महाराष्ट्र सूखा राहत: दीपावली से पहले किसानों के खातों में आएंगे ₹5,000, भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने किया बचाव
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में भीषण सूखे की मार झेल रहे किसानों को दीपावली से पहले ₹5,000 की अग्रिम राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने 28 अक्टूबर 2026 को सरकार के इस कदम का पुरजोर बचाव किया और मुख्यमंत्री को किसानों के प्रति संवेदनशील बताया। यह राहत राशि सूखा-प्रभावित किसानों की तात्कालिक आर्थिक जरूरतों को देखते हुए घोषित की गई है।
सरकार का फैसला और मुख्यमंत्री की पहल
भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भीषण सूखे की स्थिति के बाद किसानों से सीधी बातचीत की और उनकी समस्याओं को करीब से समझने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र की सरकार और राज्य के मुख्यमंत्री भी संवेदनशील हैं। इतने बड़े सूखे के बाद मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधे बातचीत की। किसानों को ₹5,000 की अग्रिम राशि देने का निर्णय लिया गया है, लेकिन विपक्ष इस फैसले को समझ नहीं पा रहा है। यह पैसा दीपावली से पहले सीधे किसानों के खातों में पहुंच जाएगा।' उन्होंने इस निर्णय को किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया।
विपक्ष पर पलटवार और रैलियों पर टिप्पणी
श्रीकांत भारतीय ने सरकार की आलोचना करने वाले विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की रैलियां अनुशासित होती हैं और पार्टी आम जनता की आवाज उठाती है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने हाल ही में जिन लोगों और बच्चों का समर्थन किया, वे कथित तौर पर अराजकता फैलाते हैं। रैलियों के आयोजन को राजनीतिक दलों का अपना अधिकार बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी प्रकृति और इतिहास पर भी ध्यान देना जरूरी है।
चुनाव आयोग और चुनावी सतर्कता पर शिवसेना का रुख
शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा कि चुनाव आयोग को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना चाहिए, लेकिन राजनीतिक दलों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे चुनावी प्रक्रिया पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता और नेता पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को केवल चुनाव आयोग पर निर्भर न रहकर स्वयं भी किसी गड़बड़ी को सामने लाने और सुधार के लिए प्रयास करने चाहिए।
उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 और अखिलेश यादव पर निशाना
आनंद दुबे ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली अभी उनसे दूर है और उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए समाजवादी पार्टी को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है, जो राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुबे ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और 2017 तथा 2022 की तरह 2027 में भी जीत हासिल करेगा।
अमित शाह की तैयारियां और 'लोकतंत्र बचाओ' रैली
दुबे ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें कर सांसदों और विधायकों से संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में आयोजित की जा रही 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' रैली को एक सकारात्मक पहल बताया। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल 1 नवंबर को हंगामा और अराजकता फैलाने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए आने वाले हफ्ते राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम रहने वाले हैं।