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झारखंड: रांची, गिरिडीह, हजारीबाग में छात्र-जेएमएम झड़प, हेमंत सोरेन का पुतला दहन के दौरान टकराव

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झारखंड: रांची, गिरिडीह, हजारीबाग में छात्र-जेएमएम झड़प, हेमंत सोरेन का पुतला दहन के दौरान टकराव

सारांश

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन 21 अगस्त को रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में हिंसक टकराव में बदल गया। हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुँचे छात्रों और जेएमएम कार्यकर्ताओं में झड़प हुई, पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

मुख्य बातें

21 अगस्त को रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में एक साथ छात्रों और जेएमएम कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।
छात्र नेता कुणाल सिंह को रांची में पुलिस ने हिरासत में लिया; पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
राज्य सरकार ने 18 अगस्त को 22 भर्ती प्रक्रियाएँ रद्द , 6 स्थगित और 17 को जाँच के दायरे में रखा था।
उच्च न्यायालय ने कुछ मामलों में सरकार के रद्दीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगाई है।
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्रों पर जेएमएम के कथित हमले को 'लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन' बताया।

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहा छात्र आंदोलन 21 अगस्त, शुक्रवार को हिंसक मोड़ पर आ गया, जब रांची, गिरिडीह और हजारीबाग — तीनों शहरों में एक साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुँचे छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। रांची में पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और छात्र नेता कुणाल सिंह को हिरासत में लिया गया।

रांची में कैसे भड़की झड़प

रांची के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक और चडरी तालाब के निकट शुक्रवार शाम तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब जेपीएससी रिफॉर्म्स मंच से जुड़े छात्र पुतला दहन के लिए अल्बर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ रहे थे। बताया जा रहा है कि चडरी तालाब के पास पहले से तैनात जेएमएम समर्थकों ने छात्रों के प्रदर्शन का विरोध किया और मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने स्थिति को काबू करने में काफी मशक्कत की और छात्र नेता कुणाल सिंह को हिरासत में ले लिया।

गिरिडीह और हजारीबाग में भी टकराव

गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र स्थित झंडा मैदान में भी छात्रों और जेएमएम कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ। छात्र जेएसएससी-सीजीएल समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में पुतला दहन करने पहुँचे थे। छात्रों का आरोप है कि पुतला दहन शुरू होने से पहले ही जेएमएम कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात कही जा रही है, हालाँकि पुलिस या प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हजारीबाग में भी इसी तरह की झड़प की सूचना मिली है।

भर्ती विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार ने 18 अगस्त को 22 भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने, 6 को स्थगित करने और 17 अन्य को जाँच के दायरे में रखने का बड़ा फैसला किया था। इसके बाद 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, फूड सेफ्टी ऑफिसर और अन्य नियुक्तियों से जुड़े मामलों में अभ्यर्थी उच्च न्यायालय पहुँच गए। अदालत ने कुछ मामलों में सरकार के रद्दीकरण आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। छात्रों का आरोप है कि हाईकोर्ट में सरकार की ओर से अपने ही रद्दीकरण आदेश का मजबूती से बचाव नहीं किया गया, जिससे उनमें रोष और बढ़ा।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इन झड़पों को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जेएमएम समर्थकों ने हमला किया और इसे 'लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास' करार दिया। मरांडी ने पुलिस प्रशासन से घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की माँग की और कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से करना चाहिए।

आगे क्या होगा

घटना के बाद तीनों शहरों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतज़ार है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जाँच की संभावना जताई जा रही है। छात्र संगठनों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है और सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग दोहराई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हाईकोर्ट में उसी आदेश का 'कमज़ोर बचाव' छात्रों की नाराज़गी को और हवा दे रहा है। सत्तारूढ़ दल के समर्थकों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित हमला — अगर सीसीटीवी फुटेज से साबित होता है — तो यह सरकार के लिए राजनीतिक रूप से कहीं अधिक महँगा पड़ सकता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में छात्र आंदोलन किस बात को लेकर है?
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। राज्य सरकार ने 18 अगस्त को 22 भर्ती प्रक्रियाएँ रद्द कीं, 6 स्थगित कीं और 17 को जाँच के दायरे में रखा, जिसके बाद अभ्यर्थी उच्च न्यायालय भी पहुँचे।
रांची में छात्र-जेएमएम झड़प कैसे हुई?
जेपीएससी रिफॉर्म्स मंच के छात्र अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने जा रहे थे। चडरी तालाब के पास जेएमएम समर्थकों ने पुतला छीन लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
हाईकोर्ट ने भर्ती रद्दीकरण पर क्या फैसला दिया है?
उच्च न्यायालय ने कुछ मामलों में सरकार के रद्दीकरण आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। छात्रों का आरोप है कि अदालत में सरकार ने अपने ही आदेश का मजबूती से बचाव नहीं किया।
भाजपा ने इस घटना पर क्या कहा?
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जेएमएम समर्थकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमला किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए पुलिस से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
रांची में पुलिस ने छात्र नेता कुणाल सिंह को हिरासत में लिया है। गिरिडीह और हजारीबाग की घटनाओं के संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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