हामिद अंसारी के बयान पर विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल का तीखा पलटवार, बोले — 'जनता छोड़ेगी नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के ताज़ा बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत बदल रहा है और अंसारी जैसे लोगों को भी खुद को बदलना होगा, वरना जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। बंसल ने यह भी संकेत दिया कि वे अंसारी के राजदूत-काल के कथित विवादों पर टिप्पणी से बचते हैं, लेकिन उनका मानना है कि उस दौर के 'काले धब्बे' जनता के सामने हैं।
बंसल का आरोप: पीएफआई और एसडीपीआई से संबंध
बंसल ने कहा कि देश ने हामिद अंसारी को अनेक देशों में राजदूत बनाया और दो बार उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने आरोप लगाया कि अंसारी ने उपराष्ट्रपति रहते हुए कथित तौर पर पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठनों के कार्यक्रमों में भाग लिया — जो उनके अनुसार चिंता का विषय है। बंसल ने कहा, 'जाते समय इन्होंने मुसलमानों को डराने वाला राग अलापा, यह सबको पता है।'
हिंदू समाज पर टिप्पणी को बताया अनर्गल
बंसल ने कहा कि जिस बहुसंख्यक हिंदू समाज ने अंसारी को सर-आँखों पर बैठाया, आज उसी समाज में वे खोट देख रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि हिंदू समाज की स्वीकृति के कारण ही भारत में दुनिया के सर्वाधिक मुसलमान और मस्जिदें हैं। उनके अनुसार, अंसारी की हालिया टिप्पणियाँ 'भारत विरोधी मानसिकता' और 'कट्टरपंथी सोच' को दर्शाती हैं।
राम जन्मभूमि फैसले की आलोचना का ज़िक्र
बंसल ने यह भी कहा कि अंसारी ने पहले श्री राम जन्मभूमि के ऐतिहासिक सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की भी आलोचना की थी। उन्होंने कहा, 'भारत को खतरा सनातन हिंदू समाज से नहीं, जिहादी कट्टरता, मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति और आपके जैसे लोगों की भड़काऊ सोच से है।' यह टिप्पणी बंसल ने अंसारी को सीधे संबोधित करते हुए की।
डूसू चुनाव में एबीवीपी की जीत पर प्रतिक्रिया
इसी अवसर पर बंसल ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को तीन सीटों पर मिली जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह 'अभूतपूर्व युवा जनादेश' है और आशा जताई कि इसका लाभ दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ-साथ देश की संपूर्ण युवा शक्ति को मिलेगा तथा राष्ट्र, धर्म, संस्कार और संस्कृति का परचम नई पीढ़ी में लहराएगा।
आगे क्या
विहिप की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब हामिद अंसारी के बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी बहस जारी है। गौरतलब है कि अंसारी के बयानों पर विभिन्न हिंदुत्ववादी और दक्षिणपंथी संगठनों की प्रतिक्रियाएँ आती रही हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।