अबू आजमी ने हामिद अंसारी के बयान का समर्थन किया, योगी सरकार के रोज़गार दावों पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के महाराष्ट्र नेता अबू आजमी ने 20 सितंबर 2026 को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के उस बयान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें अंसारी ने देश को हिंदू कट्टरपंथियों से खतरा होने की बात कही थी। आजमी ने इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रोज़गार संबंधी दावों पर भी तीखा हमला बोला।
हामिद अंसारी के बयान पर आजमी का रुख
अबू आजमी ने कहा कि हामिद अंसारी देश के एक वरिष्ठ और सुशिक्षित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने याद दिलाया कि अंसारी न केवल उपराष्ट्रपति रह चुके हैं, बल्कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के कुलपति पद पर भी रहे हैं। आजमी ने कहा कि ऐसे अनुभवी व्यक्ति की बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अंसारी के विचारों से सहमत हैं।
राहुल गांधी के कार्यक्रम पर भाजपा की आपत्ति और आजमी का जवाब
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लखनऊ में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। इस पर आजमी ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि हर साधारण नागरिक को भी सत्ता में बैठे व्यक्ति की आलोचना करने का संवैधानिक अधिकार है।
आजमी ने आरोप लगाया कि BJP विपक्ष को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति में सहनशीलता ज़रूरी है और कानून के दायरे में रहते हुए सभी को बोलने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
योगी सरकार के रोज़गार दावों पर हमला
उत्तर प्रदेश में रोज़गार और नौकरियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए जा रहे दावों पर आजमी ने कहा कि मुख्यमंत्री 'घबराए हुए हैं और उनका समय समाप्त हो रहा है।' उन्होंने प्रदेश में महंगाई और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार से सवाल किए। आजमी ने यह भी आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर लोगों को भड़काया जा रहा है, जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी के मामले पर भी आजमी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बाद श्रद्धालुओं में चिंता पैदा हुई है और कथित तौर पर लोग अयोध्या आने से बच रहे हैं।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और विपक्षी दल रोज़गार, महंगाई तथा सांप्रदायिक सद्भाव को मुद्दा बनाने में लगे हैं। आजमी की यह प्रतिक्रिया सपा और कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखती है, जिसमें सत्तारूढ़ दल को उसके दावों पर जवाबदेह ठहराने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में इन बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया और तेज़ होने की संभावना है।