झारखंड: रांची, गिरिडीह, हजारीबाग में छात्र-जेएमएम झड़प, हेमंत सोरेन का पुतला दहन के दौरान टकराव
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहा छात्र आंदोलन 21 अगस्त, शुक्रवार को हिंसक मोड़ पर आ गया, जब रांची, गिरिडीह और हजारीबाग — तीनों शहरों में एक साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुँचे छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। रांची में पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और छात्र नेता कुणाल सिंह को हिरासत में लिया गया।
रांची में कैसे भड़की झड़प
रांची के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक और चडरी तालाब के निकट शुक्रवार शाम तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब जेपीएससी रिफॉर्म्स मंच से जुड़े छात्र पुतला दहन के लिए अल्बर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ रहे थे। बताया जा रहा है कि चडरी तालाब के पास पहले से तैनात जेएमएम समर्थकों ने छात्रों के प्रदर्शन का विरोध किया और मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने स्थिति को काबू करने में काफी मशक्कत की और छात्र नेता कुणाल सिंह को हिरासत में ले लिया।
गिरिडीह और हजारीबाग में भी टकराव
गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र स्थित झंडा मैदान में भी छात्रों और जेएमएम कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ। छात्र जेएसएससी-सीजीएल समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में पुतला दहन करने पहुँचे थे। छात्रों का आरोप है कि पुतला दहन शुरू होने से पहले ही जेएमएम कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात कही जा रही है, हालाँकि पुलिस या प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हजारीबाग में भी इसी तरह की झड़प की सूचना मिली है।
भर्ती विवाद की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार ने 18 अगस्त को 22 भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने, 6 को स्थगित करने और 17 अन्य को जाँच के दायरे में रखने का बड़ा फैसला किया था। इसके बाद 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, फूड सेफ्टी ऑफिसर और अन्य नियुक्तियों से जुड़े मामलों में अभ्यर्थी उच्च न्यायालय पहुँच गए। अदालत ने कुछ मामलों में सरकार के रद्दीकरण आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। छात्रों का आरोप है कि हाईकोर्ट में सरकार की ओर से अपने ही रद्दीकरण आदेश का मजबूती से बचाव नहीं किया गया, जिससे उनमें रोष और बढ़ा।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इन झड़पों को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जेएमएम समर्थकों ने हमला किया और इसे 'लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास' करार दिया। मरांडी ने पुलिस प्रशासन से घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की माँग की और कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से करना चाहिए।
आगे क्या होगा
घटना के बाद तीनों शहरों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतज़ार है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जाँच की संभावना जताई जा रही है। छात्र संगठनों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है और सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग दोहराई है।