मालदा मोथाबारी मामला: एनआईए ने 23 और आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल, 6 केस में कार्रवाई पूरी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने 30 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबारी में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और उत्पीड़न से जुड़े दो नए मामलों में 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट कोलकाता स्थित एनआईए की स्पेशल कोर्ट में पेश की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
दाखिल की गई दो चार्जशीटों में से पहली 22 आरोपियों के खिलाफ है और 54 पृष्ठों की है, जबकि दूसरी एक आरोपी के खिलाफ 11 पृष्ठों की है। दूसरी चार्जशीट में रिंकू आरी का नाम शामिल बताया गया है। इस कार्रवाई के साथ एनआईए अब मोथाबारी से जुड़े कुल 12 में से 6 मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
आरोपों की प्रकृति
सभी 23 आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की कई धाराओं के अंतर्गत मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें हत्या का प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, उत्पीड़न, सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा, गैर-कानूनी हिरासत और सरकारी कामकाज में व्यवधान जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
पृष्ठभूमि: मोथाबारी में क्या हुआ था
यह मामला इस वर्ष की शुरुआत में मालदा के अल्पसंख्यक-बहुल मोथाबारी क्षेत्र में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) अभियान के दौरान उपजा। इस प्रक्रिया में लगे न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर बंधक बनाया गया, उनके वाहनों पर हमला किया गया और उन्हें अपना कार्य करने से रोका गया। एनआईए जाँचकर्ताओं के अनुसार, पूरी घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। कुल 12 मामले इस उत्पीड़न-शृंखला से जुड़े हुए दर्ज किए गए थे।
कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी
25 जून को एनआईए ने इसी मामले में कांग्रेस नेता सायेम चौधरी को गिरफ्तार किया। मोथाबारी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व उम्मीदवार चौधरी को एजेंसी के कोलकाता कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया। जाँचकर्ताओं के अनुसार, उनके खिलाफ वीडियो फुटेज मिले हैं जिनमें वे एसआईआर प्रक्रिया और न्यायिक अधिकारियों के विरुद्ध कथित तौर पर भड़काऊ बयान देते दिख रहे हैं। एनआईए को यह भी संदेह है कि न्यायिक अधिकारियों के वाहनों पर हमले में उनकी भूमिका थी।
इससे पहले की चार्जशीट
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में एनआईए ने चार केस में 31 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम और एकरामुल बडनानी के नाम शामिल थे। मंगलवार की कार्रवाई उसी जाँच की अगली कड़ी है।
आगे क्या
एनआईए की जाँच अभी जारी है और शेष 6 मामलों में भी चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है। स्पेशल कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ यह देखा जाएगा कि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा के इन मामलों में अदालत किस दिशा में फैसला करती है।