25 अगस्त 2026
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हिमाचल CM सुक्खू का BJP पर प्रहार: भ्रष्टाचार जाँच के लिए श्वेत पत्र समिति जल्द पेश करेगी तथ्य

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हिमाचल CM सुक्खू का BJP पर प्रहार: भ्रष्टाचार जाँच के लिए श्वेत पत्र समिति जल्द पेश करेगी तथ्य

सारांश

हिमाचल CM सुक्खू ने BJP के पूर्व शासनकाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि श्वेत पत्र समिति जल्द सभी तथ्य उजागर करेगी। साथ ही अग्निपथ योजना को सैन्य-बहुल जिलों के लिए अन्यायपूर्ण बताया और 1,300 पुलिस कॉन्स्टेबल की भर्ती का हवाला दिया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 25 अगस्त को शिमला में पूर्ववर्ती BJP सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया।
श्वेत पत्र समिति जल्द ही पिछली सरकार की वित्तीय गड़बड़ियों का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करेगी।
सुक्खू ने अग्निपथ योजना को कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर जैसे सैन्य-बहुल जिलों की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया।
राज्य सरकार ने 1,300 पुलिस कॉन्स्टेबल की भर्ती पूरी की; भविष्य में 1,000 और पद भरे जाएंगे।
विपक्ष के वॉकआउट को सुक्खू ने संसदीय मर्यादा के विरुद्ध बताया; कहा — सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार, 25 अगस्त को शिमला विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने घोषणा की कि इन गड़बड़ियों की जाँच के लिए गठित 'श्वेत पत्र समिति' शीघ्र ही जनता के सामने सभी तथ्य रखेगी।

श्वेत पत्र समिति और भ्रष्टाचार के आरोप

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पिछली BJP सरकार के कार्यकाल में हुई वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल के लिए राज्य सरकार ने श्वेत पत्र समिति का गठन किया है। उनके अनुसार यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी, जिसमें पिछले शासनकाल की गड़बड़ियों का पूरा लेखा-जोखा होगा। सुक्खू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे 'बिना मुद्दे की राजनीति' कर रहे हैं।

विपक्ष के वॉकआउट पर सुक्खू की आपत्ति

रोज़गार के मुद्दे पर विपक्ष के सदन से बाहर जाने पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान इस विषय पर लगभग आधे घंटे तक विस्तार से चर्चा हुई थी और स्पीकर ने विपक्ष को सवाल पूछने का पर्याप्त अवसर दिया था।

सुक्खू ने कहा, 'इसके बावजूद, नियमों से हटकर और अतिरिक्त सवाल पूछने पर ज़िद करना और फिर सदन से बाहर चले जाना संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ताधारी पार्टी किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने या जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी।

अग्निपथ योजना पर हिमाचल की चिंता

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से हिमाचल प्रदेश को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उनके अनुसार इस योजना ने कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर जैसे सैन्य-बहुल जिलों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। सुक्खू ने अग्निपथ योजना को चार परमवीर चक्र विजेताओं की भूमि हिमाचल और देश के सैनिकों के साथ अन्याय बताया, और सेना में नियमित भर्ती के लिए अपना समर्थन दोहराया।

रोज़गार और पुलिस भर्ती

युवाओं को रोज़गार देने के संदर्भ में सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार ने 1,300 पुलिस कॉन्स्टेबल की भर्ती पूरी कर ली है और भविष्य में 1,000 और पद भरे जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सदन में आगे का एजेंडा

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में अभी स्वास्थ्य, रोज़गार और जन कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा होनी बाकी है। उन्होंने विपक्ष से बहस में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा, 'सरकार विपक्ष के हर तीखे सवाल का सामना करने और तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस में शामिल होने के बजाय बाहर जाने के बहाने ढूंढ रहा है।' आने वाले दिनों में श्वेत पत्र समिति की रिपोर्ट और पुलिस भर्ती प्रक्रिया राज्य की राजनीति में केंद्रीय मुद्दे बने रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो खुद एक सवाल खड़ा करती है। अग्निपथ योजना पर सुक्खू की आपत्ति राज्य की भावना को दर्शाती है — हिमाचल परंपरागत रूप से सेना में सर्वाधिक भर्ती वाले राज्यों में है — लेकिन केंद्र की नीति पर राज्य सरकार का प्रभाव सीमित है। असली परीक्षा यह है कि श्वेत पत्र समिति की रिपोर्ट कब और किस रूप में आती है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश की श्वेत पत्र समिति क्या है?
यह समिति हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा पूर्ववर्ती BJP शासनकाल में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच के लिए गठित की गई है। मुख्यमंत्री सुक्खू के अनुसार यह समिति शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट जनता के सामने रखेगी।
अग्निपथ योजना से हिमाचल प्रदेश को क्यों नुकसान हुआ?
मुख्यमंत्री सुक्खू के अनुसार अग्निपथ योजना ने कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर जैसे सैन्य-बहुल जिलों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। हिमाचल में सेना भर्ती का कोटा कम होने से युवाओं में निराशा है और सुक्खू ने इसे चार परमवीर चक्र विजेताओं की भूमि के साथ अन्याय बताया।
हिमाचल विधानसभा में विपक्ष ने वॉकआउट क्यों किया?
रोज़गार के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे संसदीय मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए कहा कि स्पीकर ने प्रश्नकाल में लगभग आधे घंटे तक विस्तार से चर्चा का अवसर दिया था।
हिमाचल सरकार ने युवाओं के रोज़गार के लिए क्या किया है?
राज्य सरकार ने 1,300 पुलिस कॉन्स्टेबल की भर्ती पूरी की है और भविष्य में 1,000 और पद भरने की योजना है। सुक्खू ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
क्या हिमाचल सरकार BJP के सवालों का जवाब देने को तैयार है?
हाँ, मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट कहा कि सरकार विपक्ष के हर तीखे सवाल का तथ्यों के साथ जवाब देने को पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बहस में शामिल होने के बजाय वॉकआउट के बहाने ढूंढ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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