क्या ईडी ने दिल्ली और हरियाणा में इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की?

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क्या ईडी ने दिल्ली और हरियाणा में इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की?

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें करोड़ों की संपत्ति मिली है। जांच में यह भी पता चला है कि यादव और उसके परिवार ने अपराध से धन अर्जित किया है।

मुख्य बातें

ईडी ने 10 ठिकानों पर छापेमारी की।
6.24 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए।
इंदरजीत सिंह यादव के खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं।
जांच जारी है और अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की संभावना है।
यह मामला समाज में अपराध के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक है।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक दिल्ली में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 के अंतर्गत इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की।

यह छापेमारी इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों और अन्य संबंधित संस्थाओं/व्यक्तियों के खिलाफ की गई, जो अवैध वसूली, निजी वित्तीय संस्थानों के साथ जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों का इस्तेमाल करके धमकाने और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त हैं।

ईडी की जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई 15 से अधिक एफआईआर और चार्जशीट पर आधारित है, जिनमें आरोप है कि यादव हत्या, धोखाधड़ी, ठगी, और हिंसक अपराधों में लिप्त था। यादव वर्तमान में फरार है और यूएई से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा है।

इन एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि इंदरजीत सिंह यादव, जो मेसर्स जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (जिसे 'जेम्स ट्यून्स' के नाम से जाना जाता है) का मालिक है, एक कुख्यात दबंग है जो हत्या, जबरन वसूली, निजी वित्तदाताओं द्वारा दिए गए ऋणों का जबरन निपटान, धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध भूमि हड़पने और हिंसक अपराधों में शामिल है।

बयान में कहा गया है कि इंदरजीत सिंह यादव हरियाणा पुलिस के विभिन्न मामलों में वांछित है।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कई संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की और अपराध की आय को जब्त किया। इस छापेमारी में 6.24 करोड़ रुपए नकद, लगभग 17.4 करोड़ रुपए के आभूषण, कई चेक बुक्स, और 35 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। इसके अलावा, 5 लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, 17 लाख रुपए नकद, और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए।

इस मामले में यह पता चला है कि इंदरजीत सिंह यादव और उसके परिवार के सदस्य अपराध से प्राप्त धन से कई चल और अचल संपत्तियां खरीद चुके थे। ईडी ने इस सिलसिले में उसके करीबी सहयोगी, अमन कुमार को भी हिरासत में लिया, जो अपराध की आय को ठिकाने लगाने का प्रयास कर रहा था।

आगे की जांच जारी है और ईडी द्वारा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी एकजुटता को भी दर्शाता है। हमें ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए और देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने किस मामले में छापेमारी की?
ईडी ने इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में छापेमारी की।
छापेमारी में क्या-क्या जब्त किया गया?
छापेमारी में 6.24 करोड़ रुपए नकद, 17.4 करोड़ रुपए के आभूषण, लग्जरी कारें और अन्य संपत्तियां जब्त की गईं।
इंदरजीत सिंह यादव पर क्या आरोप हैं?
इंदरजीत सिंह यादव पर हत्या, धोखाधड़ी, और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप हैं।
राष्ट्र प्रेस
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