15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला: भाजपा बोली — 'जनता के आक्रोश का नतीजा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला: भाजपा बोली — 'जनता के आक्रोश का नतीजा'

सारांश

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद भाजपा ने इसे जनता के स्वाभाविक आक्रोश की संज्ञा दी — लेकिन साथ ही हिंसा से दूरी भी बनाई। यह घटना चुनावोत्तर तनाव की उस बड़ी तस्वीर का हिस्सा है जो 4 मई के नतीजों के बाद से बंगाल में उभरी है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी पर 30 मई को सोनारपुर, दक्षिण 24 परगना में हमला हुआ; कथित तौर पर भीड़ ने अंडे और चप्पलें फेंकीं।
वे एक ऐसे TMC कार्यकर्ता से मिलने गए थे जो 4 मई के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद चुनावोत्तर हिंसा का शिकार हुआ था।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने हमले को जनता के गुस्से का नतीजा बताया, लेकिन हिंसा का समर्थन करने से इनकार किया।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने इसे तृणमूल के अत्याचारों के प्रति 'स्वाभाविक प्रतिक्रिया' कहा।
भाजपा सांसद सौमित्र खान ने हमले के दौरान बनर्जी को बचाने के लिए बंगाल पुलिस की सराहना की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार, 30 मई को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में उस समय हमला किया गया, जब वे एक पार्टी कार्यकर्ता से मिलने पहुँचे थे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना को तृणमूल के विरुद्ध जनता के गहरे असंतोष की अभिव्यक्ति बताया, हालाँकि साथ ही हिंसा की निंदा भी की।

घटनाक्रम: क्या हुआ सोनारपुर में

अभिषेक बनर्जी उस पार्टी कार्यकर्ता से मुलाकात करने सोनारपुर गए थे, जो कथित तौर पर 4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई चुनावोत्तर हिंसा का शिकार हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, वहाँ पहुँचने पर भीड़ ने उन पर अंडे और चप्पलें फेंकीं और उनके साथ मारपीट की। बंगाल पुलिस ने उन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास किया।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, 'जिस तरह से इन्होंने लोगों, माताओं और बहनों के खिलाफ अत्याचार किए हैं, इतने सारे लोगों की हत्या की गई है, भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है — इसलिए उनके प्रति लोगों का गुस्सा जायज़ है।' हालाँकि शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून को अपने हाथ में लेने की कोई ज़रूरत नहीं है और हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जा सकता।

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने दावा किया कि तृणमूल नेताओं के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा, 'जब ममता बनर्जी अदालत गईं, तो लोग 'चोर-चोर' के नारे लगा रहे थे — इनमें आम जनता और वकील दोनों शामिल थे।' सिन्हा ने इसे जनता की 'स्वाभाविक प्रतिक्रिया' करार दिया और कहा कि यह सिलसिला केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा किसी पर भी इस तरह के हमलों का समर्थन नहीं करती।

भाजपा सांसद सौमित्र खान ने हमले के दौरान अभिषेक बनर्जी को सुरक्षित निकालने के प्रयासों के लिए बंगाल पुलिस की सराहना की।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद चुनावोत्तर हिंसा को लेकर राज्य में तनाव बना हुआ है। 4 मई के परिणामों के बाद से कई जिलों में हिंसा की खबरें सामने आई हैं। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस पर भाजपा लंबे समय से अपने कार्यकर्ताओं पर अत्याचार का आरोप लगाती रही है।

आगे क्या

इस हमले के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद का यह दौर पश्चिम बंगाल में आने वाले हफ्तों में और संवेदनशील हो सकता है। बंगाल पुलिस के रवैये पर सभी दलों की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों काम एक साथ करना। यह वही 'नैतिक दूरी' की रणनीति है जो सत्ता-परिवर्तन के बाद विपक्षी दल अक्सर अपनाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या बंगाल पुलिस, जो अब नई सरकार के अधीन है, चुनावोत्तर हिंसा के सभी मामलों में निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित कर पाएगी — चाहे पीड़ित किसी भी दल का हो। सार्वजनिक हिंसा को 'स्वाभाविक प्रतिक्रिया' कहना, भले ही अस्वीकृति के साथ हो, एक खतरनाक राजनीतिक भाषा है जो भविष्य में और घटनाओं को वैधता दे सकती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमला क्यों हुआ?
अभिषेक बनर्जी 30 मई को सोनारपुर में एक TMC कार्यकर्ता से मिलने गए थे, जो 4 मई के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद चुनावोत्तर हिंसा का शिकार हुआ था। वहाँ पहुँचने पर कथित तौर पर भीड़ ने उन पर अंडे और चप्पलें फेंकीं और मारपीट की।
भाजपा ने इस हमले पर क्या कहा?
भाजपा ने हमले को तृणमूल के विरुद्ध जनता के आक्रोश का परिणाम बताया। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा और राहुल सिन्हा ने कहा कि लोगों का गुस्सा जायज़ है, लेकिन साथ ही हिंसा का समर्थन न करने की बात भी कही।
क्या भाजपा ने इस हमले की निंदा की?
हाँ, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने स्पष्ट कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जा सकता और कानून को हाथ में लेने की ज़रूरत नहीं है। राहुल सिन्हा ने भी कहा कि भाजपा किसी पर भी इस तरह के हमलों का समर्थन नहीं करती।
पश्चिम बंगाल में चुनावोत्तर हिंसा की स्थिति क्या है?
4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसा की खबरें सामने आई हैं। सोनारपुर की यह घटना उसी व्यापक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है।
बंगाल पुलिस की इस मामले में क्या भूमिका रही?
भाजपा सांसद सौमित्र खान ने हमले के दौरान अभिषेक बनर्जी को सुरक्षित निकालने के प्रयासों के लिए बंगाल पुलिस की सराहना की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले