असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू का एसएसए शिक्षकों को भरोसा: 2 दिन में मिलेगी सैलरी, फीनअसम पोर्टल से जुड़ी देरी
सारांश
मुख्य बातें
असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने 7 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में समग्र शिक्षा असम (एसएसए) के अंतर्गत स्पेशल रिक्रूटमेंट ड्राइव (एसआरडी) के तहत स्थायी किए गए शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनके वेतन को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगस्त माह के वेतन में हुई देरी पूरी तरह तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से है तथा अगले दो दिनों के भीतर सभी शिक्षकों के बैंक खातों में भुगतान कर दिया जाएगा।
बैठक और शिक्षक संगठनों की चिंताएँ
यह आश्वासन एसआरडी टीचर्स वेलफेयर फोरम और ऑल असम प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ मंत्री की एक विशेष बैठक के बाद सामने आया। दोनों संगठनों ने सरकारी कर्मचारी के रूप में नियमित होने के बाद वेतन प्राप्ति में हो रही देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।
पेगू ने स्पष्ट किया कि यह विलंब राज्य सरकार के वित्तीय सुधारों (ट्रेजरी रिफॉर्म्स) के अंतर्गत भुगतान प्रक्रिया में किए गए बदलाव के कारण हुआ है — न कि शिक्षकों की सेवा शर्तों या वेतन के अधिकार में किसी कटौती के कारण।
फीनअसम पोर्टल: नई व्यवस्था का केंद्र
मंत्री के अनुसार, स्थायी किए गए शिक्षकों को अब राज्य सरकार के 'फीनअसम' पोर्टल से जोड़ा जा चुका है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म वेतन भुगतान, पे-स्लिप और सेवा से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन का एकल माध्यम बनेगा।
पहले इन शिक्षकों का वेतन संबंधित जिला ट्रेजरी के माध्यम से जारी होता था। परंतु नई व्यवस्था के तहत इस माह का भुगतान दिसपुर ट्रेजरी के जरिए प्रोसेस किया जाएगा। यह माइग्रेशन एकबारगी प्रक्रिया है और एक बार पूर्ण होने के बाद मासिक वेतन समय पर सुनिश्चित होगा।
सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं
पेगू ने दोटूक कहा, "इन शिक्षकों की सैलरी को लेकर कोई समस्या नहीं है। हालाँकि इस महीने थोड़ी देरी हुई है, लेकिन उन्हें अगले दो दिनों के भीतर सैलरी मिल जाएगी।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमितीकरण के बाद न तो वेतन का मद बदला है और न ही सेवा की शर्तों में कोई संशोधन किया गया है। समग्र शिक्षा के अंतर्गत अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद असम सरकार में नियमित कर्मचारी बने इन शिक्षकों को स्थायी सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले सभी लाभ, विशेषाधिकार और सेवा सुविधाएँ पूर्ववत मिलती रहेंगी।
आगे क्या होगा
मंत्री ने शिक्षकों से घबराने की बजाय धैर्य बनाए रखने की अपील की और इस देरी को प्रक्रिया-परिवर्तन की एकबारगी तकनीकी बाधा बताया। एक बार फीनअसम पर माइग्रेशन पूर्ण होने के बाद वेतन, पे-स्लिप और सेवा-संबंधी सभी प्रक्रियाएँ इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगी, जिससे भविष्य में इस तरह की देरी की संभावना समाप्त हो जाएगी।