मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की निंदा, सुकांता मजूमदार ने की सख्त कार्रवाई की मांग
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कोलकाता, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा शासित पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक बंधक बनाए जाने की घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा नेता सुकांता मजूमदार ने शुक्रवार को इस मामले पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
सुकांता मजूमदार ने कहा, "यह घटना जो हुई है, जिसमें न्यायिक अधिकारियों को लगभग 8 घंटे तक बंधक बनाया गया, उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस मामले की एनआईए जांच चल रही है, जिसमें एआईएमआईएम नेता मोफक्करुल की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। उन्होंने लोगों को भड़काने का काम किया।"
उन्होंने आगे कहा, "मोफक्करुल इटाहार का निवासी है, जबकि टीएमसी के अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष भी वहीं से है। क्या इन दोनों नेताओं के बीच इस घटना का कोई संबंध है? क्या ममता बनर्जी ने जानबूझकर मुस्लिम वोट के लिए यह सब होने दिया? इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। जो दंगाई मानसिकता के लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
इस घटना की निंदा करते हुए एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी ने कहा, "ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। हमारा देश संविधान के अनुसार चलता है। जो भी इस घटना का जिम्मेदार है, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि मालदा में जो लोग प्रदर्शन कर रहे थे, वे किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं थे, बल्कि वे देश के नागरिक थे जो परेशान थे और मतदाता सूची में उनके नाम नहीं थे।
उन्होंने कहा, "यह सरकार जनता की है। सरकारी सेवक की सैलरी जनता के टैक्स से मिलती है। ऐसे में जनता सवाल कर रही थी। लेकिन कुछ लोग तोड़फोड़ में शामिल हो गए, जिसका हम विरोध करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए था।"