FBI के वांटेड मनजीत बेदी को जालंधर पुलिस ने दबोचा, अमेरिका में $6 लाख की SNAP धोखाधड़ी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक अहम अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में मनजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया है, जो अमेरिका में सरकारी खाद्य सहायता योजना (SNAP) में कथित तौर पर $6,00,000 (लगभग ₹5 करोड़) की धोखाधड़ी के आरोप में एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। आरोपी अप्रैल 2026 में अमेरिका से कनाडा होते हुए भारत फरार हो गया था, जहाँ उसे अंततः जालंधर में पकड़ा गया।
कौन है मनजीत सिंह बेदी
आरोपी की पहचान स्वर्गीय दीवान सिंह के पुत्र मनजीत सिंह बेदी, निवासी मकान नंबर 121/7, अमर नगर, गुलाब देवी रोड, जालंधर के रूप में हुई है। बेदी अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के टैकोमा (सिएटल) में एक एशियाई किराना स्टोर संचालित करता था।
धोखाधड़ी का तरीका
जाँच में सामने आया कि बेदी ने अमेरिकी सरकार की पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (SNAP) योजना का दुरुपयोग किया। इस योजना के तहत जरूरतमंद नागरिकों को EBT कार्ड के रूप में सरकारी लाभ दिए जाते हैं, जिनसे वे राशन खरीद सकते हैं।
आरोप है कि बेदी ग्राहकों को उनके EBT कार्ड पर उपलब्ध पूरी खाद्य सामग्री देने के बजाय आधी राशि नकद में थमा देता था और शेष राशि स्वयं हड़प लेता था। अधिकारियों के अनुसार, इस तरीके से उसने मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी सरकार को कथित तौर पर $6,00,000 का नुकसान पहुँचाया।
एफबीआई की कार्रवाई और फरार होने की कहानी
एफबीआई ने मामले की जाँच के बाद बेदी के खिलाफ वारंट जारी किया और उसे अपनी सबसे वांछित धोखेबाजों की सूची में शामिल किया। इसी दौरान बेदी अमेरिका से भागकर कनाडा पहुँचा और वहाँ से अप्रैल 2026 में भारत में प्रवेश कर गया।
भारत में उसके खिलाफ 16 मई 2026 को एफआईआर नंबर 103 दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) और 318(4) के साथ-साथ पंजाब यात्रा पेशेवर विनियमन अधिनियम की धारा 13 लगाई गई।
पुलिस की कार्रवाई
यह गिरफ्तारी पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह (IPS) के निर्देश पर और डीसीपी स्पेशल ब्रांच मनप्रीत सिंह की निगरानी में संपन्न हुई। गौरतलब है कि स्थानीय FIR की जाँच के दौरान ही पुलिस को इस मामले के अंतरराष्ट्रीय आयाम का पता चला, जिसके बाद विशेष शाखा को सक्रिय किया गया।
आगे की जाँच
जालंधर पुलिस अब बेदी के अंतरराष्ट्रीय यात्रा रिकॉर्ड, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की गहन जाँच कर रही है। पुलिस अमेरिकी अधिकारियों के साथ भी समन्वय में है और आरोपी की वांछित स्थिति की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। यह मामला भारत-अमेरिका कानून प्रवर्तन सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।