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गांधीनगर में 160+ एनसीसी कैडेट्स को साइबर डिफेंडर कोर्स, 60 घंटे की ट्रेनिंग 29 जून तक

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गांधीनगर में 160+ एनसीसी कैडेट्स को साइबर डिफेंडर कोर्स, 60 घंटे की ट्रेनिंग 29 जून तक

सारांश

गांधीनगर के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में तीन राज्यों के 160 से अधिक NCC कैडेट्स 12 दिन के साइबर डिफेंडर कोर्स में एथिकल हैकिंग, पेनेट्रेशन टेस्टिंग और डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा सीख रहे हैं — यह देश की साइबर क्षमता निर्माण की दिशा में एक ठोस युवा-केंद्रित पहल है।

मुख्य बातें

160 से अधिक NCC कैडेट्स — गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से — गांधीनगर के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में साइबर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
12 दिवसीय साइबर डिफेंडर कोर्स (CDC) 18 से 29 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें 60 घंटे का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कोर्स में एथिकल हैकिंग , पेनेट्रेशन टेस्टिंग , डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा और लाइव साइबर सिमुलेशन शामिल हैं।
कार्यक्रम NCC गुजरात निदेशालय और NIELIT के सहयोग से आयोजित; मेजर जनरल बिमल मोंगा के मार्गदर्शन में संचालित।
उद्घाटन राज्य मंत्री रीवाबा जडेजा ने किया; विश्वविद्यालय के कुलपति बिमल पटेल पहल की निगरानी कर रहे हैं।

गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) में 18 जून 2026 से गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के 160 से अधिक राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) कैडेट्स के लिए एक विशेष साइबर डिफेंडर कोर्स (CDC) शुरू हुआ है, जो 29 जून 2026 तक चलेगा। यह 12 दिवसीय कार्यक्रम युवाओं को साइबर खतरों की पहचान, एथिकल हैकिंग और डिजिटल सुरक्षा के व्यावहारिक कौशल से लैस करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

कार्यक्रम की संरचना और आयोजक

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम NCC गुजरात निदेशालय और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। NIELIT के विशेषज्ञ प्रशिक्षक और फैकल्टी सदस्य कैडेट्स को कुल 60 घंटे का गहन प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम में सीनियर डिवीजन (SD) और सीनियर विंग (SW) के कैडेट्स भाग ले रहे हैं।

पाठ्यक्रम का उद्घाटन गुजरात की प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा राज्य मंत्री रीवाबा जडेजा ने किया। कार्यक्रम NCC गुजरात निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल बिमल मोंगा के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है।

प्रशिक्षण में क्या-क्या शामिल है

कोर्स के पाठ्यक्रम में साइबर सुरक्षा की बुनियादी अवधारणाएँ, लिनक्स के मूल सिद्धांत, CIA ट्रायड (Confidentiality, Integrity, Availability), एथिकल हैकिंग और पेनेट्रेशन टेस्टिंग, साइबर कानून और शिकायत तंत्र, मोबाइल व स्मार्टफोन सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा तथा लाइव साइबर सिमुलेशन अभ्यास जैसे विषय सम्मिलित हैं। आयोजकों के अनुसार, तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ कैडेट्स को साइबर नैतिकता और देश की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े विषयों की जानकारी भी दी जा रही है।

संस्थागत भागीदारी और निगरानी

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने इस कार्यक्रम के लिए स्थान, शैक्षणिक ढाँचा, प्रशिक्षण सुविधाएँ और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति बिमल पटेल इस पहल की निगरानी कर रहे हैं। कार्यक्रम के संचालन में लेफ्टिनेंट रुचिका सिंगला, CTO यश शर्मा और अन्य अधिकारी सहयोग दे रहे हैं।

पहल का महत्व और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अपराध के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। आयोजकों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन प्रणालियों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए युवाओं में साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। गौरतलब है कि NCC कैडेट्स को इस तरह के तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ना देश की साइबर सुरक्षा क्षमता निर्माण की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम कैडेट्स को न केवल स्वयं की सुरक्षा के लिए, बल्कि अपने समुदाय में साइबर जागरूकता फैलाने के लिए भी सक्षम बनाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 12 दिन और 60 घंटे का यह कोर्स कैडेट्स को दीर्घकालिक रूप से कितना सक्षम बनाता है। भारत में साइबर अपराध के मामले हर साल तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जबकि प्रशिक्षित साइबर सुरक्षा पेशेवरों की भारी कमी है। तीन राज्यों के कैडेट्स को एक साथ प्रशिक्षित करने का यह मॉडल अगर नियमित और विस्तारित रूप में दोहराया जाए, तो यह NCC को देश की डिजिटल सुरक्षा की पहली पंक्ति का हिस्सा बना सकता है — अन्यथा यह एक अच्छी मंशा वाला एकबारगी आयोजन बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCC साइबर डिफेंडर कोर्स (CDC) क्या है और यह कहाँ आयोजित हो रहा है?
यह एक 12 दिवसीय साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम है जो गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में 18 से 29 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के 160 से अधिक NCC कैडेट्स को 60 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस कोर्स में कौन-कौन से विषय पढ़ाए जाएंगे?
कोर्स में एथिकल हैकिंग, पेनेट्रेशन टेस्टिंग, लिनक्स के मूल सिद्धांत, CIA ट्रायड, साइबर कानून, मोबाइल सुरक्षा, डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी से बचाव और लाइव साइबर सिमुलेशन अभ्यास शामिल हैं। साइबर नैतिकता और देश की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा पर भी जानकारी दी जाएगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किसने किया है?
यह कार्यक्रम NCC गुजरात निदेशालय और NIELIT के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया है। इसका संचालन मेजर जनरल बिमल मोंगा के मार्गदर्शन में हो रहा है और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने इसके लिए स्थान व सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन किसने किया?
कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात की प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा राज्य मंत्री रीवाबा जडेजा ने किया। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति बिमल पटेल इस पूरी पहल की निगरानी कर रहे हैं।
युवाओं के लिए साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण क्यों ज़रूरी है?
डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन प्रणालियों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अपराध के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम का लक्ष्य ऐसे जागरूक नागरिक तैयार करना है जो डिजिटल जोखिमों को पहचान सकें और अपने समुदाय में साइबर सुरक्षा को बढ़ावा दे सकें।
राष्ट्र प्रेस
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