अविजीत मजूमदार ने टीएमसी से इस्तीफा दिया, पार्टी को बताया 'तृणमूल मुस्लिम कांग्रेस'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के असम इकाई के नेता और गुवाहाटी सेंट्रल से हाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहे अविजीत मजूमदार ने 29 मई 2026 को पार्टी से औपचारिक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ई-मेल के ज़रिए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को अपना त्यागपत्र भेजा और पार्टी पर मुस्लिम-केंद्रित राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।
इस्तीफे की वजह
मजूमदार ने कहा कि असम और पश्चिम बंगाल दोनों जगह तृणमूल कांग्रेस की छवि केवल मुस्लिम समुदाय की पार्टी के रूप में बन चुकी है। उनके अनुसार, 'कोई भी हिंदुत्व मानने वाला व्यक्ति टीएमसी में नहीं रह सकता।' उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि अब टीएमसी का अर्थ 'तृणमूल मुस्लिम कांग्रेस' हो गया है।
मजूमदार ने यह भी आरोप लगाया कि असम में बांग्लादेशी और मुस्लिम मतदाताओं की ओर पार्टी का अत्यधिक झुकाव है और पार्टी नेता हिंदुओं के मुद्दों पर कभी बात नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी हिंदू विचारधारा के कारण वे पार्टी में बने रहना उचित नहीं समझते।
पार्टी में मजूमदार की भूमिका
मजूमदार असम तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और पार्टी सचिव के साथ-साथ टीएमसी मीडिया सेल के प्रमुख भी रहे। उन्होंने दावा किया कि असम में टीएमसी को पहचान दिलाने में उनकी अहम भूमिका थी, लेकिन अब वे इसे अपना 'गलत फैसला' मानते हैं।
असम विधानसभा चुनाव 2026 में प्रदर्शन
असम विधानसभा चुनाव 2026 में मजूमदार ने गुवाहाटी सेंट्रल सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। वे केवल 1,061 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता ने जीत दर्ज की।
असम में टीएमसी की स्थिति
मजूमदार ने असम में पार्टी के भविष्य को लेकर निराशाजनक तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि असम टीएमसी कार्यालय में एक भी कार्यकर्ता दिखाई नहीं देता और पार्टी की ज़मीनी उपस्थिति लगभग शून्य हो चुकी है। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब असम में तृणमूल कांग्रेस पहले से ही हाशिये पर है और भाजपा का वर्चस्व बना हुआ है।
मजूमदार के इस कदम से असम में टीएमसी के पुनर्गठन की संभावनाओं पर सवालिया निशान लग गया है। आने वाले दिनों में पार्टी की प्रतिक्रिया और मजूमदार के अगले राजनीतिक कदम पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।