जम्मू पुलिस का गांधी नगर में नशा-विरोधी सीएएसओ अभियान, 250+ घरों की तलाशी; मुंबई एयरपोर्ट पर ₹2.05 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड जब्त
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू पुलिस के साउथ जोन ने 24 जून 2026 को गांधी नगर की वाल्मीकि कॉलोनी में एक सघन घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया, जिसके तहत 250 से अधिक घरों की बारीकी से जाँच की गई और 18 संदिग्धों को पूछताछ व सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई इलाके में गांजे की बिक्री की हालिया सूचनाओं के बाद 'नशा मुक्त अभियान' के तहत की गई।
अभियान का मकसद और कार्यप्रणाली
पूरे अभियान का नेतृत्व जम्मू के एसपी (साउथ जोन) ने किया, जिसमें साउथ जोन पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल रहे। अभियान को योजनाबद्ध और समन्वित ढंग से अंजाम दिया गया, जिसका उद्देश्य इलाके में सक्रिय ड्रग तस्करों और असामाजिक तत्वों की पहचान करना, उनकी गतिविधियों पर लगाम लगाना और नशीले पदार्थों की आपूर्ति व माँग — दोनों श्रृंखलाओं को एक साथ निशाना बनाना था।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस 'नशा मुक्त अभियान' के अंतर्गत पूरे केंद्र शासित प्रदेश में ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के लिए इस तरह के केंद्रित अभियान नियमित रूप से चला रही है। वाल्मीकि कॉलोनी में यह ऑपरेशन उसी व्यापक रणनीति की एक कड़ी है।
मुंबई एयरपोर्ट पर ₹2.05 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड जब्त
इसी बीच, मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने ₹2.05 करोड़ मूल्य की हाइड्रोपोनिक वीड (कैनबिस) जब्त की। मुंबई कस्टम्स के अनुसार, बैंकॉक से आए यात्री को संदिग्ध सामान होने की आशंका पर रोका गया और उसके सामान की गहन जाँच की गई।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को उसके ट्रॉली बैग में 14 पैकेट मिले, जिनमें एक पौधे के फूल और ऊपरी हिस्से पाए गए। जाँच में यह हाइड्रोपोनिक वीड (कैनबिस) पाई गई। इस मामले में गिरफ्तार 28 वर्षीय आरोपी की पहचान एडी रजानी के रूप में हुई है, जो गुजरात के जामनगर का निवासी है। वह बैंकॉक से भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा था।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
जम्मू पुलिस ने ड्रग इकोसिस्टम को समूल नष्ट करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए आम जनता से अपील की है कि वे ड्रग तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस तक पहुँचाएँ, ताकि समय पर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर चिंता बढ़ रही है। आने वाले दिनों में इस तरह के और अभियान चलाए जाने की संभावना है।