21 सितंबर 2026
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हामिद अंसारी के बयान पर BJP का पलटवार: 'असली चेहरा उजागर, देश को बाँटने की कोशिश'

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हामिद अंसारी के बयान पर BJP का पलटवार: 'असली चेहरा उजागर, देश को बाँटने की कोशिश'

सारांश

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के सांप्रदायिकता और धार्मिक स्वतंत्रता पर दिए बयान ने BJP में तीखी प्रतिक्रिया जगाई है। विधायक, सांसद और मंत्री — सभी ने उन पर देश को बाँटने और संवैधानिक पद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया। यह टकराव उस पुरानी राजनीतिक खाई को एक बार फिर उजागर करता है।

मुख्य बातें

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के सांप्रदायिकता और धार्मिक स्वतंत्रता पर दिए बयान पर BJP ने 21 सितंबर 2026 को कड़ी आपत्ति जताई।
BJP विधायक राम कदम ने कहा कि यह टिप्पणी संवैधानिक पद की गरिमा पर सवाल उठाती है।
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बयान को 'गैर-जिम्मेदाराना' और देश को 'कई हिस्सों में बाँटने वाला' बताया।
BJP सांसद संजय जयसवाल ने अंसारी के ईरान में राजदूत-काल का हवाला देते हुए गंभीर आरोप लगाए, जो स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
UP मंत्री अनिल राजभर और BJP नेता शहनाज़ हुसैन सहित कई नेताओं ने अंसारी से 'देश के विकास में सहयोग' की अपील की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने 21 सितंबर 2026 को पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा सांप्रदायिकता और धार्मिक स्वतंत्रता पर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। BJP नेताओं का आरोप है कि अंसारी का यह बयान देश को विभाजित करने वाला और उनके पूर्व संवैधानिक पद की गरिमा के विपरीत है।

BJP विधायक और सांसदों की तीखी प्रतिक्रिया

BJP विधायक राम कदम ने कहा, 'भारत की सनातन परंपरा 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के संदेश के साथ आगे बढ़ रही है। खासकर जब हामिद अंसारी जैसे किसी व्यक्ति की ओर से, जो इतने ऊँचे संवैधानिक पद पर रहे हों, इस तरह की राजनीतिक टिप्पणी की जाती है, तो यह सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं रह जाती, बल्कि उस पद की गरिमा पर भी सवाल उठाती है। देश के बहुसंख्यक समुदाय की आस्था को ठेस पहुँचाने का अधिकार किसी को नहीं है।'

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'देश के उपराष्ट्रपति रह चुके हामिद अंसारी जैसे व्यक्ति का गैर-जिम्मेदाराना बयान, जो देश को कई हिस्सों में बाँटता है, उसकी कड़ी से कड़ी निंदा होनी चाहिए। यह हामिद अंसारी का अपना एजेंडा लगता है, जिसके बारे में वे कई बार बात कर चुके हैं। वे भूल जाते हैं कि उन्होंने देश में एक संवैधानिक पद संभाला था और उस संवैधानिक पद से जुड़ी गरिमा और मर्यादा को तार-तार कर दिया है। इसलिए, देश की जनता हामिद अंसारी के बयान को गंभीरता से नहीं लेगी, लेकिन उनके बयान ने पूरे देश के सामने उनका असली चेहरा और चरित्र उजागर कर दिया है।'

अन्य BJP नेताओं के आरोप

BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया, 'मौका मिलते ही हामिद अंसारी सनातनियों के खिलाफ विष उगलते हैं, ऐसे लोगों से सतर्क रहने की ज़रूरत है। कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति को उपराष्ट्रपति बनाया था, जो टुकड़े-टुकड़े गैंग में शामिल था।' गौरतलब है कि हामिद अंसारी 2007 से 2017 तक लगातार दो कार्यकाल भारत के उपराष्ट्रपति रहे।

BJP नेता शहनाज़ हुसैन ने कहा, 'हामिद अंसारी को देश ने बहुत कुछ दिया है। दो बार उपराष्ट्रपति चुने जाने के बावजूद उन्हें देश से शिकायत है। वह अभी भी ऐसी बात कह रहे हैं जो आजादी के समय कही गई थी। आज सबका साथ, सबका विकास के रास्ते पर देश आगे चल रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि अंसारी को देश के विकास में सहयोग करना चाहिए।

सांसद और मंत्री के गंभीर आरोप

BJP सांसद संजय जयसवाल ने अंसारी के राजदूत-कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा, 'कुछ लोग जिंदगी भर देश विरोधी कार्य करते हैं। ऐसे लोगों में हामिद अंसारी शामिल हैं। अंसारी के ईरान में राजदूत रहते समय ईरान-पाकिस्तान सीमा पर हमारे जासूस पकड़े गए और हत्याएँ हुईं, क्या ये इत्तेफाक था? हामिद अंसारी का इतिहास ही दुर्भावनापूर्ण रहा है।' ये आरोप अंसारी द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने कहा, 'मां भारती को कटघरे में खड़े करने की कोशिश करते रहते हैं। हामिद अंसारी कई बार ऐसे बयान देते हैं, जिससे पूरा देश असहज होता है। जिस देश ने उपराष्ट्रपति बनाया, उसका लिहाज अंसारी को करना चाहिए।'

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब हिंदू-राष्ट्रवाद और अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर केंद्र में है। पूर्व उपराष्ट्रपति अंसारी समय-समय पर धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर अपनी चिंताएँ जाहिर करते रहे हैं, जिसका BJP सरकार और उससे जुड़े नेता अक्सर विरोध करते रहे हैं। इस बार की प्रतिक्रिया में कई राज्यों के नेताओं का एक साथ सामने आना इस मुद्दे की राजनीतिक संवेदनशीलता को उजागर करता है।

अंसारी पक्ष की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस विवाद के आगे और गहराने की संभावना है, खासकर तब जब देश में आगामी चुनावी माहौल बन रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उन पर बिना साक्ष्य के जासूसी कांड जोड़ना और 'आतंकवादी मानसिकता' जैसे विशेषण लगाना, जिम्मेदार राजनीतिक विमर्श की सीमाओं को लाँघता है। यह भी गौर करने वाली बात है कि अंसारी के मूल बयान का विस्तार से खंडन करने के बजाय BJP नेताओं ने उनके चरित्र पर हमला किया — जो तर्क की कमजोरी का संकेत हो सकता है। लोकतंत्र में पूर्व पदाधिकारियों की असहमति को संवाद से नहीं, आरोपों से दबाना, दीर्घकालिक रूप से संस्थाओं की साख के लिए हानिकारक है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हामिद अंसारी ने क्या बयान दिया जिस पर BJP नाराज है?
हामिद अंसारी ने हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर टिप्पणी की, जिसे BJP नेताओं ने देश को बाँटने वाला और गैर-जिम्मेदाराना बताया। अंसारी के बयान का पूरा मूलपाठ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, हालाँकि BJP ने इसे अपने-अपने तरीके से व्याख्यायित किया है।
BJP ने हामिद अंसारी पर क्या आरोप लगाए?
BJP नेताओं ने अंसारी पर संवैधानिक पद की गरिमा नष्ट करने, देश को विभाजित करने की कोशिश और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' से जुड़े होने के आरोप लगाए। BJP सांसद संजय जयसवाल ने उनके राजदूत-कार्यकाल के दौरान जासूसी मामलों का भी हवाला दिया, जो स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है।
हामिद अंसारी कौन हैं और उनका संवैधानिक इतिहास क्या है?
हामिद अंसारी भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हैं, जो 2007 से 2017 तक लगातार दो कार्यकाल इस पद पर रहे। इससे पहले वे ईरान सहित कई देशों में भारत के राजदूत रह चुके हैं।
क्या अंसारी ने BJP के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी?
21 सितंबर 2026 तक पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की ओर से BJP नेताओं के आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस विवाद का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह विवाद उस व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा है जिसमें अल्पसंख्यक अधिकार, सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय पहचान जैसे मुद्दे बार-बार उठते रहे हैं। अंसारी पहले भी धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं, जिस पर BJP हर बार तीखी प्रतिक्रिया देती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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