2 अगस्त 2026
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सेंथिल बालाजी छठे दिन भी त्रिप्लिकेन थाने पहुंचे, बोले- 'हर आरोप का कानूनी जवाब दूंगा'

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सेंथिल बालाजी छठे दिन भी त्रिप्लिकेन थाने पहुंचे, बोले- 'हर आरोप का कानूनी जवाब दूंगा'

सारांश

DMK विधायक सेंथिल बालाजी ने छठे दिन भी त्रिप्लिकेन थाने में हाजिरी दी — TVK 'हॉर्स ट्रेडिंग' मामले में FIR में नाम न होने का दावा करते हुए। सर्वोच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत हासिल कर चुके बालाजी ने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया और सभी मामलों को अदालत में चुनौती देने का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

सेंथिल बालाजी लगातार छठे दिन , 1 अगस्त 2026 को, चेन्नई के त्रिप्लिकेन डी1 पुलिस स्टेशन में अग्रिम जमानत शर्त के तहत उपस्थित हुए।
यह मामला तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक विधायक से जुड़ी कथित 'हॉर्स ट्रेडिंग' से संबंधित है; बालाजी का दावा है कि FIR में उनका नाम नहीं है।
सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय के एक अलग मामले में सर्वोच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत हासिल की।
बालाजी ने सरकार पर जनकल्याण छोड़ राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कानूनी रणनीति के लिए अधिवक्ताओं से परामर्श हेतु समय मांगने की याचिका भी दाखिल की है।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) विधायक और तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी लगातार छठे दिन, 1 अगस्त 2026 को, चेन्नई के त्रिप्लिकेन डी1 पुलिस स्टेशन में उपस्थित हुए और अग्रिम जमानत की शर्त के तहत रजिस्टर में हस्ताक्षर किए। यह उपस्थिति तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक विधायक से जुड़ी कथित 'हॉर्स ट्रेडिंग' के मामले से संबंधित है। थाने से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे और अदालत में साबित करेंगे कि उनके विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।

मुख्य घटनाक्रम

सेंथिल बालाजी ने स्पष्ट किया कि TVK विधायक को प्रभावित करने के प्रयास के संबंध में दर्ज FIR में उनका नाम शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले का सामना कानूनी तरीके से करेंगे और किसी भी दबाव में नहीं आएंगे। त्रिप्लिकेन डी1 थाने में रिपोर्ट करना और रजिस्टर में हस्ताक्षर करना उनकी अग्रिम जमानत की शर्तों का हिस्सा है, जिसका वह नियमित रूप से पालन कर रहे हैं।

सतर्कता विभाग का मामला और सुप्रीम कोर्ट से राहत

पूर्व मंत्री ने बताया कि सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय ने उनके विरुद्ध एक अलग मामला दर्ज किया है, जिसके तहत उनके ठिकानों पर तलाशी भी ली गई थी। इस मामले में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया और अग्रिम जमानत हासिल करने में सफल रहे। उन्होंने यह भी बताया कि अग्रिम जमानत की कार्यवाही और आगे की कानूनी रणनीति पर विचार करने के लिए उन्होंने अपने अधिवक्ताओं से परामर्श हेतु समय मांगने की याचिका भी दाखिल की है।

सरकार पर राजनीतिक निशाना

DMK नेता ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता देने के बजाय उनके विरुद्ध मामले दर्ज करने में व्यस्त है। उन्होंने कहा, 'एक रचनात्मक सरकार को लोगों की शिकायतें दूर करने और कल्याणकारी योजनाएं लागू करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामले दर्ज करने में समय बिताना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार कानूनी कार्यवाही और जांच के जरिए उन्हें निशाना बना रही है।

आगे की कानूनी रणनीति

सेंथिल बालाजी ने दोहराया कि वह अग्रिम जमानत की समस्त शर्तों का पालन करते हुए सभी मामलों को उचित अदालतों में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि कानून के तहत उपलब्ध हर विकल्प का उपयोग करने के लिए वह पूरी तरह तैयार हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में सत्तारूढ़ DMK और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सेंथिल बालाजी का लगातार थाने में उपस्थित होना और मीडिया से मुखर होकर बोलना एक सुनियोजित कानूनी-राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। गौरतलब है कि वह पहले भी धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद जमानत पर बाहर आए थे। आलोचकों का कहना है कि यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में विधायकों की निष्ठा को लेकर गहरे सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें उनका नाम FIR में न होने का दावा है, राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और तमिलनाडु विधानसभा की स्थिरता पर व्यापक सवाल उठाता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि इन मामलों की परिणति अंततः अदालतों में होगी, न कि थाने की सीढ़ियों पर दिए गए बयानों में।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेंथिल बालाजी को त्रिप्लिकेन थाने में रोज़ाना हाजिरी क्यों देनी पड़ रही है?
यह अग्रिम जमानत की एक शर्त है जिसके तहत उन्हें चेन्नई के त्रिप्लिकेन डी1 पुलिस स्टेशन में नियमित रूप से रिपोर्ट करना और रजिस्टर में हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। 1 अगस्त 2026 को वह लगातार छठे दिन इस शर्त का पालन करने पहुंचे।
TVK विधायक से जुड़ी 'हॉर्स ट्रेडिंग' का मामला क्या है?
यह मामला तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक विधायक को कथित तौर पर प्रभावित करने के प्रयास से जुड़ा है। सेंथिल बालाजी का दावा है कि इस संबंध में दर्ज FIR में उनका नाम शामिल नहीं है।
सतर्कता विभाग के मामले में सेंथिल बालाजी की क्या स्थिति है?
सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय द्वारा दर्ज एक अलग मामले में उनके ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। इस मामले में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया और अग्रिम जमानत हासिल की।
सेंथिल बालाजी ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
DMK नेता ने आरोप लगाया कि सरकार जनकल्याण और लोगों की शिकायतें दूर करने के बजाय उनके विरुद्ध बार-बार कानूनी कार्यवाही और जांच के जरिए उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि एक रचनात्मक सरकार को राजनीतिक विरोधियों पर नहीं, बल्कि कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
सेंथिल बालाजी आगे क्या कदम उठाएंगे?
उन्होंने अपने अधिवक्ताओं से परामर्श के लिए समय मांगने की याचिका दाखिल की है और सभी मामलों को उचित अदालतों में कानूनी रूप से चुनौती देने का संकल्प दोहराया है। वह अग्रिम जमानत की शर्तों का पालन करते हुए कानून के तहत उपलब्ध सभी विकल्पों का उपयोग करने की बात कह रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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