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जम्मू में नशा-विरोधी अभियान: 250 घरों की तलाशी, 18 संदिग्ध हिरासत में; अमरनाथ यात्रा सुरक्षा पर मल्टी-एजेंसी बैठक

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जम्मू में नशा-विरोधी अभियान: 250 घरों की तलाशी, 18 संदिग्ध हिरासत में; अमरनाथ यात्रा सुरक्षा पर मल्टी-एजेंसी बैठक

सारांश

जम्मू पुलिस ने गांधीनगर की वाल्मीकि कॉलोनी में 250 से अधिक घरों की तलाशी लेकर 18 संदिग्धों को हिरासत में लिया। वहीं रियासी में एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल की अध्यक्षता में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ सहित सभी एजेंसियों की उच्चस्तरीय मल्टी-एजेंसी बैठक हुई।

मुख्य बातें

जम्मू की वाल्मीकि कॉलोनी, गांधीनगर में 24 जून 2026 को नशा-विरोधी अभियान में 250 से अधिक घरों की तलाशी ली गई।
गांजा तस्करी की सूचना के आधार पर 18 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
अभियान एसपी साउथ जोन जम्मू के नेतृत्व में चलाया गया।
रियासी में एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल की अध्यक्षता में अमरनाथ यात्रा, कौसर नाग यात्रा और श्री बुद्धा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर मल्टी-एजेंसी बैठक हुई।
बैठक में चिनाब ब्रिज, अंजी ब्रिज और रेलवे संरचनाओं की सुरक्षा मजबूत करने, मॉक ड्रिल और ड्रोन तकनीक के उपयोग के निर्देश दिए गए।
पाकिस्तान से जुड़े फोन कॉल ( पीआईओ ) के खतरे को लेकर सभी एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई।

जम्मू पुलिस ने 24 जून 2026 को गांधीनगर की वाल्मीकि कॉलोनी में बड़े पैमाने पर नशा-विरोधी अभियान चलाया, जिसमें 250 से अधिक घरों की तलाशी ली गई और 18 संदिग्धों को पूछताछ व सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया। इसी दिन रियासी जिले में आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

अभियान की पृष्ठभूमि और कार्रवाई

दक्षिण जोन पुलिस को गांधीनगर की वाल्मीकि कॉलोनी में गांजा बेचे जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह विशेष सर्च और कॉर्डन ऑपरेशन शुरू किया गया। यह अभियान एसपी साउथ जोन जम्मू के नेतृत्व में सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस का उद्देश्य इलाके में सक्रिय नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाना था।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को तत्काल पुलिस के संज्ञान में लाएं।

अमरनाथ यात्रा सुरक्षा: मल्टी-एजेंसी समन्वय बैठक

रियासी जिले में जिला पुलिस लाइन में एक सब्सिडियरी मल्टी एजेंसी सेंटर (SMAC) बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एसएसपी रियासी मुकुंद तिबरेवाल ने की। इस बैठक में पुलिस, सेना, सीआरपीएफ (CRPF), सीआईएसएफ (CISF), बीएसएफ (BSF), जेकेएपी (JKAP) और विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जबकि एसएचओ स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

बैठक में अमरनाथ यात्रा, कौसर नाग यात्रा और श्री बुद्धा अमरनाथ यात्रा — तीनों धार्मिक यात्राओं की सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू व्यवस्था पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियाँ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर तैयारियाँ तेज़ कर रही हैं।

सुरक्षा एजेंडे के प्रमुख बिंदु

बैठक में कानून-व्यवस्था, आतंकवाद-रोधी उपाय, ओवरग्राउंड वर्कर्स की निगरानी, लापता युवाओं पर नज़र, कट्टरपंथ रोकथाम और खुफिया-आधारित कार्रवाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई। एसएसपी तिबरेवाल ने चिनाब ब्रिज, अंजी ब्रिज और रेलवे संरचनाओं जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने के विशेष निर्देश दिए।

उन्होंने नियमित मॉक ड्रिल, संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और सीमावर्ती गांवों के नागरिकों से संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। सीसीटीवी कैमरों की जांच, ड्रोन तकनीक के उपयोग और यात्रा मार्गों पर एसओपी के कड़े पालन के निर्देश भी दिए गए।

पाकिस्तानी फोन कॉल और तकनीकी खतरे पर सतर्कता

पीआईओ (पाकिस्तान से जुड़े फोन कॉल) के खतरे को देखते हुए सभी एजेंसियों को किसी भी संवेदनशील जानकारी साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई। ग्राम रक्षा समूहों के प्रशिक्षण और फायरिंग अभ्यास में सहयोग देने के निर्देश भी जारी किए गए।

मानसून के दौरान संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और अन्य एजेंसियों को तैयार रहने को कहा गया। यात्रा में शामिल घोड़ा-खच्चर चालकों का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है।

आगे की तैयारियाँ

एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी एजेंसियों को सतर्कता व समन्वय के साथ मिलकर काम करना होगा। बैठक के समापन पर सभी सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इसकी सुरक्षा केंद्र व राज्य दोनों स्तरों पर सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों ही जम्मू-कश्मीर की स्थिरता के लिए दीर्घकालिक चुनौतियाँ हैं। वाल्मीकि कॉलोनी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में कॉर्डन ऑपरेशन प्रभावी हो सकते हैं, लेकिन सवाल यह है कि हिरासत में लिए गए 18 लोगों में से कितनों के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं — यह आंकड़ा बाद की कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में पीआईओ खतरे और ओवरग्राउंड वर्कर्स पर जोर बताता है कि खुफिया एजेंसियाँ किसी विशेष इनपुट के आधार पर काम कर रही हैं, जिसका सार्वजनिक खुलासा अभी नहीं हुआ है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू के गांधीनगर में नशा-विरोधी अभियान में क्या हुआ?
जम्मू पुलिस की दक्षिण जोन टीम ने 24 जून 2026 को गांधीनगर की वाल्मीकि कॉलोनी में विशेष सर्च और कॉर्डन ऑपरेशन चलाया, जिसमें 250 से अधिक घरों की तलाशी ली गई और 18 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई गांजा बेचे जाने की सूचना के आधार पर की गई थी।
रियासी में अमरनाथ यात्रा सुरक्षा बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक की अध्यक्षता एसएसपी रियासी मुकुंद तिबरेवाल ने की और इसमें पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, जेकेएपी और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। एसएचओ स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
अमरनाथ यात्रा 2026 की सुरक्षा के लिए क्या विशेष निर्देश दिए गए?
एसएसपी मुकुंद तिबरेवाल ने चिनाब ब्रिज, अंजी ब्रिज और रेलवे संरचनाओं की सुरक्षा मजबूत करने, नियमित मॉक ड्रिल, ड्रोन तकनीक के उपयोग, घोड़ा-खच्चर चालकों के सत्यापन और पाकिस्तानी फोन कॉल (पीआईओ) के खतरे से सावधान रहने के निर्देश दिए। ग्राम रक्षा समूहों के प्रशिक्षण और एसडीआरएफ को तैयार रखने पर भी जोर दिया गया।
रियासी बैठक में किन यात्राओं की सुरक्षा पर चर्चा हुई?
बैठक में अमरनाथ यात्रा, कौसर नाग यात्रा और श्री बुद्धा अमरनाथ यात्रा — तीनों की सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई।
जम्मू पुलिस ने नशा तस्करी रोकने के लिए आम जनता से क्या अपील की है?
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को तत्काल पुलिस को दें, ताकि इलाके में सक्रिय नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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