20 सितंबर 2026
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अबू आजमी ने हामिद अंसारी के बयान का समर्थन किया, योगी सरकार के रोज़गार दावों पर उठाए सवाल

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अबू आजमी ने हामिद अंसारी के बयान का समर्थन किया, योगी सरकार के रोज़गार दावों पर उठाए सवाल

सारांश

सपा नेता अबू आजमी ने लखनऊ में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के विवादित बयान को समर्थन दिया और योगी सरकार के रोज़गार दावों को खोखला बताया। साथ ही उन्होंने भाजपा पर विपक्ष को दबाने और धर्म के नाम पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

अबू आजमी ने 20 सितंबर 2026 को लखनऊ में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान — जिसमें देश को हिंदू कट्टरपंथियों से खतरे की बात कही गई थी — का समर्थन किया।
आजमी ने CM योगी आदित्यनाथ के रोज़गार दावों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री 'घबराए हुए हैं और उनका समय समाप्त हो रहा है।' BJP की मिमिक्री विरोध को खारिज करते हुए आजमी ने डॉ.
भीमराव अंबेडकर के संविधान का हवाला देकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बचाव किया।
आजमी ने प्रदेश में महंगाई , कानून-व्यवस्था और धार्मिक आधार पर सामाजिक माहौल बिगाड़ने का आरोप सरकार पर लगाया।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले का जिक्र करते हुए दावा किया कि श्रद्धालुओं में चिंता है और वे आने से बच रहे हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के महाराष्ट्र नेता अबू आजमी ने 20 सितंबर 2026 को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के उस बयान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें अंसारी ने देश को हिंदू कट्टरपंथियों से खतरा होने की बात कही थी। आजमी ने इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रोज़गार संबंधी दावों पर भी तीखा हमला बोला।

हामिद अंसारी के बयान पर आजमी का रुख

अबू आजमी ने कहा कि हामिद अंसारी देश के एक वरिष्ठ और सुशिक्षित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने याद दिलाया कि अंसारी न केवल उपराष्ट्रपति रह चुके हैं, बल्कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के कुलपति पद पर भी रहे हैं। आजमी ने कहा कि ऐसे अनुभवी व्यक्ति की बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अंसारी के विचारों से सहमत हैं।

राहुल गांधी के कार्यक्रम पर भाजपा की आपत्ति और आजमी का जवाब

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लखनऊ में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। इस पर आजमी ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि हर साधारण नागरिक को भी सत्ता में बैठे व्यक्ति की आलोचना करने का संवैधानिक अधिकार है।

आजमी ने आरोप लगाया कि BJP विपक्ष को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति में सहनशीलता ज़रूरी है और कानून के दायरे में रहते हुए सभी को बोलने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

योगी सरकार के रोज़गार दावों पर हमला

उत्तर प्रदेश में रोज़गार और नौकरियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए जा रहे दावों पर आजमी ने कहा कि मुख्यमंत्री 'घबराए हुए हैं और उनका समय समाप्त हो रहा है।' उन्होंने प्रदेश में महंगाई और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार से सवाल किए। आजमी ने यह भी आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर लोगों को भड़काया जा रहा है, जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला

अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी के मामले पर भी आजमी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बाद श्रद्धालुओं में चिंता पैदा हुई है और कथित तौर पर लोग अयोध्या आने से बच रहे हैं।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और विपक्षी दल रोज़गार, महंगाई तथा सांप्रदायिक सद्भाव को मुद्दा बनाने में लगे हैं। आजमी की यह प्रतिक्रिया सपा और कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखती है, जिसमें सत्तारूढ़ दल को उसके दावों पर जवाबदेह ठहराने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में इन बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यापक सामाजिक एकजुटता की कीमत पर। योगी सरकार के रोज़गार दावों पर सवाल उठाना वैध विपक्षी भूमिका है, परंतु उत्तर प्रदेश में रोज़गार के ठोस वैकल्पिक आँकड़े या नीतिगत प्रस्ताव प्रस्तुत किए बिना यह आलोचना भी उतनी ही खोखली लगती है। अयोध्या में चढ़ावा चोरी को लेकर 'श्रद्धालु आने से बच रहे हैं' जैसे असत्यापित दावे संवेदनशील मुद्दे पर सनसनी फैलाने का जोखिम उठाते हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर चूक जाती है कि ये बयान चुनावी तैयारी की उस बड़ी कहानी के टुकड़े हैं जिसमें हर दल अपनी सियासी ज़मीन तलाश रहा है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अबू आजमी ने हामिद अंसारी के किस बयान का समर्थन किया?
अबू आजमी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के उस बयान का समर्थन किया जिसमें अंसारी ने देश को हिंदू कट्टरपंथियों से खतरा होने की बात कही थी। आजमी ने कहा कि अंसारी एक वरिष्ठ और अनुभवी व्यक्तित्व हैं और उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अबू आजमी ने योगी सरकार के रोज़गार दावों पर क्या कहा?
अबू आजमी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'घबराए हुए हैं और उनका समय समाप्त हो रहा है।' उन्होंने प्रदेश में महंगाई और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार को घेरा।
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर आजमी का क्या रुख है?
आजमी ने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए सत्ता की आलोचना करना हर नागरिक का अधिकार है।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर आजमी ने क्या दावा किया?
आजमी ने दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद श्रद्धालुओं में चिंता पैदा हुई है और कथित तौर पर लोग अयोध्या आने से बच रहे हैं। यह उनका अपना दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अबू आजमी का भाजपा पर क्या आरोप है?
अबू आजमी ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष को समाप्त करना चाहती है और धर्म के नाम पर लोगों को भड़काकर सामाजिक माहौल को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध में सहनशीलता होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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