राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच हो, ई-20 पेट्रोल पर विपक्ष का संसद में प्रदर्शन; अमित शाह से जवाब तलब
सारांश
मुख्य बातें
मानसून सत्र के दौरान 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में संसद परिसर के बाहर समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव समेत विपक्षी सांसदों ने श्रीराम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और ई-20 पेट्रोल नीति पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करने की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
सपा सांसद डिंपल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष जनता की आस्था और आर्थिक हितों से जुड़े हर मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़ा मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से सीधे जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सपा के वरिष्ठ नेता और सांसद राम गोपाल यादव ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा और अन्य जनसरोकार के मुद्दों को सरकार के संज्ञान में लाना है।
ई-20 पेट्रोल पर विपक्ष की आपत्ति
डिंपल यादव ने ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मौजूदा वाहन ई-20 या भविष्य में प्रस्तावित ई-30 और ई-40 ईंधन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं।
उन्होंने माँग की कि ऑटोमोबाइल कंपनियाँ इस संबंध में स्पष्ट प्रमाणन दें, अन्यथा आम लोगों पर ऐसे ईंधन के उपयोग का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। आलोचकों का कहना है कि बिना उचित प्रमाणन के इस बदलाव से वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
पप्पू यादव और राजद के आरोप
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाए और जवाबदेही तय करने की माँग की। हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद बांसुरी स्वराज पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें कानूनी कार्रवाई से पहले संसदीय प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे हिंसा में विश्वास नहीं करते और प्रयागराज की अदालत द्वारा भेजे गए नोटिस का विधिक प्रक्रिया के तहत जवाब देंगे।
राजद सांसद संजय यादव ने कहा कि राम मंदिर के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित अनियमितता का मामला अत्यंत गंभीर है। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि किसी धार्मिक उद्देश्य के लिए एकत्रित धन का दुरुपयोग बड़ा पाप माना जाता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
झामुमो की माँग और छात्र मुद्दा
झामुमो सांसद महुआ माजी ने झारखंड में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे ही मामला सामने आया, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे सुनिश्चित किए और झारखंड सीआईडी लगातार छापेमारी व गिरफ्तारियाँ कर रही है।
महुआ माजी ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया और माँग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित होकर लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल जैसे आरोपों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करें।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र कई विवादास्पद मुद्दों के बीच चल रहा है। विपक्ष का कहना है कि वह इन मुद्दों को सदन के भीतर भी उठाता रहेगा। गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावे और ई-20 ईंधन नीति दोनों ही मुद्दे जनभावनाओं और आर्थिक हितों से जुड़े हैं, जिन पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।