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क्या धर्म नहीं, कानून के हिसाब से घुसपैठियों को भारत से खदेड़ना चाहिए: अबू आजमी?

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क्या धर्म नहीं, कानून के हिसाब से घुसपैठियों को भारत से खदेड़ना चाहिए: अबू आजमी?

सारांश

अबू आजमी ने घुसपैठ के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने धर्म के बजाय कानून के आधार पर घुसपैठियों को खदेड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उनकी बातों ने समाज में गहरी चर्चा को जन्म दिया है। क्या यह मुद्दा चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा?

मुख्य बातें

घुसपैठ के मुद्दे पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जरूरत है।
धर्म के बजाय कानून के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
अबू आजमी ने उत्तर भारतीयों का समर्थन किया।
बीएमसी चुनाव में सपा की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
सामाजिक सद्भाव बनाए रखना जरूरी है।

मुंबई, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अबू आजमी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठ के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत में घुसपैठ हो रही है, तो सरकार क्या कर रही है।

मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में अबू आजमी ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता जानती है कि वर्तमान में केंद्र की सरकार किसकी है और कौन केंद्रीय गृह मंत्री है। बॉर्डर की सुरक्षा किसके हाथ में है, यह भी देश जानता है। गृह मंत्री अमित शाह घुसपैठियों पर बोल रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि घुसपैठियों को खदेड़ने से कौन रोक रहा है।

सपा नेता ने कहा कि यदि घुसपैठिए भारत में घुसते जा रहे हैं, तो धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि कानून के हिसाब से उन्हें भारत से खदेड़ना चाहिए।

बीएमसी चुनाव को लेकर अबू आजमी ने मुलायम सिंह यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस देश में मुसलमानों ने मुलायम सिंह यादव को अपना नेता माना है। उत्तर प्रदेश जहां सांप्रदायिकता की जड़ें बहुत गहरी हैं, वहां समाजवादी पार्टी ही भाजपा से लड़ रही है। मैं पिछले 25-30 सालों से मानखुर्द शिवाजी नगर में काम कर रहा हूं। हम लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति करते हैं। जनता जानती है कि सपा पैसा बनाने के लिए नहीं आई है। हम 365 दिन काम करने वाली पार्टी हैं। उन्होंने कहा कि मानखुर्द शिवाजी नगर में सपा को छोड़कर कोई चुनकर नहीं आता। अजीत पवार की पार्टी सभी कोशिश कर रही है कि अबू आजमी का किला ढहा दें, लेकिन ऐसा नहीं होगा।

महापौर को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं के बयानों पर अबू आजमी ने कहा कि महापौर ऐसा होना चाहिए, जो जनता के हित में काम करें, धर्म के आधार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। महापौर मुंबई का निवासी हो, जिसे सिर्फ काम में विश्वास हो और जो विकास करना ही अपना दायित्व समझता हो।

नए साल के जश्न पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के बयान पर सपा नेता ने कहा कि सभी की अपनी-अपनी इच्छा होती है। शरियत कहती है कि आपकी एक साल उम्र कम हो गई। आप किस बात की खुशी मना रहे हैं? सड़क पर उतरकर ढोल बजाना, बदतमीजी करना, पूरी रात डांस करना-यह किस बात के लिए है। पुराना साल जा रहा है, दुआ करो कि सभी मिलजुलकर रहें। मौलवी ने अपनी बात कही है, कोई करे या न करे, कौन रोकने वाला है। यह देश आजाद है।

उत्तर भारतीयों के लिए संदेश देते हुए अबू आजमी ने कहा कि यह संदेश मुंबई-महाराष्ट्र के उत्तर भारतीय भाइयों और बहनों के लिए है-जिन उत्तर भारतीयों ने भाजपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का काम किया, गांव-गांव से लेकर Mumbai तक भीड़ जुटाई, आज वही लोग सवाल पूछने को मजबूर हैं। महानगरपालिका चुनाव आते ही भाजपा ने बड़ी संख्या में उत्तर भारतीयों और परप्रांतीयों के टिकट काट दिए। आज आप भाजपा से यह सवाल जरूर पूछिए-क्या उत्तर भारतीय महाराष्ट्र में सिर्फ मार खाने के लिए आया है। क्या वह अपमान सहने के लिए आया है। जब-जब उत्तर भारतीयों पर जुल्म हुआ है, सिर्फ समाजवादी पार्टी मजबूती से उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।

आजमी ने कहा कि जहां-जहां उत्तर भारतीय निर्दलीय नामांकन भर रहे हैं और वहां समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार नहीं है, तो समाजवादी पार्टी उनका पूरा समर्थन करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा करें। अबू आजमी का बयान एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रकाश डालता है जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करता है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून का पालन किया जाए और सभी समुदायों के अधिकार सुरक्षित रहें।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अबू आजमी का बयान किस विषय पर है?
अबू आजमी का बयान घुसपैठियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की आवश्यकता पर है।
उन्होंने किस केंद्रीय मंत्री का उल्लेख किया?
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उल्लेख किया।
अबू आजमी ने किस बात पर जोर दिया?
उन्होंने धर्म के बजाय कानून के आधार पर घुसपैठियों को खदेड़ने की बात की।
क्या अबू आजमी ने चुनावों का जिक्र किया?
हाँ, उन्होंने बीएमसी चुनावों का उल्लेख किया।
उनका संदेश उत्तर भारतीयों के लिए क्या है?
उन्होंने उत्तर भारतीयों का समर्थन करने और उनकी समस्याओं को उठाने की बात की।
राष्ट्र प्रेस
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