असम: मेथामफेटामाइन तस्करी में तीन दोषियों को 15 साल की कठोर कैद, ₹2-2 लाख जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी की कामरूप (मेट्रो) जिले की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 3 सितंबर 2026 को तीन ड्रग तस्करों को 2.146 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट की तस्करी के दोष में 15 साल की कठोर कैद और प्रत्येक पर ₹2 लाख का जुर्माना सुनाया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की गुवाहाटी जोनल यूनिट द्वारा अक्टूबर 2020 में दर्ज इस मामले का फैसला लगभग छह साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है।
मुख्य घटनाक्रम
14 अक्टूबर 2020 को NCB की गुवाहाटी यूनिट को विशेष सूचना मिली, जिसके बाद एजेंसी ने गुवाहाटी के सिक्स माइल-खानापारा इलाके में वीआईपी रोड पर रहमान हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के निकट छापा मारा। इस कार्रवाई में टैबलेट स्वरूप में 2.146 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की गई।
बरामद प्रतिबंधित सामान तीन व्यक्तियों के पास से मिला — मणिपुर के शकील खान और मोहम्मद याहिया खान, तथा बिहार के मिथिलेश कुमार। तीनों को उसी दिन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।
आरोप-पत्र और मुकदमा
जाँच पूरी होने के बाद NCB ने 8 अप्रैल 2021 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश ने सभी साक्ष्यों की समीक्षा की और तीनों आरोपियों को NDPS अधिनियम की धाराओं 22(C), 28, 29, 35 और 54 के तहत दोषी ठहराया। यह मामला अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क की ओर संकेत करता है, क्योंकि दोषी मणिपुर और बिहार — दो अलग-अलग राज्यों — से थे।
अदालत का फैसला
3 सितंबर को सुनाए गए फैसले में अदालत ने शकील खान, मोहम्मद याहिया खान और मिथिलेश कुमार — तीनों में से प्रत्येक को — 15 साल की कठोर कैद और ₹2 लाख का जुर्माना लगाया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना न चुकाने की स्थिति में प्रत्येक दोषी को एक अतिरिक्त वर्ष की जेल भुगतनी होगी।
NCB की प्रतिक्रिया
NCB ने इस फैसले को संगठित ड्रग तस्करी के विरुद्ध न्यायिक प्रणाली की सख्त प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। एजेंसी के अनुसार यह निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ निरंतर और कठोर कार्रवाई की जरूरत है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत — विशेषकर असम — 'गोल्डन ट्राएंगल' से आने वाली मादक दवाओं के पारगमन मार्ग पर स्थित है, जिससे यह क्षेत्र मेथामफेटामाइन तस्करी के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है।
आगे की राह
यह फैसला असम में ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को नई गति दे सकता है। NCB की गुवाहाटी जोनल यूनिट पूर्वोत्तर में सक्रिय तस्करी नेटवर्क की जाँच जारी रखे हुए है, और यह दोषसिद्धि भविष्य के मामलों में एक मिसाल के रूप में काम कर सकती है।