कलकत्ता हाईकोर्ट में आज होगी जहांगीर खान की गिरफ्तारी-सुरक्षा पर सुनवाई, 24 मई को समाप्त हुई थी अंतरिम राहत
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ में मंगलवार, 26 मई को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान की अग्रिम जमानत याचिका पर अहम सुनवाई होनी है। खान को पुलिस की गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा 24 मई को स्वतः समाप्त हो गई — ठीक उसी दिन जब फाल्टा पुनर्मतदान के नतीजे घोषित हुए।
मामले की पृष्ठभूमि
29 अप्रैल को फाल्टा में नियमित मतदान के दौरान और उससे पूर्व मतदाताओं को कथित तौर पर धमकाने के आरोप में खान के विरुद्ध कई प्राथमिकियाँ (FIR) दर्ज की गईं। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उन्होंने 18 मई को — 21 मई को निर्धारित पुनर्मतदान से तीन दिन पहले — कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
उसी दिन सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने खान को 24 मई तक गिरफ्तारी सहित पुलिस की समस्त दंडात्मक कार्रवाइयों से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया और अगली सुनवाई की तारीख 26 मई निर्धारित की।
पुनर्मतदान और चुनावी परिणाम
21 मई को हुए पुनर्मतदान से पहले जहांगीर खान ने एक प्रेस वार्ता में अचानक चुनाव से अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी और नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के फाल्टा के लिए विशेष विकास पैकेज के प्रति एकजुटता व्यक्त की। हालाँकि, यह घोषणा केवल प्रतीकात्मक रही — पुनर्मतदान के दिन भी ईवीएम पर उनका नाम दर्ज था।
24 मई को घोषित नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांशु पांडा ने 1,00,000 से अधिक मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) — के उम्मीदवार शंभूनाथ कुमरी दूसरे स्थान पर रहे, जबकि खान मात्र 7,783 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई।
आज की सुनवाई में क्या दाँव पर
अब अदालत के समक्ष मुख्य प्रश्न यह है कि क्या खान की अंतरिम सुरक्षा आगे बढ़ाई जाए या नहीं। चुनाव परिणाम आ चुके हैं और खान की जमानत भी जब्त हो गई है, ऐसे में यह सुनवाई राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनी हुई है। मामले की सुनवाई अदालत के पहले या दूसरे सत्र के आरंभ में होने की संभावना है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और मतदाता-धमकी के मामलों पर अदालतों की निगरानी बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि फाल्टा पुनर्मतदान स्वयं चुनाव आयोग द्वारा पहले दौर में कथित अनियमितताओं के चलते आदेशित किया गया था। खान का राजनीतिक भविष्य अनिश्चित है — चुनाव हार, जमानत जब्त और सक्रिय आपराधिक प्राथमिकियों के बीच अदालत का अगला कदम अहम होगा।