पंजाब के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर ईडी की गिरफ्त में, PMLA कोर्ट ने 8 दिन की कस्टडी मंजूर की
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के तत्कालीन डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर को 9 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया, जिसके बाद चंडीगढ़ की स्पेशल कोर्ट (PMLA) ने उन्हें आठ दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। भुल्लर पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तारी का आधार
ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत यह गिरफ्तारी अमल में लाई। एजेंसी ने सोमवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में बताया कि भुल्लर की जांच भ्रष्टाचार और अनुपातहीन संपत्ति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संदर्भ में की जा रही थी।
जांच एजेंसी की कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB), चंडीगढ़ द्वारा भुल्लर एवं अन्य आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज दो एफआईआर पर आधारित है।
बिचौलिए की पहले ही हो चुकी थी गिरफ्तारी
इस मामले में ईडी ने 18 सितंबर को कृशानू शारदा को पहले ही PMLA के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि शारदा भुल्लर के लिए बिचौलिए की भूमिका निभाता था। ईडी के अनुसार, भुल्लर ने कथित तौर पर एक आपराधिक मामले में अनुचित लाभ पहुँचाने के बदले शारदा के माध्यम से ₹8 लाख की रिश्वत माँगी थी।
इनमें से ₹5 लाख कथित तौर पर एक मामले को रफा-दफा करने और शिकायतकर्ता को बिना पुलिस हस्तक्षेप के अपना कारोबार जारी रखने देने के एवज में दिए गए थे।
घर की तलाशी में करोड़ों की संपत्ति बरामद
CBI द्वारा भुल्लर के आवास पर की गई तलाशी के दौरान ₹7.37 करोड़ नकद और ₹2.32 करोड़ मूल्य के आभूषण बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त लग्जरी घड़ियाँ, महँगी गाड़ियाँ, बैंक जमा एवं बड़ी अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज़ भी अधिकारियों को मिले।
PMLA की धारा 17 के तहत ईडी की अपनी तलाशी में ₹8.35 लाख नकद जब्त किए गए और लगभग ₹1.42 करोड़ शेष राशि वाले बैंक खाते फ्रीज किए गए।
ईडी का निष्कर्ष
ईडी ने प्रारंभिक जांच में दावा किया है कि भुल्लर अपराध से अर्जित संदिग्ध आय को हासिल करने, अपने पास रखने, छिपाने और उसका उपयोग करने में शामिल था। मामले की जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियों से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब पुलिस बल में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जाँच एजेंसियाँ सक्रिय हैं। भुल्लर पहले ही निलंबित थे और अब उनकी हिरासत के साथ मामला न्यायिक प्रक्रिया के एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है।