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असम में उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा लागू होगी, NEP 2020 के तहत ASSEB का बड़ा फैसला

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असम में उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा लागू होगी, NEP 2020 के तहत ASSEB का बड़ा फैसला

सारांश

असम के नवगठित ASSEB ने उच्च माध्यमिक स्तर पर पूरक परीक्षा लागू करने की घोषणा की है — NEP 2020 के अनुरूप यह कदम उन छात्रों को दूसरा मौका देगा जो कुछ विषयों में अनुत्तीर्ण रहते हैं, बिना पूरा शैक्षणिक वर्ष गँवाए।

मुख्य बातें

ASSEB अध्यक्ष रमेश चंद्र जैन ने 23 जून 2026 को उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा लागू करने की घोषणा की।
पूरक परीक्षा HS अंतिम परीक्षा परिणाम के लगभग दो महीने बाद आयोजित होगी।
यह सुधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के ढाँचे के अनुरूप है।
असम इस स्तर पर व्यापक पूरक परीक्षा शुरू करने वाले देश के पहले राज्यों में से एक होगा।
यह घोषणा SEBA और AHSEC के विलय से बने नवगठित ASSEB के तहत की गई है।
सेवानिवृत्त IAS अधिकारी जैन ASSEB के प्रथम अध्यक्ष हैं।

असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (ASSEB) के अध्यक्ष रमेश चंद्र जैन ने 23 जून 2026 को घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से उच्च माध्यमिक (HS) की अंतिम परीक्षाओं के लिए पूरक परीक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। गुवाहाटी में मीडिया को संबोधित करते हुए जैन ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था उन छात्रों को राहत देगी जो एक या अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण रहते हैं — अब उन्हें पूरा शैक्षणिक वर्ष दोबारा नहीं गँवाना पड़ेगा।

पूरक परीक्षा कब और कैसे होगी

जैन के अनुसार, पूरक परीक्षा HS अंतिम परीक्षा के परिणाम घोषित होने के लगभग दो महीने बाद आयोजित की जाएगी। जो छात्र कुछ विषयों में उत्तीर्ण नहीं हो पाते, वे इस परीक्षा में बैठकर अगले वार्षिक चक्र की प्रतीक्षा किए बिना अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रख सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (HSLC) परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं के समान प्रावधान, जहाँ आवश्यक हो, नई प्रणाली में भी लागू किए जाएँगे।

NEP 2020 से जुड़ाव और राष्ट्रीय संदर्भ

यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत प्रस्तावित सुधारों के अनुरूप है, जो छात्रों को बहुविध अवसर देने पर बल देती है। जैन ने बताया कि देश भर के कई शिक्षा बोर्डों में इसी तरह की पूरक परीक्षा प्रणाली पहले से लागू है और उसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं — विशेष रूप से स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में कमी के रूप में। उनके अनुसार, उच्च माध्यमिक स्तर पर इस तरह की व्यापक पूरक परीक्षा प्रणाली शुरू करने वाला असम देश के पहले राज्यों में से एक होगा।

ASSEB का गठन और नई संरचना

यह घोषणा उस पृष्ठभूमि में आई है जब असम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (SEBA) और असम उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (AHSEC) के विलय से एकीकृत असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (ASSEB) का गठन हुआ है। सेवानिवृत्त IAS अधिकारी रमेश चंद्र जैन को इस नवगठित बोर्ड का प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि यह विलय स्वयं में एक प्रशासनिक सुधार था जिसका उद्देश्य शिक्षा प्रशासन को एकीकृत और अधिक प्रभावी बनाना था।

छात्रों और शिक्षा जगत पर असर

शिक्षाविदों का मानना है कि इस पहल से असम के लाखों उच्च माध्यमिक छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। एक विषय में असफलता के कारण पूरा वर्ष बर्बाद होने का जो मनोवैज्ञानिक और आर्थिक दबाव छात्रों पर पड़ता था, वह अब काफी हद तक कम होगा। यह ऐसे समय में आया है जब असम में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और ड्रॉपआउट दर को लेकर चर्चाएँ तेज हो रही हैं।

आगे की राह

असम ने NEP के ढाँचे के तहत इस सुधार को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई प्रणाली के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा आने वाले महीनों में स्पष्ट होने की संभावना है। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — यह स्पष्ट नहीं है कि किन विषयों में, कितने प्रयासों की सीमा होगी और ग्रेडिंग की संरचना क्या होगी। देश के अन्य बोर्डों के अनुभव बताते हैं कि पूरक प्रणाली तभी कारगर होती है जब उसके साथ पर्याप्त रेमेडियल सपोर्ट भी हो। SEBA-AHSEC विलय के बाद ASSEB अभी नई संरचना में स्थिर हो रहा है — ऐसे में बड़े सुधार की घोषणा महत्वाकांक्षी है, पर बिना विस्तृत दिशानिर्देशों के यह अधूरी तस्वीर है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा कब से शुरू होगी?
ASSEB अध्यक्ष रमेश चंद्र जैन के अनुसार यह व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी। पूरक परीक्षा HS अंतिम परीक्षा के परिणाम घोषित होने के लगभग दो महीने बाद आयोजित होगी।
असम HS पूरक परीक्षा में कौन बैठ सकता है?
जो छात्र उच्च माध्यमिक की अंतिम परीक्षा में एक या कुछ विषयों में अनुत्तीर्ण रहते हैं, वे पूरक परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। इससे उन्हें अगले वार्षिक परीक्षा चक्र की प्रतीक्षा किए बिना अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखने का अवसर मिलेगा।
ASSEB क्या है और इसका गठन कैसे हुआ?
असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (ASSEB) असम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (SEBA) और असम उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (AHSEC) के विलय से बना एकीकृत बोर्ड है। सेवानिवृत्त IAS अधिकारी रमेश चंद्र जैन इसके पहले अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं।
यह सुधार NEP 2020 से कैसे जुड़ा है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 छात्रों को बहुविध अवसर और लचीली परीक्षा प्रणाली देने पर जोर देती है। असम की यह पूरक परीक्षा व्यवस्था उसी नीतिगत ढाँचे के अनुरूप है और स्कूल ड्रॉपआउट दर कम करने के NEP के उद्देश्य को पूरा करती है।
क्या देश के अन्य राज्यों में भी ऐसी व्यवस्था है?
हाँ, ASSEB अध्यक्ष जैन के अनुसार देश के कई शिक्षा बोर्डों में इसी तरह की पूरक परीक्षा प्रणाली पहले से लागू है और उससे स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में कमी जैसे सकारात्मक परिणाम मिले हैं। उच्च माध्यमिक स्तर पर इस व्यापक प्रणाली को अपनाने वाला असम देश के पहले राज्यों में से एक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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