29 जुलाई 2026
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राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में हंगामा, दिल्ली पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष ने घेरा गृह मंत्रालय

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राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में हंगामा, दिल्ली पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष ने घेरा गृह मंत्रालय

सारांश

राहुल गांधी के एक सवाल ने लोकसभा को रणभूमि में बदल दिया। दिल्ली पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण — यही वह धुरी है जिस पर विपक्ष ने गृह मंत्रालय को घेरा। छात्रों पर पेलेट गन के आरोप और पेपर लीक का संदर्भ मिलकर संसद में एक बड़ी जवाबदेही की माँग बन गए।

मुख्य बातें

29 जुलाई को लोकसभा में राहुल गांधी के बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव हुआ।
विपक्ष ने माँग की कि दिल्ली पुलिस कार्रवाई के आदेश किसने दिए, इसका जवाब गृह मंत्रालय सदन में दे।
शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत , कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और इमरान मसूद , तथा सपा के नीरज मौर्य ने सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर एके-47, पेलेट गन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल हुआ।
विपक्ष ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर माफी नहीं मांगेंगे।
विवाद की जड़ में नीट पेपर लीक से जुड़े छात्र आंदोलन और उस पर कथित पुलिस कार्रवाई है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों के बाद 29 जुलाई को सदन में तीखा टकराव देखने को मिला। दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक विवाद और गृह मंत्रालय की जवाबदेही — इन तीन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर मांग की कि सरकार सदन में स्पष्ट करे कि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश किसने दिए।

मुख्य घटनाक्रम

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने सदन में कहा कि पूरे मामले को शब्दों के ज़रिए भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस राज्य सरकार के अधीन नहीं, बल्कि सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के नियंत्रण में काम करती है। सावंत ने तर्क दिया कि संसद में मंत्रियों के नाम लेकर सवाल पूछना कोई असंसदीय कृत्य नहीं है और यदि छात्रों पर बल प्रयोग हुआ है तो उसके आदेश की जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ जो भी कार्रवाई हुई, उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी गृह मंत्रालय पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और सरकार को राहुल गांधी से माफी मांगने की बजाय छात्रों और देश से माफी मांगनी चाहिए।

सत्ता पक्ष पर व्यवधान का आरोप

समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने संसद में हुए हंगामे के लिए सत्ता पक्ष को सीधे ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष अपना पक्ष रख रहे थे, तब सत्ता पक्ष की ओर से लगातार व्यवधान डाला गया। मौर्य ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार नहीं चाहती कि सदन सुचारु रूप से चले और यदि सरकार तथ्यों की मांग करती है तो पहले नेता प्रतिपक्ष को बोलने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी ने केवल एक वैध सवाल उठाया, जिस पर सत्ता पक्ष ने सदन में हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने सरकार से माँग की कि वह स्पष्ट करे कि कथित गोली चलाने या पुलिस कार्रवाई के आदेश किसने दिए।

पेपर लीक और छात्र आंदोलन का संदर्भ

कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने बताया कि संसद में जिस विधेयक पर उस दिन चर्चा हो रही थी, उसका सीधा संबंध पेपर लीक के मुद्दे से है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में — विशेषकर नीट पेपर लीक विवाद के बाद — देशभर में छात्रों के बड़े आंदोलन हुए हैं। ईडन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एके-47, पेलेट गन और लाठीचार्ज जैसे कदम उठाए गए और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी कठोर व्यवहार किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर किसी प्रकार की माफी नहीं मांगेंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र पहले से ही कई विवादास्पद मुद्दों को लेकर गरमाया हुआ है। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होने के कारण यह विवाद संवैधानिक जवाबदेही का सवाल भी बन गया है। सत्ता पक्ष की ओर से सदन में औपचारिक जवाब अपेक्षित है, और विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जब तक सरकार पुलिस कार्रवाई के आदेशों पर स्पष्टीकरण नहीं देती, यह मुद्दा संसद में गूँजता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल सवाल गहरा है — दिल्ली पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होने के बावजूद गृह मंत्रालय जवाब देने से क्यों बचता दिख रहा है? पेलेट गन और एके-47 जैसे आरोप अगर सत्यापित होते हैं, तो यह महज संसदीय शोर नहीं, बल्कि राज्य बल के दुरुपयोग का गंभीर मामला बनता है। नीट पेपर लीक के बाद छात्रों का गुस्सा पहले से सुलग रहा था — संसद में इस मुद्दे को दबाने की कोशिश उस आग में घी का काम कर सकती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि यह बहस केवल राहुल बनाम शाह नहीं है — यह उस व्यापक सवाल की परछाईं है कि लोकतंत्र में सुरक्षा बलों की जवाबदेही किसके प्रति होती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकसभा में 29 जुलाई को हंगामा किस बात पर हुआ?
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह पर दिल्ली पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद सदन में तीखा टकराव हुआ। विपक्ष ने माँग की कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के आदेश किसने दिए, इसका जवाब सरकार सदन में दे।
दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय का विवाद क्यों मायने रखता है?
दिल्ली पुलिस सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के नियंत्रण में काम करती है, न कि दिल्ली राज्य सरकार के अधीन। इसीलिए विपक्ष का तर्क है कि छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी सीधे गृह मंत्रालय पर आती है।
पेपर लीक और छात्र आंदोलन का इस संसदीय विवाद से क्या संबंध है?
संसद में उस दिन जिस विधेयक पर चर्चा हो रही थी, उसका सीधा संबंध पेपर लीक के मुद्दे से था। नीट पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों के बड़े आंदोलन हुए थे और उन्हीं आंदोलनों के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई अब संसद में सवालों के घेरे में है।
विपक्ष ने छात्रों पर किस तरह की पुलिस कार्रवाई के आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एके-47, पेलेट गन और लाठीचार्ज जैसे कदम उठाए गए। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी कठोर व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया। ये आरोप अभी कथित हैं और सरकार की ओर से इनका खंडन या पुष्टि अपेक्षित है।
क्या राहुल गांधी इस मुद्दे पर माफी मांगेंगे?
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने सदन में स्पष्ट किया कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर किसी प्रकार की माफी नहीं मांगेंगे। विपक्ष का कहना है कि राहुल गांधी ने जनता के मन का सवाल उठाया है और माफी सरकार को छात्रों से मांगनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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