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बिहार: बरौनी में सीएटीसी-4 कैंप संपन्न, 500 से अधिक एनसीसी कैडेट्स में टीएससी चयन रहा केंद्र

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बिहार: बरौनी में सीएटीसी-4 कैंप संपन्न, 500 से अधिक एनसीसी कैडेट्स में टीएससी चयन रहा केंद्र

सारांश

बरौनी में 23 बिहार बटालियन एनसीसी का सीएटीसी-4 शिविर संपन्न हुआ, जिसमें भागलपुर ग्रुप के 500 से अधिक कैडेट्स ने फायरिंग, मैप रीडिंग और फील्ड क्राफ्ट जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया। टीएससी चयन और सांस्कृतिक संध्या के साथ समापन समारोह में कैडेट्स को पुरस्कृत किया गया।

मुख्य बातें

23 बिहार बटालियन एनसीसी का सीएटीसी-4 शिविर 23 मई को ओटीसी, बरौनी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
भागलपुर ग्रुप की विभिन्न यूनिटों के 500 से अधिक कैडेट्स ने शिविर में भाग लिया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य टीएससी (थल सैनिक शिविर) चयन प्रक्रिया था, जिसमें फायरिंग, ऑब्स्टेकल, मैप रीडिंग और फील्ड क्राफ्ट शामिल रहे।
कैंप कमांडेंट कर्नल रितेश मोहन ने कैडेट्स को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने के लिए प्रेरित किया।
समापन समारोह में उत्कृष्ट कैडेट्स को मेडल एवं पुरस्कार प्रदान किए गए और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ।

23 बिहार बटालियन एनसीसी द्वारा ओटीसी, बरौनी में आयोजित सीएटीसी-4 (संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर) का 23 मई को सफलतापूर्वक समापन हो गया। भागलपुर ग्रुप की विभिन्न यूनिटों के 500 से अधिक कैडेट्स इस शिविर में सम्मिलित हुए, जहाँ थल सैनिक शिविर (टीएससी) चयन प्रक्रिया मुख्य आकर्षण रही।

मुख्य प्रशिक्षण गतिविधियाँ

शिविर का केंद्रीय उद्देश्य टीएससी चयन प्रक्रिया था। इसके अंतर्गत फायरिंग, ऑब्स्टेकल कोर्स, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट और अन्य प्रतियोगी गतिविधियों का संचालन किया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले कई कैडेट्स को आगे की चयन प्रक्रिया के लिए चुना गया।

समापन समारोह और सम्मान

कैंप के समापन अवसर पर एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें कैडेट्स ने गीत, नृत्य और देशभक्ति प्रस्तुतियों से उपस्थित सभी का मन मोह लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को मेडल एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कैंप कमांडेंट का संदेश

कैंप कमांडेंट कर्नल रितेश मोहन ने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि चयन न होने पर निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं है — मेहनत और आत्मविश्वास से भविष्य में और बेहतर अवसर मिलते हैं। उन्होंने बिहार एवं झारखंड के अधिकाधिक कैडेट्स के राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने की कामना की और उन्हें देश व समाज की सेवा के लिए प्रोत्साहित किया।

उपस्थित अधिकारी एवं स्टाफ

समापन समारोह में सूबेदार मेजर सुरेश कुमार, सूबेदार दया बहादुर राणा, लेफ्टिनेंट राकेश कुमार, सेकेंड ऑफिसर स्वाति सुरभि, सेकेंड ऑफिसर उपेंद्र कुमार यादव, सेकेंड ऑफिसर ऋषि कुमार, सेकेंड ऑफिसर रंजीत कुमार, सीटीओ महिमा मिश्रा और जीसीआई गुड़िया कुमारी सहित अन्य पीआई स्टाफ उपस्थित रहे।

सीएटीसी-4 क्या है

सीएटीसी-4 अर्थात् 'कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप' राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) द्वारा विभिन्न राज्यों में आयोजित एक अनिवार्य वार्षिक प्रशिक्षण शिविर है। इसका उद्देश्य कैडेट्स को कठोर सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व के मूलभूत सिद्धांतों का व्यावहारिक अनुभव देना है। एनसीसी के 'बी' और 'सी' प्रमाणपत्र परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के लिए यह शिविर अनिवार्य माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु बिहार-झारखंड जैसे राज्यों में राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने वाले कैडेट्स की संख्या अभी भी अपेक्षाकृत कम है। कर्नल रितेश मोहन का यह आह्वान कि अधिक से अधिक कैडेट्स राष्ट्रीय मंच तक पहुँचें, इस अंतर को रेखांकित करता है। शिविर में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशिक्षण की गुणवत्ता ही तय करेगी कि ये कैडेट्स भविष्य में सशस्त्र बलों और नागरिक जीवन में कितना योगदान दे पाते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएटीसी-4 कैंप क्या होता है?
सीएटीसी-4 यानी 'कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप' राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित एक अनिवार्य प्रशिक्षण शिविर है। इसमें कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व का व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है, और यह 'बी' व 'सी' प्रमाणपत्र परीक्षाओं के लिए अनिवार्य है।
बरौनी में आयोजित सीएटीसी-4 में कितने कैडेट्स शामिल हुए?
बिहार के ओटीसी, बरौनी में आयोजित इस शिविर में भागलपुर ग्रुप की विभिन्न यूनिटों के 500 से अधिक कैडेट्स शामिल हुए। इनमें से बेहतर प्रदर्शन करने वाले कई कैडेट्स को टीएससी की आगे की प्रक्रिया के लिए चुना गया।
टीएससी चयन प्रक्रिया में कौन-सी गतिविधियाँ होती हैं?
टीएससी (थल सैनिक शिविर) चयन के तहत फायरिंग, ऑब्स्टेकल कोर्स, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट और अन्य प्रतियोगी गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। इन गतिविधियों में प्रदर्शन के आधार पर कैडेट्स का राष्ट्रीय स्तर के शिविर के लिए चयन किया जाता है।
कैंप कमांडेंट ने कैडेट्स को क्या संदेश दिया?
कैंप कमांडेंट कर्नल रितेश मोहन ने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि चयन न होने पर निराश न हों, क्योंकि मेहनत और आत्मविश्वास से भविष्य में बेहतर अवसर मिलते हैं। उन्होंने बिहार एवं झारखंड के अधिकाधिक कैडेट्स के राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने की कामना भी की।
समापन समारोह में क्या हुआ?
समापन अवसर पर एक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई, जिसमें कैडेट्स ने गीत, नृत्य और देशभक्ति प्रस्तुतियाँ दीं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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