महाराष्ट्र सूखा संकट: CM फडणवीस ने अमित शाह से मुलाकात कर NDRF सहायता की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य में गहराते सूखे की गंभीर स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। फडणवीस ने केंद्र को महाराष्ट्र का ज्ञापन सौंपते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के अंतर्गत अधिकतम वित्तीय सहायता दिए जाने का आग्रह किया।
सूखे की व्यापकता और राहत कार्य
मुख्यमंत्री के अनुसार महाराष्ट्र की 265 से अधिक तहसीलों में आधिकारिक रूप से सूखा घोषित किया जा चुका है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों और आम नागरिकों तक राहत पहुँचाने के लिए कई योजनाएँ और आपात उपाय लागू किए हैं। फडणवीस ने बैठक में शाह को इन कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और स्पष्ट किया कि मौजूदा संसाधनों की सीमा को देखते हुए केंद्र की सहायता अपरिहार्य है।
केंद्र सरकार का आश्वासन और दौरे की घोषणा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र को हरसंभव मदद देने का पूर्ण आश्वासन दिया। शाह ने यह भी सूचित किया कि केंद्र सरकार की एक उच्चस्तरीय टीम 8 से 11 अक्टूबर के बीच महाराष्ट्र का दौरा करेगी और सूखा प्रभावित क्षेत्रों की ज़मीनी स्थिति का सीधे मूल्यांकन करेगी। फडणवीस ने इस आश्वासन के लिए गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया।
राजनीतिक परिदृश्य और विपक्ष की माँग
महाराष्ट्र के कई ज़िलों में किसान सूखे की चपेट में हैं और सरकारी राहत की प्रतीक्षा में हैं। गौरतलब है कि स्वयं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पहले ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) (NCP-SP) के अध्यक्ष शरद पवार भी किसानों से मिलकर सरकार से तत्काल राहत की माँग कर चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में कृषि संकट पहले से ही एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
CM का सोशल मीडिया पर बयान
फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार से राज्य के लिए अधिकतम सहायता की माँग की गई है और उन्हें सकारात्मक आश्वासन प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से सूखा पीड़ित किसानों और आम जनता तक राहत शीघ्र पहुँचेगी।
आगे क्या होगा
केंद्रीय टीम के 8 से 11 अक्टूबर के बीच महाराष्ट्र दौरे के बाद NDRF सहायता की मात्रा और वितरण की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है। राज्य की 265 से अधिक तहसीलों के किसान और ग्रामीण परिवार इस निर्णय की प्रतीक्षा में हैं। केंद्र की स्वीकृति के बाद ही वास्तविक राहत राशि का वितरण संभव हो सकेगा।