4 अगस्त 2026
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असम में NEP 2020 के तहत स्कूल मैनेजमेंट कमेटी गठन का निर्देश, SMDC होगी समाप्त

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असम में NEP 2020 के तहत स्कूल मैनेजमेंट कमेटी गठन का निर्देश, SMDC होगी समाप्त

सारांश

असम में NEP 2020 के तहत स्कूल प्रशासन का नया अध्याय शुरू हो रहा है — SMDC की जगह SMC लेगी, समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी और 12वीं तक के सभी सरकारी स्कूलों में एकसमान शासन ढाँचा लागू होगा।

मुख्य बातें

असम स्कूल शिक्षा विभाग ने 4 अगस्त 2026 को नई अधिसूचना जारी कर सभी सरकारी व प्रांतीयकृत स्कूलों में SMC गठन अनिवार्य किया।
प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के एक महीने के भीतर SMC बनाना आवश्यक होगा।
माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत SMDC का नया गठन अब नहीं होगा; उसकी जगह SMC लेगी।
कमेटी का आकार छात्र संख्या पर निर्भर: 100 तक — 12-15 सदस्य; 100-500 — 15-20 सदस्य; 500 से अधिक — 20-25 सदस्य।
यह अधिसूचना RTE अधिनियम 2009 की धारा 21 , NEP 2020 और समग्र शिक्षा 2.0 के प्रावधानों पर आधारित है।

असम के स्कूल शिक्षा विभाग ने 4 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए राज्य के सभी सरकारी और प्रांतीयकृत विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रावधानों के अनुरूप प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष आरंभ होने के एक महीने के भीतर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) का गठन करें। इस अधिसूचना के लागू होते ही माध्यमिक विद्यालयों में अब तक कार्यरत स्कूल मैनेजमेंट डेवलपमेंट कमेटी (SMDC) का गठन बंद कर दिया जाएगा।

नई अधिसूचना में क्या है

विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में लोअर प्राइमरी, अपर प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यालयों के लिए SMC के गठन, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के नियम विस्तार से तय किए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह आदेश SMC से संबंधित पूर्व के सभी सरकारी नोटिफिकेशन, निर्देशों और दिशा-निर्देशों की जगह लेगा।

यह अधिसूचना 'बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009' की धारा 21 के अंतर्गत जारी की गई है। इसमें NEP 2020 और 'समग्र शिक्षा 2.0' फ्रेमवर्क के प्रावधानों को भी एकीकृत किया गया है।

SMDC की जगह SMC: क्या बदलेगा

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यालय — सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी संस्थानों सहित — अब SMC के तहत संचालित होंगे। इसके परिणामस्वरूप माध्यमिक विद्यालयों में पहले से कार्यरत SMDC का नया गठन नहीं किया जाएगा। यह बदलाव एक एकीकृत शासन ढाँचे की दिशा में उठाया गया कदम है, जिसका उद्देश्य स्कूल शिक्षा में समुदाय की भागीदारी को सुदृढ़ करना है।

SMC की संरचना और सदस्यता

अधिसूचना के अनुसार, SMC में सरकारी अधिकारी, छात्रों के माता-पिता या अभिभावक, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, विषय विशेषज्ञ, पूर्व छात्र और वंचित वर्गों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कमेटी का आकार विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या पर निर्भर करेगा:

100 तक छात्र वाले स्कूलों में 12 से 15 सदस्य; 100 से 500 छात्र वाले स्कूलों में 15 से 20 सदस्य; और 500 से अधिक छात्र वाले संस्थानों में 20 से 25 सदस्यों की कमेटी गठित की जाएगी।

विकेंद्रीकृत शासन की दिशा में कदम

विभाग के अनुसार, SMC विकेंद्रीकृत स्कूल प्रशासन के लिए मुख्य संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करेंगी। ये कमेटियाँ स्थानीय समुदायों को शैक्षणिक योजना निर्माण, निगरानी और शैक्षिक परिणामों को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करेंगी। गौरतलब है कि NEP 2020 के तहत यह परिकल्पना की गई है कि स्कूल-स्तरीय शासन समावेशी, सहभागी और जवाबदेह हो।

आगे की राह

संशोधित दिशा-निर्देशों का लक्ष्य स्थानीय व्यवस्थाओं को NEP 2020 के राष्ट्रीय विजन के साथ संरेखित करना है। यह अधिसूचना असम में स्कूल शिक्षा प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि जिला और ब्लॉक स्तर पर इसका क्रियान्वयन कितनी तेज़ी और प्रभावशीलता से हो पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि कागज़ पर बनी कमेटियाँ ज़मीन पर कितनी सक्रिय होंगी। देश के कई राज्यों में SMC का अनुभव बताता है कि माता-पिता और समुदाय की भागीदारी प्रायः नाममात्र की रहती है। असम में SMDC को SMDC से SMC में बदलना संरचनात्मक सुधार है, पर बिना क्षमता-निर्माण और जवाबदेही तंत्र के यह महज़ नामकरण बदलाव बनकर रह सकता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) क्या है?
SMC यानी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी एक संस्थागत निकाय है जो विद्यालय की योजना, निगरानी और शैक्षिक परिणामों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करती है। असम में यह RTE अधिनियम 2009 की धारा 21 और NEP 2020 के प्रावधानों के तहत गठित की जाएगी।
SMDC और SMC में क्या अंतर है?
SMDC (स्कूल मैनेजमेंट डेवलपमेंट कमेटी) पहले मुख्यतः माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत थी, जबकि नई SMC प्राथमिक से हायर सेकेंडरी तक सभी स्तरों पर एकसमान रूप से लागू होगी। नई अधिसूचना के बाद SMDC का नया गठन बंद हो जाएगा।
SMC में कितने सदस्य होंगे और कौन शामिल होगा?
सदस्य संख्या छात्र नामांकन पर निर्भर है — 100 तक छात्रों पर 12-15, 100-500 पर 15-20 और 500 से अधिक पर 20-25 सदस्य। इनमें सरकारी अधिकारी, माता-पिता, स्थानीय निकाय प्रतिनिधि, शिक्षाविद, विषय विशेषज्ञ, पूर्व छात्र और वंचित वर्गों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
SMC का गठन कब तक करना होगा?
अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के एक महीने के भीतर SMC का गठन अनिवार्य है। यह नियम राज्य के सभी सरकारी और प्रांतीयकृत विद्यालयों पर लागू होगा।
इस अधिसूचना का असम के स्कूलों पर क्या असर होगा?
इस बदलाव से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी स्कूलों में एकसमान शासन ढाँचा लागू होगा और समुदाय की भागीदारी संस्थागत रूप से सुनिश्चित होगी। यह NEP 2020 के विकेंद्रीकृत और सहभागी शिक्षा के विजन को ज़मीन पर उतारने की दिशा में एक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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