महाराष्ट्र सूखा: CM फडणवीस ने अमित शाह को दी जानकारी, 32 जिले प्रभावित; NDRF सहायता की माँग
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 7 अक्टूबर 2026 को अपने दो दिवसीय नई दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें राज्य में फैले गंभीर सूखे की स्थिति से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। फडणवीस ने केंद्र से राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) के तहत विशेष वित्तीय सहायता का अनुरोध किया, जिसे लेकर शाह ने अधिकतम केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया।
सूखे का दायरा और प्रभावित क्षेत्र
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र के लगभग 32 जिले इस समय गंभीर सूखे की चपेट में हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत तालुका बुरी तरह प्रभावित हैं। राज्य सरकार ने पहले से ही लगभग 20 तालुकों में फसल क्षति के आधार पर सूखा राहत प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, लगभग 23,000 गाँवों में फसल सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेज़ी से जारी है।
केंद्रीय टीम का दौरा और आकलन प्रक्रिया
जमीनी हालात का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम 8 से 11 अक्टूबर 2026 के बीच महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगी। टीम अपने भौतिक निरीक्षण के आधार पर एक तथ्य-खोज रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर NDRF के तहत वित्तीय सहायता संबंधी अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि यह निर्णय राज्य सरकार के प्रस्ताव और केंद्रीय टीम की आकलन रिपोर्ट — दोनों के संयुक्त आधार पर होगा।
आकलन मानदंड और कृषि मंत्री से चर्चा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सूखे के आकलन में उपग्रह इमेजरी मापदंडों के साथ-साथ वर्षा की कमी, भूजल स्तर, फसल क्षति और भौतिक निरीक्षण जैसे कारकों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि कोई तालुका उपग्रह इमेजरी के मानदंड पूरे नहीं करता, तो भी उसे अन्य मापदंडों के आधार पर राहत के दायरे में रखा जाएगा — यह किसानों के हक में एक महत्वपूर्ण लचीलापन है।
राज्य सरकार की तत्काल राहत योजना
चूँकि केंद्रीय सहायता पहुँचने में समय लग सकता है, इसलिए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार अपने उपलब्ध संसाधनों से किसानों को तत्काल राहत देने की तैयारी में है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कृषक समुदाय पर मानसून की कमी का दोहरा बोझ — फसल नुकसान और पेयजल संकट — एक साथ पड़ रहा है।
नागपुर हवाई अड्डे के विस्तार की राह भी साफ़
सूखा राहत के अलावा, मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन के लिए आवश्यक 27 एकड़ रक्षा भूमि के अधिग्रहण के मुद्दे पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी महत्वपूर्ण चर्चा की। इस बैठक से परियोजना के लिए ज़रूरी भूमि आवंटन का मार्ग प्रशस्त होने की संभावना बताई जा रही है। आगे आने वाले हफ्तों में केंद्रीय टीम की रिपोर्ट और NDRF के तहत सहायता की मात्रा तय करना राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।