हामिद अंसारी के बयान का तहरीक मुस्लिम शब्बान ने किया समर्थन, मौलाना मलिक बोले — 'बिल्कुल सही बात'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा देश में बढ़ती सांप्रदायिकता और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर जताई गई चिंताओं का तहरीक मुस्लिम शब्बान ने खुलकर समर्थन किया है। संगठन के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने हैदराबाद में 20 सितंबर 2026 को कहा कि अंसारी ने 'देश की मौजूदा तस्वीर' सटीक रूप से पेश की है और उनका बयान 'बिल्कुल सही' है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अंसारी की टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक बहस पहले से ही तेज़ हो चुकी है।
मौलाना मलिक के मुख्य आरोप
मौलाना मुश्ताक मलिक ने अपने बयान में कई ठोस उदाहरण गिनाए। उन्होंने कहा, 'उन्होंने हिंदू ताकतों को लेकर जो बयान दिया, वह कोई गलत बयान नहीं है और न ही कोई तमाशा बनाने वाला बयान है।' उन्होंने आरोप लगाया कि एक आईपीएस अफसर को 'सलाम' और 'जज़ाकल्लाह' कहने मात्र पर स्थानांतरित किया गया और कहा कि टोपी या दाढ़ी के साथ ट्रेन में यात्रा करना तथा कुरान पढ़ना कथित तौर पर मुश्किल हो गया है।
सरकार पर निष्क्रियता का आरोप
मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार मुसलमानों के साथ हो रहे कथित व्यवहार पर 'ध्यान नहीं दे रही।' उन्होंने कहा, 'हिंदू ताकतों के ये तमाशे सरकार को नज़र नहीं आ रहे हैं।' उनके अनुसार, अंसारी एक वरिष्ठ नौकरशाह और उच्च संवैधानिक पद पर रह चुके हैं, इसलिए वे अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में भारत की छवि को बेहतर समझते हैं।
विविधता से नफरत की ओर — संगठन का दावा
मलिक ने कहा कि भारत कभी अपनी विविधता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर था, लेकिन उनके अनुसार अब 'नफरत की वजह से' वह 'बदनाम हो रहा है।' उन्होंने यह भी कहा, 'मुसलमान इस वक्त मुल्क में सबसे ज़्यादा टारगेट पर है। जो भी मुसलमानों को सता रहा है या फिर लिंचिंग कर रहा है, उस पर कोई बात नहीं कर रहा।' गौरतलब है कि ये गंभीर आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और व्यापक संदर्भ
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने हाल ही में सांप्रदायिकता और धार्मिक स्वतंत्रता पर चिंता व्यक्त की थी, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। दूसरी ओर, कई मुस्लिम संगठनों ने उनके बयान का समर्थन किया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में अल्पसंख्यक अधिकारों और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर राष्ट्रीय विमर्श लगातार गर्म है। आगे देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर औपचारिक स्थिति स्पष्ट करती है या नहीं।