ज दो और एफआईआर को शामिल किया गया। ये एफआईआर एक-दूसरे से जुड़े सिंडिकेट द्वारा संचालित इसी तरह के अवैध सट्टेबाजी अभियानों से संबंधित थीं।

रैकेट का तौर-तरीका

जाँच के अनुसार, आरोपी व्यक्ति एक सुव्यवस्थित, पदानुक्रमित और तकनीकी रूप से सक्षम अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क चला रहे थे। सट्टे की बोलियाँ मोबाइल फोन के जरिये माँगी और स्वीकार की जाती थीं। इसके लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म तथा विदेशों में स्थित ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता था।

सट्टेबाजी से प्राप्त धन नकद एवं डिजिटल माध्यमों (UPI/बैंक ट्रांसफर) से लेन-देन किया जाता था। इसके बाद इस पैसे को गुवाहाटी, तिनसुकिया और दिल्ली में फैले परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नेटवर्क के जरिये कई चरणों में घुमाकर 'बेदाग संपत्ति' के रूप में दर्शाया जाता था।

तलाशी में क्या मिला

यह तलाशी दीपेश बजोरिया, रौनक बजोरिया, राजेश जैन, विकास अग्रवाल, सुप्रित बिस्वास, विकास बेरिया, नितिन बेरिया और दुर्गा प्रसाद बेरिया के आवासीय ठिकानों पर की गई। गुवाहाटी में 'रॉयसी' (पूर्व नाम 'प्लेबॉय') नामक व्यावसायिक परिसर पर भी छापा मारा गया।

डिजिटल उपकरणों — जिनमें मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज मीडिया शामिल हैं — से सट्टेबाजी के लेन-देन के रिकॉर्ड, सट्टेबाजों व सब-एजेंटों के साथ सांकेतिक बातचीत और अपराध से प्राप्त धन के डिजिटल निशान बरामद हुए। ₹13 लाख की बेहिसाब नकद राशि जब्त की गई।

जब्त वाहन और फ्रीज खाते

अभियान के दौरान तीन महँगी गाड़ियाँ जब्त की गई हैं — एक मर्सिडीज-बेंज, एक एमजी हेक्टर और एक टोयोटा फॉर्च्यूनर। जाँच एजेंसी के अनुसार, इन वाहनों को कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन से खरीदा गया था। इसके अतिरिक्त, अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों में उपयोग किए जा रहे कई बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है, ताकि आगे कोई लेन-देन न हो सके।

आगे की जाँच

ईडी के अनुसार, मामले में आगे की जाँच अभी जारी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब IPL सीजन के दौरान अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी पर केंद्र और राज्य एजेंसियाँ दोनों सक्रिय निगरानी बनाए हुए हैं। गौरतलब है कि एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स और विदेशी सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के जरिये संचालित ऐसे नेटवर्क पिछले कुछ वर्षों में प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह सवाल उठाती है कि प्रारंभिक चेतावनी संकेतों पर समन्वय क्यों देर से होता है। PMLA के तहत बैंक खाते फ्रीज करना और वाहन जब्त करना दंडात्मक है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या विदेशी सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म तक जाँच की पहुँच बन पाती है — जहाँ असली धन प्रवाह छिपा है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने IPL सट्टेबाजी रैकेट पर यह कार्रवाई कब और कहाँ की?
ईडी के गुवाहाटी जोनल ऑफिस ने 27 मई 2026 को रातभर चले अभियान में गुवाहाटी, तिनसुकिया (असम) और नई दिल्ली के कई ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। यह कार्रवाई PMLA 2002 की धारा 17 के तहत की गई।
इस छापेमारी में क्या-क्या जब्त किया गया?
तलाशी में ₹13 लाख की बेहिसाब नकद राशि और तीन लग्जरी गाड़ियाँ — मर्सिडीज-बेंज, एमजी हेक्टर और टोयोटा फॉर्च्यूनर — जब्त की गईं। इसके अलावा, सट्टेबाजी गतिविधियों से जुड़े कई बैंक खाते भी फ्रीज किए गए हैं।
इस रैकेट में कौन-कौन से आरोपी शामिल हैं?
मुख्य आरोपियों में दीपेश बजोरिया, रौनक बजोरिया, राजेश जैन, विकास अग्रवाल, सुप्रित बिस्वास, विकास बेरिया, नितिन बेरिया और दुर्गा प्रसाद बेरिया शामिल हैं। इनके आवासीय ठिकानों के साथ-साथ गुवाहाटी में 'रॉयसी' नामक व्यावसायिक परिसर पर भी तलाशी ली गई।
यह सट्टेबाजी रैकेट कैसे संचालित होता था?
आरोपी व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म और विदेशों में स्थित ऑनलाइन सट्टेबाजी साइटों के जरिये IPL मैचों पर सट्टा संचालित करते थे। धन नकद और UPI/बैंक ट्रांसफर के माध्यम से लेन-देन होता था, फिर इसे कई चरणों में घुमाकर 'वैध संपत्ति' के रूप में दर्शाया जाता था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ईडी के अनुसार मामले में आगे की जाँच जारी है। डिजिटल उपकरणों से बरामद साक्ष्यों और फ्रीज किए गए बैंक खातों की विस्तृत जाँच की जाएगी। PMLA के तहत आरोपियों की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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