जलपाईगुड़ी में नशा विरोधी अभियान: युवाओं की CM शिकायत के दो दिन बाद पुलिस ने मारे छापे
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी शहर की इंदिरा गांधी कॉलोनी में सोमवार रात पुलिस ने बड़ा नशा विरोधी अभियान चलाया, जिसमें मादक पदार्थ और अवैध शराब बरामद की गई। यह कार्रवाई उस शिकायत के ठीक दो दिन बाद हुई, जब कॉलोनी के दो युवा निवासियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष इलाके में बढ़ते नशीले पदार्थों के कारोबार की बात रखी थी।
शिकायत से कार्रवाई तक का घटनाक्रम
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले सप्ताह जब मुख्यमंत्री जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जल्पेश मंदिर जा रहे थे, तब दीप दास और गगन साकरू ने उनके काफिले को रोककर इंदिरा गांधी कॉलोनी में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की शिकायत की। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर दोनों युवकों को अपना मोबाइल नंबर दिया और कहा कि यदि समस्या बनी रहे तो वे व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क करें।
इसके दो दिन बाद कोतवाली थाने की पुलिस ने सोमवार रात इंदिरा गांधी कॉलोनी में छापेमारी कर मादक पदार्थ और शराब की बोतलें जब्त कीं। मंगलवार को अधिकारियों ने इस अभियान की पुष्टि की।
पुलिस का पक्ष
जिला पुलिस अधीक्षक सुजाता कुमारी वीणापाणि ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। उन्होंने कहा, 'हम पूरे जिले में नियमित रूप से नशा विरोधी अभियान चला रहे हैं।'
स्थानीय समस्या की गहराई
स्थानीय निवासियों का लंबे समय से आरोप है कि इंदिरा गांधी कॉलोनी के बाजार क्षेत्र में कई चाय की दुकानों और होटलों की आड़ में अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार चलाया जाता है। इससे न केवल सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब गौरतलब है कि पहले भी पुलिस ने इस इलाके में कई बार छापेमारी की थी, लेकिन हर अभियान के बाद अवैध कारोबार फिर से शुरू हो जाता था। निवासियों ने यह भी बताया कि पिछली छापेमारियों में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
आम जनता की माँगें
इलाके के निवासियों ने उन प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है जिन पर अवैध कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप है। साथ ही उन्होंने नियमित पुलिस निगरानी और लगातार छापेमारी सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
आगे क्या होगा
पुलिस की ताजा कार्रवाई के बावजूद निवासियों की असली चिंता यह है कि क्या इस बार भी कोई ठोस गिरफ्तारी होगी या अभियान महज खानापूर्ति बनकर रह जाएगा। जिला पुलिस ने निरंतर अभियान जारी रखने का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए क्षेत्र में दीर्घकालिक निगरानी तंत्र की जरूरत बताई जा रही है।