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क्या दिलीप घोष ने टीएमसी पर एसआईआर के खिलाफ बयान देकर सही किया?

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क्या दिलीप घोष ने टीएमसी पर एसआईआर के खिलाफ बयान देकर सही किया?

सारांश

पश्चिम बंगाल में एसआईआर की घोषणा के बाद टीएमसी और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। दिलीप घोष ने टीएमसी पर विदेशी तत्वों का समर्थन करने का आरोप लगाया। क्या यह विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्म करेगा?

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर की घोषणा के बाद तनाव बढ़ा है।
टीएमसी का कहना है कि वे बंगाल की जनता के साथ खड़े हैं।
राजनीतिक विवाद ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है।
भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

मिदनापुर, 30 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में एसआईआर की घोषणा के बाद, राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) लगातार विरोध कर रही है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने टीएमसी के विरोध पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस पार्टी का काम विदेशी तत्वों का समर्थन और संरक्षण करना है।

दिलीप घोष ने कहा, "जितने विदेशी तत्व पश्चिम बंगाल में मौजूद हैं, उनका समर्थन और संरक्षण करने का कार्य टीएमसी करती है।" उन्होंने यह भी कहा, "जिनके बाप-दादा हैं, उन्हें अपना सर्टिफिकेट दिखाना चाहिए। दूसरों के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"

उन्होंने बताया, "यहां लोग आए, घर बनाए और गाड़ियां खरीदीं। ये सब बेकार साबित होंगे। यदि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया तो कोई भी इन्हें खोजने नहीं मिलेगा। ये सभी चूहे की बिल में चले जाएंगे।"

'प्रदीप कर' के आत्महत्या मामले पर टीएमसी ने 'प्रदीप कर के लिए न्याय' रैली का आयोजन किया है। इस पर दिलीप घोष ने पलटवार करते हुए कहा कि टीएमसी को विरोध करने के लिए केवल बहाने की आवश्यकता है।

टीएमसी की रैली पर दिलीप घोष ने कहा, "उन्हें विरोध करना है, लेकिन किसके खिलाफ? वे संवैधानिक व्यवस्था, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों, सेना और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध करते हैं। उनका एकमात्र काम है विरोध करना।"

इससे पहले, टीएमसी ने प्रदीप कर के कथित आत्महत्या केस को लेकर भाजपा पर हमला बोला। टीएमसी ने एक्स पर लिखा, "तृणमूल बंगाल के साथ खड़ी है, जबकि भाजपा एसआईआर के जरिए दहशत फैलाने की कोशिश कर रही है।"

पार्टी ने आगे लिखा, "अभिषेक बनर्जी और तृणमूल का हर कार्यकर्ता बंगाल की जनता के साथ एकजुटता और निडरता से खड़ा है। हम एक भी असली मतदाता को उसका अधिकार नहीं खोने देंगे। अभिषेक बनर्जी ने पानीहाटी के प्रदीप कर की मृत्यु के खिलाफ विरोध मार्च का आह्वान किया है। जब वे (भाजपा) डर फैलाते हैं, तो बंगाल एकजुटता से जवाब देता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में वर्तमान समय में तीव्र द्वंद्व चल रहा है। टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप से राज्य में राजनीतिक स्थिरता प्रभावित हो रही है। हमें आशा है कि यह मुद्दा संवाद और सहमति के माध्यम से सुलझाया जाएगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीएमसी और भाजपा के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या है?
विवाद का मुख्य कारण टीएमसी पर विदेशी तत्वों का समर्थन करने का आरोप और भाजपा की राजनीतिक रणनीतियाँ हैं।
दिलीप घोष का बयान किस संदर्भ में था?
दिलीप घोष का बयान टीएमसी के विरोध के संदर्भ में था, जिसमें उन्होंने सर्टिफिकेट दिखाने की बात कही।
राजनीतिक स्थिति का बंगाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
राजनीतिक स्थिति बंगाल की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।
क्या टीएमसी के विरोध से भाजपा को फायदा होगा?
यह कहना मुश्किल है, लेकिन भाजपा को इस विवाद से राजनीतिक लाभ उठाने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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