12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कलकत्ता हाईकोर्ट में आज होगी जहांगीर खान की गिरफ्तारी-सुरक्षा पर सुनवाई, 24 मई को समाप्त हुई थी अंतरिम राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कलकत्ता हाईकोर्ट में आज होगी जहांगीर खान की गिरफ्तारी-सुरक्षा पर सुनवाई, 24 मई को समाप्त हुई थी अंतरिम राहत

सारांश

फाल्टा पुनर्मतदान में जमानत जब्त होने के बाद TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में आज फैसले की घड़ी है — न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की पीठ तय करेगी कि 24 मई को समाप्त हुई गिरफ्तारी-सुरक्षा आगे बढ़ेगी या नहीं।

मुख्य बातें

कलकत्ता उच्च न्यायालय में 26 मई को जहांगीर खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई निर्धारित है।
न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य ने 18 मई को खान को 24 मई तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी थी, जो अब समाप्त हो चुकी है।
29 अप्रैल को फाल्टा मतदान के दौरान मतदाताओं को कथित धमकी देने के आरोप में खान पर कई FIR दर्ज हैं।
फाल्टा पुनर्मतदान ( 21 मई ) में BJP उम्मीदवार देबांशु पांडा ने 1 लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की।
खान केवल 7,783 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई।

कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ में मंगलवार, 26 मई को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान की अग्रिम जमानत याचिका पर अहम सुनवाई होनी है। खान को पुलिस की गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा 24 मई को स्वतः समाप्त हो गई — ठीक उसी दिन जब फाल्टा पुनर्मतदान के नतीजे घोषित हुए।

मामले की पृष्ठभूमि

29 अप्रैल को फाल्टा में नियमित मतदान के दौरान और उससे पूर्व मतदाताओं को कथित तौर पर धमकाने के आरोप में खान के विरुद्ध कई प्राथमिकियाँ (FIR) दर्ज की गईं। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उन्होंने 18 मई को — 21 मई को निर्धारित पुनर्मतदान से तीन दिन पहले — कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।

उसी दिन सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने खान को 24 मई तक गिरफ्तारी सहित पुलिस की समस्त दंडात्मक कार्रवाइयों से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया और अगली सुनवाई की तारीख 26 मई निर्धारित की।

पुनर्मतदान और चुनावी परिणाम

21 मई को हुए पुनर्मतदान से पहले जहांगीर खान ने एक प्रेस वार्ता में अचानक चुनाव से अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी और नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के फाल्टा के लिए विशेष विकास पैकेज के प्रति एकजुटता व्यक्त की। हालाँकि, यह घोषणा केवल प्रतीकात्मक रही — पुनर्मतदान के दिन भी ईवीएम पर उनका नाम दर्ज था।

24 मई को घोषित नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांशु पांडा ने 1,00,000 से अधिक मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) — के उम्मीदवार शंभूनाथ कुमरी दूसरे स्थान पर रहे, जबकि खान मात्र 7,783 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई।

आज की सुनवाई में क्या दाँव पर

अब अदालत के समक्ष मुख्य प्रश्न यह है कि क्या खान की अंतरिम सुरक्षा आगे बढ़ाई जाए या नहीं। चुनाव परिणाम आ चुके हैं और खान की जमानत भी जब्त हो गई है, ऐसे में यह सुनवाई राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनी हुई है। मामले की सुनवाई अदालत के पहले या दूसरे सत्र के आरंभ में होने की संभावना है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और मतदाता-धमकी के मामलों पर अदालतों की निगरानी बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि फाल्टा पुनर्मतदान स्वयं चुनाव आयोग द्वारा पहले दौर में कथित अनियमितताओं के चलते आदेशित किया गया था। खान का राजनीतिक भविष्य अनिश्चित है — चुनाव हार, जमानत जब्त और सक्रिय आपराधिक प्राथमिकियों के बीच अदालत का अगला कदम अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह अब एक ऐसे उम्मीदवार के लिए विस्तार की माँग कर रही है जिसकी जमानत जब्त हो चुकी है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नज़रअंदाज़ करती है कि ऐसे मामलों में न्यायिक राहत और राजनीतिक दाँव एक-दूसरे से कैसे जुड़े होते हैं — और यह सुनवाई उसी जटिलता की परीक्षा है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जहांगीर खान को कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम सुरक्षा क्यों मिली थी?
फाल्टा विधानसभा में 29 अप्रैल के मतदान के दौरान मतदाताओं को कथित धमकी देने के आरोप में कई FIR दर्ज होने के बाद खान ने गिरफ्तारी की आशंका से 18 मई को अग्रिम जमानत याचिका दायर की। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने उसी दिन उन्हें 24 मई तक पुलिस की किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण दिया।
26 मई की सुनवाई में अदालत क्या फैसला कर सकती है?
अदालत यह तय करेगी कि खान की अंतरिम सुरक्षा आगे बढ़ाई जाए या नहीं। चूँकि पुनर्मतदान हो चुका है और खान की जमानत जब्त हो गई है, अदालत के समक्ष यह प्रश्न है कि क्या दर्ज FIR के मद्देनज़र उन्हें निरंतर राहत की ज़रूरत है।
फाल्टा पुनर्मतदान का परिणाम क्या रहा?
24 मई को घोषित नतीजों में BJP उम्मीदवार देबांशु पांडा ने 1 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की। CPI(M) के शंभूनाथ कुमरी दूसरे स्थान पर रहे, जबकि जहांगीर खान केवल 7,783 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई।
जहांगीर खान ने चुनाव से नाम वापस लेने की घोषणा क्यों की?
21 मई के पुनर्मतदान से पहले खान ने प्रेस वार्ता में नाम वापसी की घोषणा की और नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के फाल्टा विकास पैकेज के प्रति समर्थन जताया। हालाँकि यह घोषणा प्रतीकात्मक ही रही — ईवीएम पर उनका नाम बना रहा और मतदाताओं ने उन्हें वोट भी दिए।
फाल्टा में पुनर्मतदान क्यों हुआ?
चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल के नियमित मतदान में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं को धमकाने की शिकायतों के आधार पर फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को पुनर्मतदान का आदेश दिया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले