अजमेर एनडीपीएस कोर्ट का बड़ा फैसला: अफीम तस्कर को 10 साल कठोर कारावास, ₹1 लाख जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
अजमेर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 12 जून 2026 को अंतरराज्यीय अफीम तस्करी के एक मामले में दोषी जावरीलाल पुत्र साहिराम, निवासी डांगियावास, जोधपुर (राजस्थान) को 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जयपुर जोनल यूनिट द्वारा दर्ज इस मामले को मादक पदार्थ नियंत्रण के मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण न्यायिक जीत माना जा रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
18 मई 2020 को NCB को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि ट्रक संख्या RJ-19 GC 0501 में अवैध अफीम की खेप ले जाई जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए NCB की टीम ने अजमेर स्थित गेगल टोल प्लाजा के निकट नाकाबंदी की।
19 मई 2020 को ट्रक की विधिसम्मत तलाशी के दौरान ईंधन टैंक के पास बनाए गए एक विशेष गुप्त खांचे का भंडाफोड़ हुआ। उस खांचे से 22 पैकेट बरामद किए गए, जिनमें कुल 40.850 किलोग्राम अफीम छिपाई गई थी।
तस्करी का नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह अवैध अफीम बिहार के शेरघाटी क्षेत्र से लाई गई थी और इसे राजस्थान के पाली पहुँचाया जाना था। दोषी जावरीलाल उक्त ट्रक का मालिक भी था। बाद में न्यायालय के आदेश पर उस ट्रक को MSTC के माध्यम से नीलाम कर दिया गया। यह मामला एक राज्य से दूसरे राज्य तक फैले मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क की कड़ी को उजागर करता है।
अदालत का फैसला
विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) अजमेर भानुकुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों की समीक्षा के बाद जावरीलाल को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ ₹1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। NCB के अनुसार, जयपुर जोनल यूनिट की प्रभावी जांच और सुदृढ़ अभियोजन इस दोषसिद्धि की नींव बने।
NCB का संदेश और हेल्पलाइन
NCB ने कहा कि यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि देश में मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्यूरो ने दोहराया कि वह नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ड्रग तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनता से अपील की गई है कि मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन या अवैध कारोबार से जुड़ी कोई भी सूचना मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर साझा की जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।