4 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

FBI के वांटेड मनजीत बेदी को जालंधर पुलिस ने दबोचा, अमेरिका में $6 लाख की SNAP धोखाधड़ी का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
FBI के वांटेड मनजीत बेदी को जालंधर पुलिस ने दबोचा, अमेरिका में $6 लाख की SNAP धोखाधड़ी का आरोप

सारांश

जालंधर पुलिस ने एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल मनजीत सिंह बेदी को दबोचा, जिस पर अमेरिका में SNAP खाद्य सहायता योजना में $6,00,000 की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोपी अप्रैल 2026 में अमेरिका से कनाडा होते हुए भारत फरार हुआ था।

मुख्य बातें

जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने मनजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया, जो एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।
आरोप है कि बेदी ने मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी SNAP योजना में $6,00,000 की धोखाधड़ी की।
आरोपी अप्रैल 2026 में अमेरिका से कनाडा होते हुए भारत फरार हुआ था।
भारत में 16 मई 2026 को BNS धारा 316(2), 318(4) और पंजाब यात्रा अधिनियम की धारा 13 के तहत FIR नंबर 103 दर्ज।
जालंधर पुलिस अमेरिकी अधिकारियों के साथ समन्वय कर बेदी के वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की जाँच कर रही है।

जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने एक अहम अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में मनजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया है, जो अमेरिका में सरकारी खाद्य सहायता योजना (SNAP) में कथित तौर पर $6,00,000 (लगभग ₹5 करोड़) की धोखाधड़ी के आरोप में एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। आरोपी अप्रैल 2026 में अमेरिका से कनाडा होते हुए भारत फरार हो गया था, जहाँ उसे अंततः जालंधर में पकड़ा गया।

कौन है मनजीत सिंह बेदी

आरोपी की पहचान स्वर्गीय दीवान सिंह के पुत्र मनजीत सिंह बेदी, निवासी मकान नंबर 121/7, अमर नगर, गुलाब देवी रोड, जालंधर के रूप में हुई है। बेदी अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के टैकोमा (सिएटल) में एक एशियाई किराना स्टोर संचालित करता था।

धोखाधड़ी का तरीका

जाँच में सामने आया कि बेदी ने अमेरिकी सरकार की पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (SNAP) योजना का दुरुपयोग किया। इस योजना के तहत जरूरतमंद नागरिकों को EBT कार्ड के रूप में सरकारी लाभ दिए जाते हैं, जिनसे वे राशन खरीद सकते हैं।

आरोप है कि बेदी ग्राहकों को उनके EBT कार्ड पर उपलब्ध पूरी खाद्य सामग्री देने के बजाय आधी राशि नकद में थमा देता था और शेष राशि स्वयं हड़प लेता था। अधिकारियों के अनुसार, इस तरीके से उसने मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी सरकार को कथित तौर पर $6,00,000 का नुकसान पहुँचाया।

एफबीआई की कार्रवाई और फरार होने की कहानी

एफबीआई ने मामले की जाँच के बाद बेदी के खिलाफ वारंट जारी किया और उसे अपनी सबसे वांछित धोखेबाजों की सूची में शामिल किया। इसी दौरान बेदी अमेरिका से भागकर कनाडा पहुँचा और वहाँ से अप्रैल 2026 में भारत में प्रवेश कर गया।

भारत में उसके खिलाफ 16 मई 2026 को एफआईआर नंबर 103 दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) और 318(4) के साथ-साथ पंजाब यात्रा पेशेवर विनियमन अधिनियम की धारा 13 लगाई गई।

पुलिस की कार्रवाई

यह गिरफ्तारी पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह (IPS) के निर्देश पर और डीसीपी स्पेशल ब्रांच मनप्रीत सिंह की निगरानी में संपन्न हुई। गौरतलब है कि स्थानीय FIR की जाँच के दौरान ही पुलिस को इस मामले के अंतरराष्ट्रीय आयाम का पता चला, जिसके बाद विशेष शाखा को सक्रिय किया गया।

आगे की जाँच

जालंधर पुलिस अब बेदी के अंतरराष्ट्रीय यात्रा रिकॉर्ड, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की गहन जाँच कर रही है। पुलिस अमेरिकी अधिकारियों के साथ भी समन्वय में है और आरोपी की वांछित स्थिति की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। यह मामला भारत-अमेरिका कानून प्रवर्तन सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा प्रत्यर्पण प्रक्रिया होगी — भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत मामले अक्सर वर्षों तक अदालतों में लंबित रहते हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि SNAP जैसी कल्याणकारी योजनाओं में धोखाधड़ी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में भारतीय मूल के व्यक्तियों की संलिप्तता के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जो प्रवासी समुदाय में वित्तीय जवाबदेही की व्यापक चुनौती को रेखांकित करते हैं।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनजीत सिंह बेदी को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है?
मनजीत सिंह बेदी पर अमेरिका में सरकारी SNAP (पूरक पोषण सहायता) योजना में कथित तौर पर $6,00,000 की धोखाधड़ी का आरोप है। एफबीआई ने उसके खिलाफ वारंट जारी कर उसे अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया था।
SNAP धोखाधड़ी कैसे की गई?
आरोप के अनुसार, बेदी अपने टैकोमा (सिएटल) स्थित किराना स्टोर में EBT कार्डधारक ग्राहकों को पूरी खाद्य सामग्री देने के बजाय आधी राशि नकद देता था और शेष राशि स्वयं रख लेता था। यह सिलसिला मार्च 2024 से जून 2025 तक चला।
बेदी भारत कैसे पहुँचा?
एफबीआई की जाँच शुरू होने के बाद बेदी अमेरिका से फरार होकर पहले कनाडा गया और वहाँ से अप्रैल 2026 में भारत में प्रवेश किया। जालंधर में उसके परिवार का पता होने के कारण वह यहाँ आया।
भारत में बेदी के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
भारत में 16 मई 2026 को FIR नंबर 103 दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) और 318(4) के साथ पंजाब यात्रा पेशेवर विनियमन अधिनियम की धारा 13 शामिल है।
अब आगे क्या होगा — क्या बेदी को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाएगा?
जालंधर पुलिस अमेरिकी अधिकारियों के साथ समन्वय में है और बेदी की वांछित स्थिति की पुष्टि कर रही है। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत होगी, जिसमें अदालती प्रक्रिया शामिल है। फिलहाल बेदी के वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले