हिमाचल CM सुक्खू का BJP पर प्रहार: भ्रष्टाचार जाँच के लिए श्वेत पत्र समिति जल्द पेश करेगी तथ्य
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार, 25 अगस्त को शिमला विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने घोषणा की कि इन गड़बड़ियों की जाँच के लिए गठित 'श्वेत पत्र समिति' शीघ्र ही जनता के सामने सभी तथ्य रखेगी।
श्वेत पत्र समिति और भ्रष्टाचार के आरोप
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पिछली BJP सरकार के कार्यकाल में हुई वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल के लिए राज्य सरकार ने श्वेत पत्र समिति का गठन किया है। उनके अनुसार यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी, जिसमें पिछले शासनकाल की गड़बड़ियों का पूरा लेखा-जोखा होगा। सुक्खू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे 'बिना मुद्दे की राजनीति' कर रहे हैं।
विपक्ष के वॉकआउट पर सुक्खू की आपत्ति
रोज़गार के मुद्दे पर विपक्ष के सदन से बाहर जाने पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान इस विषय पर लगभग आधे घंटे तक विस्तार से चर्चा हुई थी और स्पीकर ने विपक्ष को सवाल पूछने का पर्याप्त अवसर दिया था।
सुक्खू ने कहा, 'इसके बावजूद, नियमों से हटकर और अतिरिक्त सवाल पूछने पर ज़िद करना और फिर सदन से बाहर चले जाना संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ताधारी पार्टी किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने या जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी।
अग्निपथ योजना पर हिमाचल की चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से हिमाचल प्रदेश को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उनके अनुसार इस योजना ने कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर जैसे सैन्य-बहुल जिलों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। सुक्खू ने अग्निपथ योजना को चार परमवीर चक्र विजेताओं की भूमि हिमाचल और देश के सैनिकों के साथ अन्याय बताया, और सेना में नियमित भर्ती के लिए अपना समर्थन दोहराया।
रोज़गार और पुलिस भर्ती
युवाओं को रोज़गार देने के संदर्भ में सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार ने 1,300 पुलिस कॉन्स्टेबल की भर्ती पूरी कर ली है और भविष्य में 1,000 और पद भरे जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सदन में आगे का एजेंडा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में अभी स्वास्थ्य, रोज़गार और जन कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा होनी बाकी है। उन्होंने विपक्ष से बहस में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा, 'सरकार विपक्ष के हर तीखे सवाल का सामना करने और तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस में शामिल होने के बजाय बाहर जाने के बहाने ढूंढ रहा है।' आने वाले दिनों में श्वेत पत्र समिति की रिपोर्ट और पुलिस भर्ती प्रक्रिया राज्य की राजनीति में केंद्रीय मुद्दे बने रहेंगे।