22 अगस्त 2026
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जेपीएससी छात्रों पर लाठीचार्ज: चंपई सोरेन की चेतावनी — झारखंड सरकार की तानाशाही नहीं सहेगी भाजपा

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जेपीएससी छात्रों पर लाठीचार्ज: चंपई सोरेन की चेतावनी — झारखंड सरकार की तानाशाही नहीं सहेगी भाजपा

सारांश

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में छात्र आंदोलन हिंसक हो गया। भाजपा नेता चंपई सोरेन ने झारखंड सरकार को चेतावनी दी कि अत्याचार जारी रहा तो हालात गृहयुद्ध जैसे हो सकते हैं — और भाजपा चुप नहीं बैठेगी।

मुख्य बातें

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में रांची , गिरिडीह और हजारीबाग में छात्र आंदोलन हिंसक हुआ।
छात्रों और JMM समर्थकों के बीच झड़प के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने चेतावनी दी — अत्याचार जारी रहा तो हालात गृहयुद्ध जैसे हो सकते हैं।
भाजपा नेता ने झारखंड सरकार पर 'नौकरी बेचने' और JPSC रद्द करने का आरोप लगाया।
चंपई सोरेन ने छात्रों के अनुशासन की सराहना की और इस आंदोलन को गैर-राजनीतिक रोज़गार संघर्ष बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने 22 अगस्त को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) उत्तीर्ण छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और मारपीट की कड़ी निंदा करते हुए झारखंड सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि भाजपा इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों पर अत्याचार जारी रहा तो हालात गृहयुद्ध जैसे हो सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन शुक्रवार को हिंसक रूप ले गया। रांची, गिरिडीह और हजारीबाग — तीनों जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुँचे छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

चंपई सोरेन का बयान

चंपई सोरेन ने कहा, 'इस तरह से काम न करें, वरना विरोध-प्रदर्शन बढ़ेंगे और हालात गृहयुद्ध जैसे हो सकते हैं।' उन्होंने छात्रों के संयम की सराहना करते हुए कहा कि छात्र और युवा बेहद अनुशासित रहे — उनके पास जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि लोगों को जबरन झंडे देकर लाया गया और छात्रों की पिटाई के लिए उनका इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा, 'यह कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है — यह रोज़गार के लिए संघर्ष है, एक गैर-राजनीतिक आंदोलन।'

सरकार पर भाजपा के आरोप

चंपई सोरेन ने झारखंड सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों के साथ छल करते हुए 'नौकरी बेचने का काम' किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि JPSC को रद्द करने की आखिर क्या ज़रूरत थी और इसे झारखंड सरकार की बढ़ती तानाशाही का प्रमाण बताया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा विपक्ष की भूमिका में है और छात्रों पर अत्याचार होने पर चुप नहीं बैठेगी — हर जगह विरोध होगा।

आम जनता और छात्रों पर असर

JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से राज्य के हज़ारों युवा प्रभावित हैं, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। यह आंदोलन अब केवल परीक्षा सुधार की माँग तक सीमित नहीं रहा — यह झारखंड में युवा बेरोज़गारी और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का व्यापक सवाल बन चुका है।

क्या होगा आगे

भाजपा के तेवर और छात्र आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है। यह देखना अहम होगा कि हेमंत सोरेन सरकार छात्रों की माँगों पर कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं, क्योंकि आने वाले दिनों में यह मुद्दा झारखंड की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता का है — जो झारखंड के हज़ारों युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ा है। यह पहली बार नहीं है जब राज्य में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हों; बार-बार की इन विफलताओं ने सरकारी भर्ती तंत्र में युवाओं का भरोसा कमज़ोर किया है। भाजपा का विपक्षी आक्रामकता दिखाना स्वाभाविक है, लेकिन जब तक परीक्षा सुधार और पारदर्शी भर्ती के ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आते, यह बहस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक ही सिमटी रहेगी।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी छात्र आंदोलन क्यों हिंसक हुआ?
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने निकले थे, जहाँ JMM समर्थकों से उनकी झड़प हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यह घटना रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में एक साथ हुई।
चंपई सोरेन ने 'गृहयुद्ध' जैसे हालात की बात क्यों कही?
भाजपा नेता चंपई सोरेन ने झारखंड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों पर अत्याचार जारी रहा तो विरोध-प्रदर्शन और तेज़ होंगे और हालात गृहयुद्ध जैसे हो सकते हैं। उनका यह बयान पुलिस लाठीचार्ज और JMM समर्थकों द्वारा कथित मारपीट की प्रतिक्रिया में आया।
JPSC को रद्द क्यों किया गया और इसका छात्रों पर क्या असर पड़ा?
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के चलते JPSC प्रक्रिया रद्द की गई, जिससे परीक्षा उत्तीर्ण हज़ारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। चंपई सोरेन ने इसे सरकार द्वारा 'छात्रों के साथ छल' और 'नौकरी बेचने' का मामला बताया।
भाजपा इस मामले में क्या भूमिका निभा रही है?
भाजपा इस आंदोलन में विपक्षी दल की भूमिका में है और चंपई सोरेन ने स्पष्ट किया कि पार्टी झारखंड सरकार की 'तानाशाही' के खिलाफ हर जगह विरोध करेगी। हालाँकि, उन्होंने इस संघर्ष को गैर-राजनीतिक और रोज़गार-केंद्रित बताया।
इस आंदोलन का झारखंड की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
JPSC-JSSC विवाद झारखंड में युवा बेरोज़गारी और भर्ती पारदर्शिता का बड़ा मुद्दा बन चुका है। यदि हेमंत सोरेन सरकार छात्रों की माँगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तो यह मुद्दा आगामी राजनीतिक गतिविधियों में भाजपा के लिए प्रमुख हथियार बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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